Old Testament
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इब्रानियों 1:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
परन्तु पुत्र के विषय में कहता है, “हे परमेश्वर, तेरा सिंहासन युगानुयुग रहेगा, तेरे राज्य का राजदण्ड न्याय का राजदण्ड है।
इब्रानियों 1:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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इब्रानियों 1:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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भजन संहिता 45:6 (HINIRV) »
हे परमेश्वर, तेरा सिंहासन सदा सर्वदा बना रहेगा; तेरा राजदण्ड न्याय का है।

यशायाह 9:6 (HINIRV) »
क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके काँधे पर होगी*, और उसका नाम अद्भुत युक्ति करनेवाला पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा। (यूह. 1:45, इफि. 2:14)

इरचना का संदर्भ और विषय-स्थिति
यह संदेश हर वक्त परमेश्वर के पुत्र के बारे में उद्घाटित करता है, जब यह प्रत्यक्ष आवाज से कहा गया है कि तेरा सिंहासन युगानुयुग रहेगा। यहाँ इब्रानियों 1:8 में पवित्र पिपासा है कि महाराजा के रूप में पुत्र के रूप में परमेश्वर कैसे शासन करते हैं—यानी यीशु मसीह का राज्य न्याय के राजदण्ड के साथ स्थिर रहता है। शास्त्री गणना करते हैं कि यह पद्य क्लासिकल रूप से ईश्वर के पुत्र के दायित्व और उसकी दिव्यता को स्थापित करता है, ताकि विश्वासियों को यह विश्वास हो कि प्रभु यीशु को छोड़कर किसी अन्य राजाओं पर आश्रय न लेना चाहिए।
ईश्वरीय प्रकृति और विश्वास का प्रमाण
हम देखेंगे कि परमेश्वर ने पुत्र के लिए एक असीम राजसत्ता की घोषणा की है—युगानुयुग तक उसका सिंहासन, और उसका राजदण्ड न्याय का है। यह दो बातें स्पष्ट करती हैं: एक, मसीह परमेश्वर का नियुक्त राजा है; दो, उसके न्याय की कसौटी पर ही सत्ता सुरक्षित रहती है। यह पुष्टि देता है कि उद्धार और शासन का स्रोत एक ही है, जो प्रेम, धर्म और सत्य पर टिका रहता है।
शब्दार्थ और चित्रों की स्पष्टता
«युगानुयुग रहेगा» से स्थायित्व और अटलता पर बल आता है; «राजदण्ड न्याय का राजदण्ड है» से यह संकेत मिलता है कि मसीह के राज्य में न्याय सर्वोपरियों है—न्याय वह धुरी है जिस पर यह राजसत्ता घूमती है। परमेश्वर का पुत्र होने के कारण, यह सिंहासन का अधिकार उसे विश्वस्त करता है; परन्तु यह न्यायपूर्ण शासन है, जिसमें दया और सत्य साथ-साथ चलते हैं।
समान ध्वनि वाले अन्य संदर्भ
इन संदर्भों से समझ आता है कि मसीह का राज केवल सत्ता नहीं, बल्कि पूर्ण न्याय और पवित्र सत्ता का संयोजन है—जो विश्वासियों को ठहराव देता है कि उनका जीवन उसी के शासन के अनुरूप ढाला जाए।
आज के संदर्भ में व्यवहारिक अनुप्रयोग
हमारे लिए यह वाक्य एक स्मरण है कि जीवन के हर क्षेत्र में हमारा सर्वोच्च विश्वास एक ऐसे राजकुमार पर है जिसका सिंहासन स्थिर है और न्याय का राजदण्ड है। यह प्रेरणा देता है कि हम कठिन परिस्थितियों में भी ईश्वर के उद्देश्य पर भरोसा रखें, और अपनी आकांक्षाओं को उसके न्यायपूर्ण मार्ग में बाँध दें। हमर्र जीवन में सत्य, करुणा और निष्ठा को राजसी मानकर चलना—यह हर दिन की दुआ और व्यवहार बन जाए।
संक्षिप्त समेकन
पुत्र यीशु का राज दिव्यता, अटलता और न्याय के साथ स्थिर है। यह राज तिरस्कार, भय या अस्थिरताओं से मुक्त नहीं; बल्कि यह एक ऐसी सत्ता है जो हर परिस्थिति में सत्य और करुणा को साथ लेकर चलती है। हमारे विश्वास की अनुभूति यही है कि परमेश्वर का पुत्र ही विश्व के नियंत्रण में है और उसी के शासन में जीवन का उद्देश्य पूरा होता है।
इन्हें समझते समय हमें Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के चर्चित विचार पंक्तियों से छोटे-छोटे उद्धरण भी मिलते हैं, जिन्होंने इस पद पर गहराई से प्रकाश डाला है।
क्रॉस-रेफरेंस संक्षेप
यूहन्ना 5:27-29, कुलुस्सियों 1:16-17, इफिसियों 1:20-22 से संबद्धता स्पष्ट है कि प्रभु यीशु का राज न्याय और सत्तात्मक प्रभुत्व का प्रतिरूप है—जो विश्व को पवित्र रहते हुए उन्नत करता है।
गुणवत्ता-उद्धरण: नीचे दी गई पंक्तियाँ केवल संदर्भ-उद्धरण के लिए हैं:
“परन्तु पुत्र के विषय में कहता है, ‘हे परमेश्ववर, तेरा सिंहासन युगानुयुग रहेगा, तेरे राज्य का राजदण्ड न्याय का राजदण्ड है।’”