Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीमत्ती 4:11 बाइबल पद की व्याख्या
मत्ती 4:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब शैतान उसके पास से चला गया, और स्वर्गदूत आकर उसकी सेवा करने लगे।
मत्ती 4:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मत्ती 4:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
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मत्ती 26:53 (HINIRV) »
क्या तू नहीं समझता, कि मैं अपने पिता से विनती कर सकता हूँ, और वह स्वर्गदूतों की बारह सैन्य-दल से अधिक मेरे पास अभी उपस्थित कर देगा?

इब्रानियों 1:14 (HINIRV) »
क्या वे सब परमेश्वर की सेवा टहल करनेवाली आत्माएँ नहीं; जो उद्धार पानेवालों के लिये सेवा करने को भेजी जाती हैं? (भज. 103:20-21)

मत्ती 4:11 का संदर्भ और अर्थ
यह Verse उद्धारकर्ता यीशु के प्रारम्भिक परीक्षा के अंत के पल में आता है। वाक़ए में, जब यीशु ने शैतान की विविध प्रेरणाओं के सामने दृढ़ भरे हुए प्रत्यक्ष सिद्धांत प्रस्तुत किए, तब शैतान दूर चला गया और परमेश्वर के दूत उनकी सेवा में आए। यह दृश्य पुष्टि करता है कि संघर्ष के समय भी परमेश्वर का सामर्थ्यและ सुरक्षा उपलब्ध रहती है, और सेवा के अवसर शत-प्रतिशत आयाम लेते हैं।
सबसे केंद्रीय अर्थ
यह पंक्ति दिखाती है कि शैतान के विरोध के बाद आशीर्वाद और सहायता स्वर्ग से आती है। यीशु के अनुभव से प्रेरित होकर, अनुयायियों के लिए यह संदेश है कि सत्य के साथ दृढ़ता रखने पर परमेश्वर के दूत आकर मनोबल बढ़ाते हैं और सेवकाई का क्रम आरंभ होता है।
मुख्य विषय
संबद्ध passages (संक्षेप में)
- मत्ती 4:1-10 के प्रसंग में यीशु को परीक्षा दी गई, जहाँ वह शैतान की हर चपल चाल का उत्तर पवित्रशास्त्र से देता है।
- लूका 4:13-14 में भी यह संकेत मिलता है कि परीक्षा के पश्चात यीशु पवित्र आत्मा के कारण शक्तिशाली प्रचार में चले गए।
- इब्रानी 2:18 और 4:15-16 दिखाते हैं कि हमारे समकक्ष संघर्षों में ईश्वर कितना सहायक है और कब दयालु दूत-like संरक्षण मिल सकता है।
प्रायोगिकReflection
जीवन के कठिन अवसरों में भी हमारी निष्ठा कभी कमजोर न हो। जैसे यीशु ने शैतान की हर चाल पर शब्द-शक्ति से जवाब दिया, वैसे ही हमारे भीतर भी शास्त्र-संरक्षित विचारों और प्रार्थना से ताकत मिलती है। कठिन समय के बाद, परमेश्वर हमारे लिए नयी ऊर्जा और सेवकाई के अवसर खोलते हैं।
व्यावहारिक विचार
संक्षिप्त निष्कर्ष
मत्ती 4:11 स्पष्ट करता है कि जब शैतान का पलटा गया, तब परमेश्वर के दूत यीशु की सेवा करने के लिए आ पहुँचे। यह प्रत्यक्ष संकेत है कि संघर्ष के क्षणों में भी देव-शक्ति सक्रिय रहती है, और सत्य के मार्ग पर डटे रहने वालों के लिए स्वर्गीय सहायता कभी घटित होती है।
पूर्ववर्ती उद्धरण (महत्वपूर्ण पाठ)
यहां उपलब्ध उद्धरणों में से कुछ पंक्तियाँ Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के प्रकाश में उद्धृत हैं यदि उपयुक्त हो सकें।
याद रहे: यह टिप्पणी व्यक्तिगत विश्वास-संयोजन के साथ व्यावहारिक शिक्षण पर केन्द्रित है, ताकि पाठक सीधे आत्म-चिंतन और दैनिक विश्वास-जीवन में लगा सकें।