Old Testament
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गलातियों 2:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हम जो मसीह में धर्मी ठहरना चाहते हैं, यदि आप ही पापी निकलें, तो क्या मसीह पाप का सेवक है? कदापि नहीं!
गलातियों 2:17 पद-दर-पद बाइबल टीका
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गलातियों 2:17 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 यूहन्ना 3:8 (HINIRV) »
जो कोई पाप करता है, वह शैतान की ओर से है, क्योंकि शैतान आरम्भ ही से पाप करता आया है। परमेश्वर का पुत्र इसलिए प्रगट हुआ, कि शैतान के कामों को नाश करे।


गलातियों 2:17 का(span) संदेह नहीं: धर्म-सत्य और पाप की स्थिति
पवित्र पवित्र ग्रंथ में इस verse को पौलुस ने पाप और धर्मी ठहरने के बीच के संघर्ष के आलोक में प्रस्तुत किया है। यदि हम मसीह में धर्मी ठहरना चाहते हैं, पर चूँकि हम फिर भी पाप करते हैं, तो क्या इसका अर्थ है कि मसीह पाप का सेवक बन जाते हैं? नहीं। यह भय या व्यभिचार नहीं, बल्कि एक तात्पर्यपूर्ण चर्चा है कि चूंकि धर्मी ठहरना मसीह की कृपा और विश्वास पर निर्भर है, पाप की क्षमा भी उसी पर निर्भर है। उत्तर में पौलुस यह स्पष्ट करते हैं कि उद्धार और पवित्रता का स्रोत प्रभु यीशु क्राइस्ट हैं; अगर हम पाप में बने रहते हैं, तो यह हमारे मसीही जीवन के मूल कारण पर प्रश्न उठाता है, न कि मसीह के कार्य के न्यायपूर्णता पर।
मुख्य अर्थ
यह verse यह दर्शाता है कि मसीह के साथ हमारे संबंध के बावजूद भी हम कभी-कभी पाप के प्रभाव से जकड़े रहते हैं। पर इसका मतलब यह नहीं कि मसीह पाप का समर्थक हैं, बल्कि इसका अर्थ है कि उद्धार की योजना और पवित्रीकरण का मार्ग अभी भी यीशु के क्रूस-बल के ऊपर निर्भर है। यदि हम पाप में बने रहते हैं, तो हम अपनी धार्मिकता को अपने प्रयासों से नहीं, वरन् Christ के विश्वास के द्वारा प्राप्त करते हैं, तथा पाप पर विजयी जीवन उसी की कृपा से संभव होता है।
कुंजी थीम
संबद्ध आयतें और उनकी जलक (Cross-references)
1) रोमियों 6:1-2 के अनुसार “हम पाप में रहें, तो जन्मजात अभिमान की जगह क्या?”—हम पाप के अधिकार को यीशु के बल से निष्प्रभाव बनाए रखते हैं और पुराने शव को छोड़कर नया जीवन अपनाते हैं।
2) गलातियों 3:11—न्याय के लिए धर्मी ठहरना विश्वास पर ही निर्भर है, न कि कर्मों पर; यह पुष्टि करता है कि उद्धार संपूर्णतः परमेश्वर के द्वारा है।
3) रोमी 8:1-2—जो Christ में हैं, वे जीवन-परक मुक्त हैं; पाप के जीवन पर निर्भर नहीं रहते।
व्यावहारिक विचार
आपके दैनंदिन जीवन में इस verse का सन्देश यह है कि पाप के आकर्षण के समय भी Christ की कृपा ही हमारी सुरक्षा है। आत्म-समर्पण, प्रार्थना, और पवित्रशास्त्र की शिक्षा से हम अपने व्यवहार को ढाल सकते हैं। स्वयं को बहकने से बचाने के लिए, जिम्मेदार समुदाय और भाइयों-बहनों से संवाद बना कर रखें; ताकि पाप के लिए जड़ अत्यंत न हो सके और आप मसीह में दृढ़ विश्वास के साथ खड़े रह सकें।
संक्षिप्त निष्कर्ष
गलातियों 2:17 बताता है कि मसीह के साथ हमारी धार्मिकता और पाप के बीच प्रक्रिया एक पारदर्शी क्रिया है—धर्मी ठहरना केवल मसीह के क्रूस-बल पर निर्भर है, और यदि हम पाप में डूबे रहते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि मसीह पाप के सेवक बन जाते हैं। बल्कि यह संकेत है कि उद्धार और पवित्रता का मार्ग उसी की कृपा में निहित है, जो विश्वास में विश्वासियों को निरंतर पवित्र जीवन की ओर ले जाता है।
पूर्ववर्ती commentators से संक्षिप्त उद्धरण (जहाँ उपलब्ध):
Adam Clarke के अनुसार यह वाक्य इस बात को पुष्ट करता है कि पाप के साथ जीवन का विरोधी होना चाहिए नहीं कि यीशु पाप के पक्ष में हो।
Albert Barnes के अनुसार यह उद्धार के विशेष गुण की व्याख्या है: विश्वास के कारण हम धर्मी ठहरते हैं, पाप के प्रभाव से मुक्त रहते हैं, और पवित्रता के लिए प्रेरित होते हैं।
Matthew Henry के अनुसार, यह उद्धार की निरपेक्ष क्रिया है, जिसमें पाप से मुक्ति और ईश्वर के न्याय के अनुसार जीवन जीना संभव होता है।