Old Testament
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मत्ती 4:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
“जबूलून और नप्ताली के क्षेत्र, झील के मार्ग से यरदन के पास अन्यजातियों का गलील-
मत्ती 4:15 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मत्ती 4:15 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 9:1 (HINIRV) »
तो भी संकट-भरा अंधकार जाता रहेगा। पहले तो उसने जबूलून और नप्ताली के देशों का अपमान किया, परन्तु अन्तिम दिनों में ताल की ओर यरदन के पार की अन्यजातियों के गलील को महिमा देगा।

यहोशू 21:32 (HINIRV) »
और नप्ताली के गोत्र के भाग में से अपनी-अपनी चराइयों समेत खूनी के शरण नगर गलील का केदेश, फिर हम्मोतदोर, और कर्तान; ये तीन नगर दिए गए।

यहोशू 20:7 (HINIRV) »
और उन्होंने नप्ताली के पहाड़ी देश में गलील के केदेश को, और एप्रैम के पहाड़ी देश में शेकेम को, और यहूदा के पहाड़ी देश में किर्यतअर्बा को, (जो हेब्रोन भी कहलाता है) पवित्र ठहराया।
मत्ती 4:15 — तत्कालीन संदर्भ और संदेश
पद नीचे के भाग में, यह दर्शाता है कि प्रभु यीशु ने कहाँ से-का-का आरम्भ किया और वीकृत क्षेत्र कहाँ थे, ताकि वह प्रेरित होकर उद्धार के संदेश को गलील क्षेत्र में फैलाने जा सकें। यह आशीर्वादी क्षेत्र जूदेया के दक्षिणी क्षेत्र से अलग एक सांस्कृतिक, भौगोलिक और धार्मिक परिदृश्य प्रस्तुत करता है। यहाँ “झील के मार्ग से यरदन के पास” का संकेत है कि यरदन नदी के दोनों ओर के निवासियों तक यह संदेश पहुँचना था, विशेषकर नप्ताली और जबूलून के क्षेत्रों में स्थित गलील के भीतर।
यह पाठ भगवान के कार्य और विश्वास पर क्या प्रकट करता है
यहुष जानकारी देता है कि मसीह के आगमन से पहले, परमेश्वर की योजना विश्व की जातियों के लिए है—विशेषकर उन जगहों पर जो रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विविधताओं से भरे हुए हैं। गलील को अक्सर “पहुँचने योग्य” किनारे माना गया, जहाँ लोगों के अंतर्मन और जीवनशैली में वास्तविक बदलाव की आवश्यकता थी। यीशु के लिए पथ-प्रत्येक यह संकेत है कि वह सभी मानव पुत्रों के लिए उद्धार का संदेश लेकर आया है, न कि केवल एक विशिष्ट धार्मिक समूह तक सीमित।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
संबद्ध पवित्र ग्रंथ
कई क्रॉस-रेफरेंसेस इस दृष्य को पुख्ता करते हैं: मत्ती 3:5–9 में धार्मिक कर्म-काण्ड के बाहर आकर आत्म-परिवर्तन की आवश्यकता बताई गई; मत्ती 28:19–20 में सारे देशों और जातियों तक उद्धार का संदेश फैलाने की आज्ञा दी जाती है; यूहन्ना 1:46 में नप्ताली को निंदित न कर के, वहां से भी उद्धार की आशा दिखाई जाती है।
आज के संदर्भ में आवेदन
यीशु के लिए गलील का क्षेत्र चुनना यह सिखाता है कि उद्धार का संदेश केवल सच्चे राष्ट्रों या पवित्र सीटों तक सीमित नहीं—it must reach even seemingly ordinary places. आज हमें क्या करना चाहिए? अपने आस-पास के क्षेत्र में सत्य के प्रकाश को फैलाने, विविध पृष्ठभूमियों के लोगों के साथ प्रेम और समझ के साथ व्यवहार करने, और संदेश को हर कोने तक पहुँचाने का प्रयास। यह पाठ हमें यह भी याद दिलाता है कि ईश्वर की योजना पूरी मानवता के लिए है, और हमें उस योजना का भाग बनना है।
संक्षिप्त अनुशंसा
Cross-references: मत्ती 3:5–9; मत्ती 28:19–20; योहन्ना 1:46.
नोट: इस पंक्ति पर हिनिरव (HINIRV) अनुवाद के अनुसार नीचे उद्धृत कोई प्रत्यक्ष पवित्र-वाक्य नहीं है, परशुद्ध अर्थ और संदर्भ को ध्यान में रखते हुए ऊपर की बातों को समेटा गया है।
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