Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीमत्ती 4:21 बाइबल पद की व्याख्या
मत्ती 4:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और वहाँ से आगे बढ़कर, उसने और दो भाइयों अर्थात् जब्दी के पुत्र* याकूब और उसके भाई यूहन्ना को अपने पिता जब्दी के साथ नाव पर अपने जालों को सुधारते देखा; और उन्हें भी बुलाया।
मत्ती 4:21 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
मत्ती 4:21 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

मरकुस 3:17 (HINIRV) »
और जब्दी का पुत्र याकूब, और याकूब का भाई यूहन्ना, जिनका नाम उसने बुअनरगिस*, अर्थात् गर्जन के पुत्र रखा।

मत्ती 10:2 (HINIRV) »
इन बारह प्रेरितों* के नाम ये हैं पहला शमौन, जो पतरस कहलाता है, और उसका भाई अन्द्रियास; जब्दी का पुत्र याकूब, और उसका भाई यूहन्ना;

मरकुस 1:19 (HINIRV) »
और कुछ आगे बढ़कर, उसने जब्दी के पुत्र याकूब, और उसके भाई यूहन्ना को, नाव पर जालों को सुधारते देखा।
सीधे अर्थ की स्पष्ट पहचान
मत्ती 4:21 में कथा कहती है कि यीशु जब दूसरे जालेदारों को बुलाते हैं, तब वह इब्राहीमक पृष्ठभूमि से आये दो भाइयों, याकूब और यूहन्ना को अपने पिता के साथ नावों पर जाल सुधारते देखकर बुलाते हैं। इसका मतलब है कि यीशु ने वे दोनों भाइयों को उनकी कार्य-स्थिती के बीच से चुना, उनके अवसर और सेवकाई को ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया।
संदर्भ पृष्ठभूमि
यह घटना मत्ती के Gospel में לפसरण की एक क्रमबद्ध श्रृंखला का हिस्सा है जहाँ यीशु का प्रचार-कार्य शुरू होता है। पहले उन्होंने Simon (पतरस) और उसके भाई अंद्रेयस को बुलाया, फिर याकूब और यूहन्ना को बुलाने की यह क्रमिक घटना है। नाव पर जाल सुधारना एक स्थापित बच्चों-कार्य है और परिवारिक मेहनत का प्रतीक है; फिर यीशु उन्हें आस्थागत बुलाहट देकर उनके जीवन को आध्यात्मिक यात्रा में परिवर्तित कर देते हैं।
interpretive observations (व्याख्यात्मक अवलोकन)
संक्षिप्त थीमैटिक सूची
संबंधी पद.clear (Cross-references) और संक्षिप्त स्पष्टीकरण
मत्ती 4:18-22 के साथ यह दृश्य एक ही समयरेखा को साझा करता है, जहाँ यीशु पहले पतरस और अंद्रेयस को बुलाते हैं और फिर याकूब-यूहन्ना को बुलाते हैं; समूची कथा बुलाहट और शिक्षा का क्रम दर्शाती है।
यूहन्ना 1:35-42 में भी प्रेरितों के चयन की प्रक्रिया स्पष्ट होती है—यह भी दर्शाता है कि क्रिस्तीय बुलाहट कैसे दैनिक जीवन से उठकर राजसी मिशन में प्रवेश कराती है।
1 कुरिन्थियों 1:26-29 बताता है कि किस प्रकार परमेश्वर सामान्य प्रेक्षकों को चुने ताकि दुनिया की दृष्टि से चीजें उलट-फेर की जा सकें; इसकी प्रेरणा इस पाठ की चयन-प्रकृति से मेल खाती है।
उपयोगी निष्कर्ष और व्यवहारिक take-away
1) दैनिक जीवन के साधारण कार्य भी ईश्वर के बुलावे के प्रयोजन को पूरा कर सकते हैं।
2) उपलब्ध अवसरों पर तत्परता और विश्वास के साथ उत्तर देना सिखाता है कि सेवकाई के लिए तैयार रहना लाभदायक है।
3) परिवारिक और सामाजिक संबंधों के बीच भी ईश्वर के उद्देश्य स्पष्ट होते हैं; बुलाहट से एक नया अध्याय शुरू होता है।
निष्कर्ष भाग
इस और अन्य बुलाहट के साथ, मत्ती 4:21 स्पष्ट करता है कि परमेश्वर अपने भक्तों को उनके सामान्य-जीवन से उठाकर महान कार्यों के लिए चुनता है। याकूब और यूहन्ना की प्रतिक्रिया—तत्काल उपस्थित हो जाना—हममें भी आस्था की तत्परता की प्रेरणा है। यह पाठ हमें याद दिलाता है कि देवयुग के बुलावे में सुरक्षा और साहस दोनों आवश्यक हैं, और पुराने पेशे से नये विरासत की ओर परिवर्तन संभव है।
नोट: मूल हिन्दी अनुरूप अनुवाद HINIRV के अनुरोध अनुसार प्रस्तुत है; किसी भी उद्धरण के लिए Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के शैलीगत शब्दों के संक्षिप्त उल्लेख अनावश्यक संदर्भ में मात्र उपलब्ध होते हैं और पूर्ण पाठ उद्धरण नहीं होते।