Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीमत्ती 4:14 बाइबल पद की व्याख्या
मत्ती 4:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
ताकि जो यशायाह भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हो।
मत्ती 4:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मत्ती 4:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 9:1 (HINIRV) »
तो भी संकट-भरा अंधकार जाता रहेगा। पहले तो उसने जबूलून और नप्ताली के देशों का अपमान किया, परन्तु अन्तिम दिनों में ताल की ओर यरदन के पार की अन्यजातियों के गलील को महिमा देगा।

मत्ती 1:22 (HINIRV) »
यह सब कुछ इसलिए हुआ कि जो वचन प्रभु ने भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था, वह पूरा हो (यशा. 7:14)

मत्ती 8:17 (HINIRV) »
ताकि जो वचन यशायाह भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था वह पूरा हो: “उसने आप हमारी दुर्बलताओं को ले लिया और हमारी बीमारियों को उठा लिया।” (1 पत. 2:24)
मत्ती 4:14 — तुरंत संदर्भ और उपचार
यह पाठ गलील की शुरुआत में आता है जब यीशु अपने प्रचार-कार्य के लिए पवित्रशास्त्र के अनुकूल तरीके से शुरू करते हैं। यह बताता है कि यह घटित घटना आयतों की पूरी पूर्ति के लक्ष्य से जुड़ी है — यशायाह के भविष्यवचन के साथ एक एकजुट कथा।
पंक्तिबद्ध सेटिंग — तत्काल संदर्भ
यह पद मानसिक रूप से इस बात को स्थापित करता है कि यीशु के आना का उद्देश्य पुराने अभिलेख—यशायाह—में भविष्यवाणी के अनुसार था, ताकि अंधेरी रात के बाद प्रकाश आए। यह मसीह के जीवन की पूर्ति का एक निर्णायक संकेत है: परमेश्वर की योजना के अनुसार, उद्धारकारी कदम उठे।
ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ से मिलने वाला संकेत
यह पंक्ति यह संकेत करती है कि परमेश्वर के कार्यक्रम में विश्वास एक पक्का हिस्सा है—यही कारण है कि प्रभु का आना और उनका कार्य पुरानी भविष्यवाणियों के अनुरूप है। यह विश्वास को यकीन देने वाला संदेश है कि ईश्वर अपने वचनों को पूरी तरह से निभाते हैं और उनके वादे विश्वसनीय हैं।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की व्याख्या
संबंधपूर्ण प्रकरण
1) यशायाह 9:1-2: अन्धकार में आने वाले प्रकाश का उल्लेख, जो मसीह के आगमन से जुड़ता है।
2) मत्ती 1:22-23: यीशु के जन्म की घटना को भविष्यवाणी से जोड़ना।
3) मत्ती 5:17: यीशु के उद्देश्य को कानून-नियम और भविष्यवाणियों के पूर्ति के रूप में समझना।
आज के समय में अनुप्रयोग
- विश्वास में स्थायित्व: परमेश्वर के वादे समय से पहले नहीं जाते; वे हर स्थिति में पूरे होते हैं।
- उद्धार के मार्ग की अपेक्षा: पुराने वचनों की पूर्ति के प्रति जागरूकता हमें मसीह के कार्य को केंद्र में रखने के लिए प्रेरित करती है।
संक्षिप्त संयुक्त सार
यह यथार्थ है कि यीशु का आना और उनका प्रचार-कार्य पुराने लेखों के साथ एक सुसंगत पूर्ति है। मैथ्यू के अनुसार, यह प्रमाण देता है कि परमेश्वर की योजना समय पर पूरी होती है और विश्वासियों का दायित्व है कि वे इस पूर्ति में भागीदार बनें।
cross-references और छोटा स्पष्ट विवरण
- यशायाह 9:1-2 — अंधकार के बीच प्रकाश का आगमन; मसीह के आगमन का पूर्व-संकेत।
- मत्ती 1:22-23 — जन्म के वक्त की पूर्ति की पुष्टि।
- मत्ती 5:17 — कानून और भविष्यवाणी की पूर्ति में यीशु का उद्देश्य।
योगदान: इस पाठ की मूल धारण यह है कि ईश्वर हर वचन को सच्चे समय पर निभाते हैं; हमारा विश्वास इसी वचन-निर्भरता पर टिका रहता है।