Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
यूहन्ना 10:1 यूहन्ना 10:2 यूहन्ना 10:3 यूहन्ना 10:4 यूहन्ना 10:5 यूहन्ना 10:6 यूहन्ना 10:7 यूहन्ना 10:8 यूहन्ना 10:9 यूहन्ना 10:10 यूहन्ना 10:11 यूहन्ना 10:12 यूहन्ना 10:13 यूहन्ना 10:14 यूहन्ना 10:15 यूहन्ना 10:16 यूहन्ना 10:17 यूहन्ना 10:18 यूहन्ना 10:19 यूहन्ना 10:20 यूहन्ना 10:21 यूहन्ना 10:22 यूहन्ना 10:23 यूहन्ना 10:24 यूहन्ना 10:25 यूहन्ना 10:26 यूहन्ना 10:27 यूहन्ना 10:28 यूहन्ना 10:29 यूहन्ना 10:30 यूहन्ना 10:31 यूहन्ना 10:32 यूहन्ना 10:33 यूहन्ना 10:34 यूहन्ना 10:35 यूहन्ना 10:36 यूहन्ना 10:37 यूहन्ना 10:38 यूहन्ना 10:39 यूहन्ना 10:40 यूहन्ना 10:41 यूहन्ना 10:42



उपरोक्त पाठ का परिवेश और संदर्भ
यूहन्ना 10 के अंतर्गत यीशु अपने शिष्यों को पहरेदारी, रक्षा और उनके जीवन के उद्देश्य के बारे में शिक्षित कर रहे हैं। इस खंड में वे घुसपैठियों (चोर) और भेड़ियों की बात करते हैं और अपनी पहचान के प्रमाण देते हैं। इस संदर्भ में 10:25 वह दृश्य है जब यीशु यह स्पष्ट करते हैं कि उनके किए गए कार्य पिता के नाम से होते हैं, वही उनके प्रमाण हैं और वही उनके संदेश की सत्यता की गवाही देते हैं।
कथन का सार
यीशु कहते हैं: जो काम वे पिता के नाम से करते हैं, वे उनके गवाह हैं—ये कार्य उनके दावे की पुष्टि करते हैं। वे अपने शिष्यों से भी कहते हैं कि वे विश्वास नहीं करते, जबकि उनके काम स्पष्ट गवाही देते हैं। इसका मतलब है कि परमेश्वर के गुण, उद्धार का तरीका और विश्वास का परिणाम—ये सब उनके कार्यों में प्रत्यक्ष दिखते हैं।
पवित्रतावादी शब्दों की सरल व्याख्या
अन्य बाइबिल संदर्भ और उनकी भूमिका
हमारे पास कुछ निकट-दर्शक संदर्भ जिनसे इस पाठ की पुष्टि मिलती है:
गहरी समझ के लिए उद्धरणों की एक झलक
ऐतिहासिक टिप्पणीकारों के विचार कार्यों को इस प्रकार प्रस्तुत करते हैं:
कर्ता-स्वभाव और उद्धार के प्रमाण के साथ यीशु के कार्य, पिता के नाम के ऊपर आधारित सत्य का उद्घाटन करते हैं।
आज के समय में अनुप्रयोग
संक्षेप
यूहन्ना 10:25 में यीशु यह बतलाते हैं कि उनके द्वारा किए गए चमत्कार और भक्त-जीवन की दिशा, पिता के नाम और संदेश की सत्यता की भी गवाही हैं। जिन्हें ईमान नहीं है, उनके लिए यह स्पष्ट संकेत हैं कि उनका विश्वास कठोर है और आत्म-निरोध बढ़ा है।
सूचनात्मक संदर्भ
यदि चाहें, आप इन पंक्तियों के निकट के पाठों को देखें ताकि प्रेम, विश्वास और उद्धार की एक संयुक्त तस्वीर बन सके:
यूहन्ना 5:36; 14:11