Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीमत्ती 4:17 बाइबल पद की व्याख्या
मत्ती 4:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उस समय से यीशु ने प्रचार करना और यह कहना आरम्भ किया, “मन फिराओ क्योंकि स्वर्ग का राज्य निकट आया है।”
मत्ती 4:17 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
मत्ती 4:17 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

मरकुस 1:14 (HINIRV) »
यूहन्ना के पकड़वाए जाने के बाद यीशु ने गलील में आकर परमेश्वर के राज्य का सुसमाचार प्रचार किया।

प्रेरितों के काम 2:38 (HINIRV) »
पतरस ने उनसे कहा, “मन फिराओ, और तुम में से हर एक अपने-अपने पापों की क्षमा के लिये यीशु मसीह के नाम से बपतिस्मा ले; तो तुम पवित्र आत्मा का दान पाओगे।

मतलीनिर्देशन: मत्ती 4:17 का संक्षिप्त अर्थ
यीशु ने यहाँ आरम्भिक प्रचार में स्पष्ट किया कि लोक के लिए उद्धार का समय निकट है; मन बदलो, भरोसा करो, क्योंकि स्वर्ग का राज्य आ पहुँचा है।
संदर्भीय पृष्ठभूमि
चमत्कारिक फ़िलिस्ती राज्य के बीच, बपतिस्मा के बाद यीशु ने Galilee की नयी सभा में पदार्पण किया। यह वक्त घटना उस बड़े परिवर्तन की घोषणा है जो परमेश्वर के राज की सत्ता को पृथ्वी पर स्थापित करने के लिए आरम्भ होता है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
थीमेटिक बिंदु
अनुबंधित क्रॉस-रेफरेंस
1) म Luke 5:32 — उद्धार के उद्देश्य के साथ यह संदेश समझाया गया है कि पापों से चंगा होने के लिए परिवर्तन आवश्यक है।
2) Acts 14:22 — प्रेरितों की शिक्षाओं में “ख़ुद बदलाव के द्वारा परमेश्वर के राज्य के प्रवेश” पर बल है।
3) Isaiah 40:9-11 — पुरानी प्रतिज्ञाओं में राजा के राज्य का आगमन और उद्धार की सूचना मिलती है, जिसे यीशु में पूरा किया गया है।
संक्षिप्त व्यवहारिक निष्कर्ष
सारांश
मत्ती 4:17 में यीशु ने स्पष्ट किया कि उद्धार का सुसमाचार केवल भविष्य की प्रतीक्षा नहीं, बल्कि अभी और यहां पर प्रभाव डालना शुरू हो गया है। मन को पलटकर परमेश्वर के राज्य के लिए तैयार रहना उसी परिवर्तन की धुरी है जो नयी जीवन-शैली और आशीर्वादों की कुंजी है।
उद्धरण नोट: नीचे दिए गए तीन समानांतर पाठों से संकल्प की प्रेरणा मिलती है—हालाँकि इन उद्धरणों के संपूर्ण टेक्स्ट नहीं दिए जाते, उनका संदेश एक समान है: परिवर्तन, विश्वास और राज्य की निकटता।