अय्यूब 24:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“वह बाँझ स्त्री को जो कभी नहीं जनी लूटता, और विधवा से भलाई करना नहीं चाहता है।

पिछला पद
« अय्यूब 24:20
अगला पद
अय्यूब 24:22 »

अय्यूब 24:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

अय्यूब 24:21 — सही के पक्ष में अन्याय से दूर रहने की नसीहत

इस श्लोक में अय्यूब के समय के समाज में व्याप्त असमानताओं और कठिनाइयों की तस्वीर उभरती है। बाँझ और विधवाओं के प्रति संवेदना और सुरक्षा की कमी समाज के धर्मपरायण बाहरी ढांचे के भीतर भी गहराई से चिंता का विषय थी। यह पंक्ति एक नैतिक अलाम है कि भोग-विलास के बजाय परमेश्वर न्याय के साथ खड़े रहते हैं, और समाज को इन निराश्रितों के प्रति सजग होना चाहिए।

कथन की स्थिति और टेक्स्ट का अर्थ

यह अय्यूब 24 के आस-पास के भाग में सामाजिक अन्याय का प्रत्यक्ष चित्र है। बाँझ स्त्री वह जन है जिसे जन्म का अधिकार नहीं मिला, और विधवा वह है जिसे जीवन के अधिकारों में कमी का सामना करना पड़ता है। इस श्लोक में कहा गया है कि वह लूटता है जो कभी नहीं जनी, और वह भलाई नहीं करता जो विधवा के लिए कुछ करना चाहता हो। इससे स्पष्ट है कि अय्यूब दिखाते हैं कि अन्याय के ढांचे में कमजोर वर्गों के प्रति कठोरता और अन्याय क्रमोन्नत रूप से पनपता है, जबकि ईमानदार रीति-रिवाजों के भीतर दया और सुरक्षा की कमी है।

ईश्वर और विश्वास के बारे में टेक्स्ट से क्या सीखते हैं

यह पाठ ईश्वर के न्याय के प्रति एक उंचे मानदंड को प्रतिबिंबित करता है—जो कमजोरों पर अत्याचार करने वालों के विरुद्ध उठ खड़ा होता है। परमेश्वर वह न्यायकर्ता है जो समाज की शक्तिशाली व्यवस्था में छिपी असमानताओं को सामने लाता है और सच्चे धर्म की परिभाषा में भलाई और सुरक्षा को प्राथमित रखता है। यह श्लोक विश्वास में आश्वस्त करता है कि धर्म और न्याय एक साथ चलते हैं; सच्चा भला वही है जो कमजोरों के साथ होता है और जो समाज के क्षतिग्रस्त हिस्सों को उठाने में समर्थ हो।

शब्दार्थ और चित्र स्पष्ट करना

- बाँझ स्त्री: जन्म के साथ संघर्ष का प्रतीक, जो समाज में शारीरिक-आर्थिक असुरक्षा का सामना करती है।

- विधवा: जो जीवन के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से वंचित होती है, उसका भविष्य असुरक्षित माना जाता है।

इन शब्दों के माध्यम से लेखक स्पष्ट करना चाहता है कि न्याय केवल उसके लिए नहीं है जो पास में है, बल्कि असुरक्षित और कमजोर वर्गों के लिए भी है।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संदर्भ) और तात्पर्य

  • व्यवस्थागत अन्याय बनाम उद्धार: अन्य स्थानों पर भी प्रेरित किया गया है कि दबे-कुचले के लिए सहायता आवश्यक है (उद्धार व न्याय के साथ मेल)।
  • न्याय और दया का संयोजन: परमेश्वर के राज्य में दया बिना न्याय नहीं रहता; दोनों एक दूसरे को पूर्ण करते हैं।
  • विधवा और अनाथों के प्रति देवदर्शी चिंता: पुराने नियम की कई जगहों पर इन वर्गों के लिए सुरक्षा और सहायता का निर्देश है।

आज के संदर्भ में व्यावहारिक अनुप्रयोग

आज के समाज में जहाँ असमानताएं पाई जाती हैं, वहाँ यह श्लोक एक स्पष्ट चेतावनी है कि हमारा आचरण उन कमजोर वर्गों के प्रति संवेदित होना चाहिए। क्या हम अपने समाज, समुदाय या चर्च में आर्थिक-नैतिक सहायता की व्यवस्था बनाते हैं? क्या हम अन्यों के अधिकारों के संरक्षण के लिए खड़े होते हैं? यह श्लोक हमें याद दिलाता है कि ईश्वर के नजदीक भलाई वही है जो कमजोरों के लिए सुरक्षा, सम्मान और न्याय को संभव बनाता है।

संक्षिप्त सार

अय्यूब 24:21 में यह संकेत मिलता है कि जो अन्याय कर उसे समाज से बाहर न lone रहना, वह बाँझ और विधवा के प्रति असंवेदनशील है। यह परमेश्वर के न्याय के अनुरूप नहीं है; विश्वास का वास्तविक परीक्षण कमजोरों के प्रति दया और सत्य के साथ व्यवहार में है।

उद्धरण-आधारित लाइनें (MA, AB, HC): यदि किसी स्थान पर इन टिप्पणीकारों के उद्धरण उपलब्ध हों, तो यहाँ उद्धृत होंगे. मौजूदा पाठ में स्पष्ट शाब्दिक उद्धरण शामिल नहीं हैं; आवश्यकता अनुसार सिर्फ संकेतक शब्द दिए जा सकते हैं।

सूक्ष्म संदर्भ विचार

1) पुराने नियम में सामाजिक न्याय के संकेत: कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर ज़ोर।

2) विश्वास और व्यवहार का समन्वय: आंतरिक आस्था को बाहरी कर्मों से प्रमाणित करना।

3) समुदाय-निर्माण: न्यायपूर्ण समाज में बाँझ और विधवा जैसे वर्गों की सुरक्षा आवश्यक।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

अय्यूब 24:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

अय्यूब 29:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 29:13 (HINIRV) »
जो नाश होने पर था मुझे आशीर्वाद देता था, और मेरे कारण विधवा आनन्द के मारे गाती थी।

1 शमूएल 1:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 1:6 (HINIRV) »
परन्तु उसकी सौत इस कारण से, कि यहोवा ने उसकी कोख बन्द कर रखी थी, उसे अत्यन्त चिढ़ाकर कुढ़ाती रहती थी।

अय्यूब 22:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 22:9 (HINIRV) »
तूने विधवाओं को खाली हाथ लौटा दिया*। और अनाथों की बाहें तोड़ डाली गई।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें