Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीमत्ती 4:12 बाइबल पद की व्याख्या
मत्ती 4:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जब उसने यह सुना कि यूहन्ना पकड़वा दिया गया, तो वह गलील को चला गया।
मत्ती 4:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मत्ती 4:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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मरकुस 1:14 (HINIRV) »
यूहन्ना के पकड़वाए जाने के बाद यीशु ने गलील में आकर परमेश्वर के राज्य का सुसमाचार प्रचार किया।

लूका 3:20 (HINIRV) »
इसलिए हेरोदेस ने उन सबसे बढ़कर यह कुकर्म भी किया, कि यूहन्ना को बन्दीगृह में डाल दिया।

मत्ती 14:3 (HINIRV) »
क्योंकि हेरोदेस ने अपने भाई फिलिप्पुस की पत्नी हेरोदियास के कारण, यूहन्ना को पकड़कर बाँधा, और जेलखाने में डाल दिया था।
मत्ती 4:12 पर टिप्पणी
यूहन्ना मसीह के समकाल में जेल में रखा गया था। यह समाचार यीशु के सम्मानमय आरम्भिक ministry के लिए एक बिंदु-रेखा है। वाक्य में कहा गया है कि जब यीशु ने यह सुना कि यूहन्ना पकड़वाया गया, तो वह गलील को चला गया। यह कदम एक स्पष्ट परिवर्तन का संकेत है: प्रभु का प्रचार-कार्य वास्तविक गति पाता है, और वह अपने सार्वजनिक सेवा-यात्रा के अगले चरण की ओर बढ़ते हैं, जिसे मसीह-यात्रा के रूप में जाना जाता है।
गौण परिभाषा और पाठ का उद्देश्य
यह पंक्ति चिह्नित करती है कि कैसे प्रभु जेसा ही प्रशासनिक बाधाओं से अवगत होते हैं, वह पुनः अवसर लेते हैं और अपने मिशन की दिशा तय करते हैं। यूहन्ना के गिरफ्तार होने की खबर से प्रेरित होकर यीशु गलील की ओर प्रवास करते हैं—जहाँ उनकी शिक्षाओं का प्रभाव और अधिक स्पष्ट होता है। यह दिखाता है कि प्रभु की पहचानी गई भूमिका समय-समय पर परिस्थितियों पर निर्भर नहीं रहती; वह अपने उद्देश्य के अनुरूप आगे बढ़ते हैं।
प्रमुख शब्दावली और छवि-समझ
Related passages (संलग्न पंक्तियाँ)
यशायाह-योग्यता से प्रेरित प्रचार— इसकी दिशा से संकेत मिलता है कि मसीह परमेश्वर के लिए एक नया आरम्भ लेकर आये हैं; यह गलील के लोगों के लिए उजाला और सत्य का संदेश है।
यूहन्ना 1:14-15— प्रकाश का समाज में प्रवेश और मसीह के आगमन की योजना का उद्घोष का क्रम; यह भी दर्शाता है कि कैसे प्रभु के प्रवास उनके आह्वान के अनुरूप होता है।
यूहन्ना 4:43-45— गलील के लोगों के बीच विश्वास का परिचय, जहां यीशु अपनेमिशन को स्पष्ट करते हैं।
पहला-आधार: ईश्वर पर विश्वास की प्रवृत्ति
यह घटना अस्थाई कठिनाई के बावजूद- या यूँ कहें, बाधाओं के बावजूद- प्रभु के विश्वासी-निर्माण की योजनाओं को गति देती है। भगवान के उद्देश्यों के लिए हमारे दिलों में धैर्य और चपलता आवश्यक है।
आज के जीवन में अनुप्रयोग
संक्षेप सार
यूहन्ना के गिरफ्तारी की खबर यीशु के गलील के लिए प्रस्थान के लिए एक प्रेरक मोड़ बनती है। यह पाठ यह सिखाता है कि प्रभु समय के अनुसार अपने मिशन की दिशा तय करते हैं और हमारे लिए भी उनके कदमों पर चलना संभव है जब हम विश्वास और निर्भरता बनाए रखते हैं।
संदर्भ उद्धरण (महत्वपूर्ण टिप्पणी)
यदि आप चाहें, तो नीचे के संक्षिप्त उद्धरणों से प्रेरणा लें:
नोट: नीचे उद्धृत कथनों में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के कुछ स्पष्ट उच्चारण संक्षेपित रूप में शामिल हैं—यदि उपलब्ध हों, तो वे चर्चा के भीतर सीधे उद्धरण के रूप में प्रस्तुत होंगे।