इब्रानियों 7:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि वे तो बिना शपथ याजक ठहराए गए पर यह शपथ के साथ उसकी ओर से नियुक्त किया गया जिस ने उसके विषय में कहा, “प्रभु ने शपथ खाई, और वह उससे फिर न पछताएगा, कि तू युगानुयुग याजक है।”

इब्रानियों 7:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

इब्रानियों 7:21 पर हिंदी व्याख्या (HINIRV)

सीधे अर्थ का सार: यह वचन बताता है कि यह शपथयजक-स्थिति याजकता के मानक पर शपथ के साथ दी गई है—जो उसे स्थायी और अचल बनाती है—जबकि पूर्व याजकों के बारे में यह निवेश बिना शपथ के था। नीचे की व्याख्या इसे ऐसे प्रस्तुत करती है कि याजक मण्डल की स्थापना के पीछे परमेश्वर के उद्देश्य स्पष्ट हो जाए।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यूहन्नी पत्र के लेखक ने पुराने नियम के याजक व्यवस्था को नवीनीकृत कर दिखाया है कि मसीह का याजकत्व “यूगानुयुग” स्थायी है। पूर्व याजकों की नियुक्ति बिना शपथ थी, पर यीशु का याजकत्व शपथ के कारण है—यानी परमेश्वर ने यह ठहराया कि वह कभी न लौटेगा। यह शपथ दाऊद की संदर्भित भविष्यवाणी सूचित करती है कि प्रभु ने कहा, तू युगानुयुग याजक रहेगा। इस तरह यीशु का पवित्र और निरंतर कार्य एक स्थायी विधान के अनुसार चलता है, न कि धरातलीय बदलावों पर निर्भर।

भाष्य टिप्पणी

- शपथ के साथ नियुक्ति का मतलब है ज्यादा दृढ़ और अपरिवर्तनीय व्यवस्था: परमेश्वर की कसम जैसा, yang याजकत्व को स्थायित्व देता है।
- यह तुलना बताती है कि पुराने याजकों की व्यवस्था एक पुकार थी जो धीरे-धीरे समाप्त हुई, पर यीशु का याजकत्व अनंत और सरल है।

मौलिक विचार (संयोजन से)

  • शपथयुक्‍त नियुक्ति यीशु की भूमिका को एक पूर्ण, अपरिवर्तनीय आधार देती है।
  • याजक के रूप में यीशु से हमारा सीधा संपर्क और प्रत्यक्ष फावदा—पाप की दंड से मुक्त करने वाला शुद्ध बल।

अनुबंध-सम्बन्धी क्रॉस-रेफरेंसेस

- उनके याजकत्व की शपथ का विचार हिब्रियों 5:6, 6:20 से जुड़ता है, जहां यह दर्शाया गया है कि यीशु को शपथ के साथ याजक ठहराया गया। नोट: यहाँ पूर्ण पद नहीं उद्धृत है; संदर्भ के अनुसार भूमिका स्पष्ट की जाती है।

- क्लियर कॉन्टेक्स्ट के लिए मरकुस/यूहन्ना के अंतर्गत मसीह का उच्च-सत्ता याजकत्व भी उभरता है, जो प्रभु-याजक के रूप में मानव-सम्बोधन को पूर्ण करता है। क्रॉस-रेफरेंस का उद्देश्य केवल संदर्भ-संबंध समझाना है।

संक्षिप्त नैतिक परिकल्पना

  • ईसा मसीह का याजकत्व एक स्थायी समाधान है—हमेशा के लिए आवश्यक उद्धार का आधार।
  • परमेश्वर की शपथ पर टिका यह विश्वास को अटल बनाता है कि उद्धारकर्ता कभी निभाने से नहीं चुकेंगे।

व्यावहारिक निष्कर्ष

हमारा विश्वासी जीवन इस दृढ़ विश्वास पर स्थिर रहे कि उद्धारकर्ता की भूमिका कभी बदलेगी नहीं। कठिन समय में भी यह शपथ-आधार हमें आशा और स्थिरता देता है कि व्यक्तिगत पाप, अपराध, या भय के बावजूद वह हमारी ओर से कार्य करता रहेगा।

नोट्स

नीचे दिए गए उद्धरण/डायरेक्ट पाठ के भीतर कोई पूर्ण टेक्स्ट उद्धृत नहीं किया गया है; केवल विचारों की सार-संरचना दी गई है। यदि आपको Matthew Henry, Albert Barnes, या Adam Clarke के संक्षिप्त विचार चाहिए, वे सामान्य रूप से शपथ-युक्त याजकत्व के विचारों के साथ मिलते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

इब्रानियों 7:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यहोवा ने शपथ खाई और न पछताएगा, “तू मलिकिसिदक की रीति पर सर्वदा का याजक है।” (इब्रा. 7:21, इब्रा. 7:17)

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इब्रानियों 7:17 (HINIRV) »
क्योंकि उसके विषय में यह गवाही दी गई है, “तू मलिकिसिदक की रीति पर युगानुयुग याजक है।”

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इब्रानियों 6:16 (HINIRV) »
मनुष्य तो अपने से किसी बड़े की शपथ खाया करते हैं और उनके हर एक विवाद का फैसला शपथ से पक्का होता है। (निर्ग. 22:11)

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