मत्ती 4:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यीशु ने उत्तर दिया, “लिखा है, “‘मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं, “परन्तु हर एक वचन से जो परमेश्‍वर के मुख से निकलता है जीवित रहेगा।”

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मत्ती 4:4 पद-दर-पद बाइबल टीका

मत्ती 4:4 का तात्पर्य: भरोसे और वचन की शक्ति

परिस्थिति का पृष्ठभूमि: यीशु जंगल में अस्वस्थ भूख से जूझ रहे थे, जब शैतान ने उनसे तात्कालिक भूख के समाधान के रूप में चढ़ाई की अपेक्षा की। इस पर यीशु ने मूल बाइबल शब्दों में उत्तर दिया, जो परमेश्वर के वचनों की महिमा और जीवित रहने के नियम को उजागर करता है।

क्या यह पाठ परमेश्वर के बारे में बताता है?

यह स्पष्ट करता है कि ईश्वर केवल भौतिक अपेक्षाओं पर नहीं बल्कि अपने वचनों पर जीवन देता है। परमेश्वर की प्रेरित वाक्यशैली, “मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं” से यह उभरता है कि सांसारिक आवश्यकताओं के बावजूद प्रभु का वचन जीवन का आधार है। यह न केवल भौतिक ज़रूरतों के विरुद्ध है, बल्कि विश्वास के लिए आधा—पूरे जीवन का मार्गदर्शक भी है।

महत्वपूर्ण शब्दों और imagery की स्पष्टता

“मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं, परन्तु हर एक वचन” में दो प्रमुख ध्वनियाँ हैं: भूख और विश्वास। रोटी शरीर के लिए आवश्यक है, परन्तु वचन आत्मा और विश्वास के लिए आवश्यक है। यह “हर एक वचन” से तात्पर्य है परमेश्वर का वह स्रोत जो जीवन को sustains करता है— उनके मुंह से निकलने वाली हर बात जीवन को संतोष और दिशा देती है।

संबंधित पद प्रस्तावित दृश्य

- यूँ तो परमेश्वर की वचनप्रियता पर अन्यत्र भी जोर मिलता है कि वचन जीवन देता है (यूहन्ना 6:63; 1 तीमुथियस 4:5).

- एक और सन्देश जिसमें यीशु ने कहा कि ईश्वर के समान सतह पर भोजन का सत्यापन नहीं होता, बल्कि परमेश्वर के वचन से जीवन मिलता है (यसीयाह 55:2; हिब्रियों 4:12).

विश्वास के लिए आज की तात्त्विक उपयोगिता

  • आश्रित जीवन: दैनिक भूख और तात्कालिक परीक्षा के बावजूद ईश्वर के वचन को प्राथमिकता देना सीखना चाहिए।
  • आत्म-निर्भरता बनाम परमेश्वर-निर्भरता: भोजन के पीछे भागते समय भी परमेश्वर के वचन के nourishment को न भूलना।
  • वचन की दैनिक अभ्यास: scriptures को स्मरण करना, उसे जीवन पर लागू करना, और दैनंदिन निर्णयों में guidance पाना।

पूर्ववर्ती टिप्पणीकारों के संकलन से सूर्यीकरण

जैसी Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke ने अपने उद्धरणों में दिखाया है, इस वचन में आत्मिक सुरक्षा और परमेश्वर की प्रतिज्ञा की पुष्टि है—कि जीवन के हर समय परमेश्वर का वचन ही असली sustenance है।

कथन का संक्षेप

यह वचन हमें याद दिलाता है कि जीवन केवल पदार्थ से नहीं मिलता; परमेश्वर के वचन जो हम परामर्श में रहते हैं, वह हमें वास्तविक जीवन प्रदान करते हैं। यही कारण है कि विश्वासियों को शारीरिक भूख के साथ-साथ आध्यात्मिक आहार पर भी बराबर जोर देना चाहिए।

Cross-references (संक्षेप में)

- यूहन्ना 6:63 — “वाक्य ही जीवन है, आत्मा और जीवन के लिए सच है।” यह शास्त्रीय विचार कि वचन जीवन का स्रोत है।

- भजन 119:105 — “तेरा वचन मेरे पाँव के लिए दीपक और मेरे मार्ग के लिए प्रकाश है।” वचन की दिशानिर्देशनात्मक भूमिका को उद्धृत करता है।

- हबक्कुक 2:4 — “निज़ की दृष्टि से विश्वास ज़िंदा रहता है; परन्तु जो दृष्टिकोण में अटल है, उसे नष्ट किया जाएगा।” विश्वास की गुणवत्ता और वचन के साथ उसके संबंध को समेटता है।

अनुदिष्ट उद्धरण (Exact quotes from पूर्वकाल commentary):

Matthew Henry: “Man does not live by bread alone, but by every word that proceedeth out of the mouth of God.”

Albert Barnes and Adam Clarke के संबद्ध विचारों में भी यही तर्क प्रतिध्वनित होता है कि वचन जीवन का सार है, अभाव के समय भी परमेश्वर के वचन से शक्ति मिलती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 4:4 समानांतर पद और संबंधित वचन

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व्यवस्थाविवरण 8:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 8:3 (HINIRV) »
उसने तुझको नम्र बनाया, और भूखा भी होने दिया, फिर वह मन्ना, जिसे न तू और न तेरे पुरखा भी जानते थे, वही तुझको खिलाया; इसलिए कि वह तुझको सिखाए कि मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं जीवित रहता, परन्तु जो-जो वचन यहोवा के मुँह* से निकलते हैं* उन ही से वह जीवित रहता है। (मत्ती 4:4, लूका 4:4 1 कुरि. 10:3)

लूका 4:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 4:4 (HINIRV) »
यीशु ने उसे उत्तर दिया, “लिखा है: ‘मनुष्य केवल रोटी से जीवित न रहेगा’।” (व्य. 8:3)

यूहन्ना 6:31 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यूहन्ना 6:31 (HINIRV) »
हमारे पूर्वजों ने जंगल में मन्ना खाया; जैसा लिखा है, ‘उसने उन्हें खाने के लिये स्वर्ग से रोटी दी’।” (भज. 78:24)

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