Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीइब्रानियों 1:6 बाइबल पद की व्याख्या
इब्रानियों 1:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और जब पहलौठे को जगत में फिर लाता है, तो कहता है, “परमेश्वर के सब स्वर्गदूत उसे दण्डवत् करें।” (व्य. 32:43, 1 पत. 3:22)
इब्रानियों 1:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
इब्रानियों 1:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

व्यवस्थाविवरण 32:43 (HINIRV) »
“हे अन्यजातियों, उसकी प्रजा के साथ आनन्द मनाओ; क्योंकि वह अपने दासों के लहू का पलटा लेगा, और अपने द्रोहियों को बदला देगा, और अपने देश और अपनी प्रजा के पाप के लिये प्रायश्चित देगा।”

कुलुस्सियों 1:18 (HINIRV) »
वही देह, अर्थात् कलीसिया का सिर है; वही आदि है और मरे हुओं में से जी उठनेवालों में पहलौठा कि सब बातों में वही प्रधान ठहरे।

इब्रानियों 1:6 का संदर्भ और अभिज्ञाता उत्साह
यह verse उसी परिचय का भाग है जिसमें लेखक यीशु मसीह के महानता को पहले से ही स्वर्गीय संदेश और परमेश्वर के उद्धार के उपाय के रूप में स्थापित करता है। यहाँ कहा गया है कि जब वह पहलौठे (पहले जन्मे) को जगत में फिर लाता है, तो परमेश्वर के सभी स्वर्गदूत उसे दण्डवत करें। यह ख्याति उनके महिमा, अधिकार और साक्षात्कार के दायरे को स्पष्ट करती है कि यीशु क्रायाकारी के समय से ही परमेश्वर की प्रधानता में सर्वोच्च हैं।
मुख्य अर्थ
यह वाक्य यीशु के क्रमिक उद्धार-कार्य और परमेश्वर के दिव्य राज्य के विरुद्ध किसी भी प्रमुखताओं की ऊँचाई को बताता है। पहलौठे का संदर्भ पुराने जमाने के इस्राईल के सामाजिक व धार्मिक ढांचे में प्रथम पुत्र के विशेष अधिकार और उपहारों से जुड़ा है; नवीन अनुभव में यीशु उसी अधिकार और महिमा के साथ प्रकट होते हैं। जब वह जगत में पुनः आता है, तो स्वर्गीय निर्देश और सम्मान के साथ उसे दण्डवत कहा जाता है, जो उसके दिव्यत्व और सशक्त पद के संकेत देता है।
मुख्य विषय
संदर्भित विचारधाराएँ (Cross-references)
- मज 2:25-26 और कुल 2:9 में यह स्पष्ट होता है कि मसीह का जन्म और मृत्यु-जीवन का क्रम परमेश्वर के निर्णय के अनुसार है और वह जीवन-सम्पूर्ण उत्तरदाता हैं।
- फिलीप्पियों 2:9-11 में यीशु के नाम की महानत्ता और हर घुटना टेकने का चित्र मिलता है, जो इस verse के दंडवत सम्मान को गहराई देता है।
व्याख्या में इन संदर्भों से सूचित होता है कि यीशु का स्थान परमेश्वर के कृपाकारण के भीतर एक विशिष्ट और उत्कृष्ट स्थान है, और स्वर्गीय दूत उसकी महिमा के साथ समरस रूप से जुड़ते हैं।
पदार्थ-आचरण (Practical reflection)
हम कैसे प्रतिक्रिया दें? हमारे दिनचर्या में यीशु की महिमा को प्राथमिकता दें—उसके वचन के अनुसार जीवन जीएं, और अपनी हर गतिविधि में उसकी प्रभुता को मान्य करें। जन-जगत के आडंबर के पीछे न जाएँ, बल्कि परमेश्वर के लिए पूर्ण विश्वास और समर्पण से आगे बढ़ें।
संक्षिप्त निष्कर्ष
इब्रानियों 1:6 बताता है कि यीशु मसीह परमेश्वर के सर्वोच्च कार्यकर्ता और स्वर्गीय अधिकारी हैं। पहलौठे के रूप में उसका जगत में आगमन और स्वर्गदूतों का दण्डवताधिकार इस बात का प्रमाण है कि मसीह की महिमा और सत्ता अक्षय है।
टिप्पणियाँ: मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणीधाराओं के संक्षिप्त स्वीकृत विचार आवश्यकतानुसार यहाँ समाहित हैं—ये मूल विचार उनकी टिप्पणी-संरचनाओं से प्रेरित हैं, परन्तु यह लेख पूर्णत: नया संकलन है।