Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
अय्यूब 1 अय्यूब 2 अय्यूब 3 अय्यूब 4 अय्यूब 5 अय्यूब 6 अय्यूब 7 अय्यूब 8 अय्यूब 9 अय्यूब 10 अय्यूब 11 अय्यूब 12 अय्यूब 13 अय्यूब 14 अय्यूब 15 अय्यूब 16 अय्यूब 17 अय्यूब 18 अय्यूब 19 अय्यूब 20 अय्यूब 21 अय्यूब 22 अय्यूब 23 अय्यूब 24 अय्यूब 25 अय्यूब 26 अय्यूब 27 अय्यूब 28 अय्यूब 29 अय्यूब 30 अय्यूब 31 अय्यूब 32 अय्यूब 33 अय्यूब 34 अय्यूब 35 अय्यूब 36 अय्यूब 37 अय्यूब 38 अय्यूब 39 अय्यूब 40 अय्यूब 41 अय्यूब 42



अय्यूब 1:13 का अर्थ
मुख्य अर्थ: इस verse में वर्णित दृश्य यह दिखाता है कि अय्यूब के घर में उनके बच्चों के मिलनसार अवसर पर वे एकत्र थे और आनंद-उत्सव में शामिल थे। यह पंक्ति परिचय देता है कि दैहिक सुख-सुविधाओं के बीच भी जीवन की सामान्य परंपराएं चलती थीं, और भविष्य में आने वाली आकाशीय परीक्षणों के सामने ये घटनाएं एक संदर्श बन जाती हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
उन्नीसवें अध्याय के पहले शास्त्रीय कथानक में अय्यूब के धन-दौलत, परिवार और प्रतिष्ठा के बारे में बताया गया है। इस दृष्य में परिवारिक जीवन की सामान्यता दिखाई देती है—बड़े भाई के घर में भोजन-पीना, उत्सव, और भाइयों की परिवर्तित सहभागिता। लेखक यह स्थापित करना चाहते हैं कि जब विपत्ति आनी शुरू होती है, तब भी परिवारिक संबंध और दिनचर्या पहले से कितने स्थिर थे।
व्याख्यात्मक टिप्पणियाँ
धार्मिक विचार — 2-3 प्रमुख निष्कर्ष
अन्य संदर्भ और उनके अर्थ
1) नीति से भरे हुए लोग और उनके घर: यह तत्त्व दर्शाता है कि परंपरागत पारिवारिक आयोजनों का स्थान, समय और यह कि कैसे जीवन की सामान्यता भय और दृष्टांत के साथ जुड़ती है।
2) विपत्ति के बिना पहले की स्थिति: यह दृष्य एक पुल बनता है, ताकि आगे आने वाले धैर्य और आस्था के आकलन में पाठक समझ सके कि कैसे परमेश्वर की योजना समयानुसार खुलती है।
3) बहुल दृश्य-आकर्षण: परिवार और धन-सम्पदा की समकालीन स्थिति का उल्लेख होने से पाठक यह सोच पाए कि जीवन में हर अच्छी स्थिति एक चेतावनी या परीक्षा के लिए पूर्व-चेतावनी हो सकती है।
संदर्भ-यात्रा (Cross-references) और संक्षिप्त स्पष्टीकरण
व्यावहारिक takeaway
हम यह सीख लेते हैं कि जीवन की सामान्य घटनाएँ अपने साथ एक स्थिर विश्वास और परमेश्वर के नियंत्रण की याद दिलाती हैं। प्रसन्नताओं के बीच भी उसकी निगहबानी और आशीष बनाये रखना चाहिए, ताकि कठिन समय में भी हमारी प्रार्थनाएँ और आस्था दृढ़ रहें।
सूक्ष्म उद्धरण (यदि उपलब्ध)
यह अनुभाग उन पंक्तियों पर उधृत है जो ऐतिहासिक टिप्पणीकारों के संकलनों में उपलब्ध हैं और नीचे के अभिप्राय के लिए संचित हैं:
“कुल मिलाकर जो दिखता है, वह यह है कि परिवार और घर-परिवार की गतिविधियाँ सामान्य हैं, ताकि आगे के उजाड़-काल में भी एक स्थिर बुनियाद बनी रहे।”
इन्हीं प्रकार के विचार Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के टिप्पणी-सार में मिलते हैं—परंतु नीचे पूर्ण उद्धरणों को यहां संक्षेप में समाहित किया गया है यदि उपलब्ध मिले:
नोट: यदि किन्हीं अंशों के सीधे शब्द उद्धृत मिलें, तो वे नीचे स्पष्ट शब्दों में उद्धृत किए जा सकते हैं।
नोट: यह सारांश Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसी सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के विचारों के संगम पर आधारित है, पर कॉपीराइट-रहित, मौलिक अभिव्यक्ति के साथ प्रस्तुत किया गया है।