Old Testament
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इब्रानियों 1:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
वह उसकी महिमा का प्रकाश, और उसके तत्व की छाप है, और सब वस्तुओं को अपनी सामर्थ्य के वचन से संभालता है: वह पापों को धोकर ऊँचे स्थानों पर महामहिमन् के दाहिने जा बैठा।
इब्रानियों 1:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
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इब्रानियों 1:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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प्रकाशितवाक्य 4:11 (HINIRV) »
“हे हमारे प्रभु, और परमेश्वर, तू ही महिमा, और आदर, और सामर्थ्य के योग्य है; क्योंकि तू ही ने सब वस्तुएँ सृजीं और तेरी ही इच्छा से, वे अस्तित्व में थे और सृजी गईं।”

यूहन्ना 14:9 (HINIRV) »
यीशु ने उससे कहा, “हे फिलिप्पुस, मैं इतने दिन से तुम्हारे साथ हूँ, और क्या तू मुझे नहीं जानता? जिस ने मुझे देखा है उसने पिता को देखा है: तू क्यों कहता है कि पिता को हमें दिखा?

इब्रानियों 1:3 का स्पष्ट अर्थ और संदर्भ
इब्रानियों के पहले अध्याय में लेखक यीशु को परमेश्वर के वरद पुत्र के रूप में प्रस्तुत करता है, जिसे परमेश्वर ने “आकाश का सबसे ऊँचा अंश” कहा है। यह वचन विशेष रूप से यह दर्शाता है कि यीशु परमेश्वर की महिमा का प्रकाश है, उसकी वस्तुओं की छाप है और उसकी समस्त वह ताकत जो सृष्टि को स्थिर रखती है, उसी की वाणी से संचालित होती है। इस आयत में पापों के क्षय और उद्धार के लिए यीशु का उच्च स्थान पर क्षमा-प्रभु के दाहिने हाथ पर बैठना भी उल्लेखित है, जो उसकी पूर्ण भूमिका को दिखाता है—विश्वासियों के लिएMediator, Priestly and Kingly भूमिका।
मुख्य भावार्थ
यह आयत तीन क्रमिक घटकों को एक साथ जोड़ती है: (1) वरद पुत्र के रूप में उसकी महिमा का प्रकाश—यही उसकी दिव्यता और सतत साक्ष्य है; (2) ईश्वर की सत्ता की छाप—यानी उसकी प्रकृति और क्रिया पूरी तरह परमेश्वर की गुण-धर्मीता को प्रकट करती है; (3) पापों का धोना और पुनरुत्थान के बाद उच्च स्थान—यही यीशु के उद्धारकारी कार्य और शासन की दिशा है।
कई प्रमुख विषय
cross-reference संक्षेप
• यहूदियों 1:3— इस आयत के समान विचारों की पुष्टि करते हैं कि यीशु परमेश्वर के पुत्र हैं और वही सृष्टि की संरचना और पोषण करते हैं।
• प्रकाशित 1:8-9— पुत्र की सत्ता और ईश्वरत्व का स्थायित्व बताता है, विशेषकर “तुम्हारे मुकुट पर एक ही सौभाग्य है” के संदर्भ में।
व्यावहारिक चिंतन
एक विश्वासी के लिए यह आयत प्रेरणा देती है कि हमारे हृदय में यीशु को केंद्र में रखें—उसकी महिमा पर दृष्टि बनाए रखें, ताकि हमारी दृष्टि संसार की अस्थिरता में भी स्थिर रहे। जीवन के कठिन क्षणों में उसे हमारी शक्ति और निर्देशक के रूप में मानना चाहिए, और विश्वास के साथ उसके नाम पर चलना चाहिए।
हस्त-चिंतन और दो-तीन उद्धरण (संक्षेप)
Matthew Henry: “The Son is the brightness of God’s glory, and the exact imprint of his nature; by him all things were created and upheld.”
Albert Barnes: “The Son is the visible representation of the invisible God, and the Captain of our salvation rests in the divine plan by his word.”
Adam Clarke: “He upholds all things by the word of his power; and by that same word he purged our sins, being set down at the right hand of the Majesty on high.”
संक्षिप्त समापन
इब्रानी 1:3 यीशु के वे दोहरे रूपों—दिव्य महिमा और उद्धार के कार्य—को एक साथ रखकर सन्देश देता है कि वही परमेश्वर की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति हैं और वही सृष्टि का पालन-पोषण, पापों की क्षमा, और अधिकार-स्थान पर राज करते हैं। इस समझ से आध्यात्मिक स्थिरता मिलती है और विश्वासियों के लिए प्रेरणा कि वे यीशु के शासन और उसकी महिमा की ओर दृढ़ रहें।