यूहन्ना 16:27 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि पिता तो स्वयं ही तुम से प्रेम रखता है, इसलिए कि तुम ने मुझसे प्रेम रखा है, और यह भी विश्वास किया, कि मैं पिता की ओर से आया।

पिछला पद
« यूहन्ना 16:26
अगला पद
यूहन्ना 16:28 »

यूहन्ना 16:27 पद-दर-पद बाइबल टीका

यूहन्ना 16:27 का सरल अर्थ

यह वचन बताता है कि पिता का प्रेम प्रकट होता है क्योंकि यीशु ने कहा है कि वह पिता की ओर से आया है और उसने प्रेम रखा है। विश्वास से भरे heart के साथ प्रभु पर भरोसा रखने वाले लोगों के लिए यह प्रेम कई गुना उजागर होता है: पिता अपने प्रेम से अनुग्रहित करता है और यीशु के साथ संबंध को गहरा करता है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यूहन्ना 16 में यीशु के चेलों के साथ उसकी विदाई तिनकी बातें चल रहीं थीं, जब वह उनसे भविष्य की घटनाओं के बारे में बताता है। 27वां पद यह स्पष्ट करता है कि पिता का प्रेम क्रिया-प्रधान है और वह प्रेम तब और भी साकार होता है जब चेलों ने यीशु से प्रेम रखा है और विश्वास किया है कि वह पिता की ओर से आया है।

व्याख्यात्मक टिप्पणियाँ

1. पिता का प्रेम पहले से है, लेकिन यीशु के माध्यम से वह प्रेम हमारे प्रति प्रकाशित होता है। यह प्रेम स्वाभाविक नहीं, बल्कि प्रभु के कार्य की परिणति है।

2. विश्वास की भूमिका। यह वाक्य साफ करता है कि प्रेम और विश्वास एक दूसरे से जुड़ते हैं—हमने यीशु पर प्रेम किया है और यह विश्वास है कि वह परम पिता से आया है।

3. पिता से आने की विधा। यीशु की साक्षी पहचान बताती है कि वह पृथ्वी पर परम पिता के प्रतिनिधि हैं; यह हमारे लिए ईश्वर के योजना-परक प्रेम की पुष्टि है।

2-3 बिंदु-युक्त सार

  • पिता का प्रेम हमारे लिए मुखर है, और यह प्रेम यीशु के आने से स्पष्ट हुआ।
  • हमारा विश्वास कि यीशु पिता से आया है, प्रेम को और मजबूत करता है।
  • यह संदेश चेलों को भविष्य में उनके लिए आश्वस्त करता है कि वे यीशु में ईश्वर के दिल से जुड़ते हैं।

अन्य उपयुक्त आयतन

रू 8:35-39 में पिता के प्रेम की अटूट सुरक्षा पर बल दिया गया है कि प्रभु के प्रेम से ही हम मृत्यु से जीते रहते हैं; यूहन्ना 14:9-11 में पिता के स्थान पर यीशु की उपस्थिति प्रेम की पूर्ण प्रकटता है; 1 यूहन्ना 4:10-12 में प्रेम का मूल कारण परमेश्वर है और इस प्रेम के कारण हम भी एक दूसरे को प्रेम करते हैं।

संकेतित क्रॉस-रेफरेंसे

1) रोमी 8:38-39— प्रेम के बराबर नहीं कुछ भी हमें उसे अलग कर सकता। यह हमारे विश्वास को दृढ़ करता है कि पिता का प्रेम अडिग है।

2) यूहन्ना 14:9— पिता और पुत्र के बीच का एकत्व और प्रेम की मात्रा को स्पष्ट करता है।

3) 1 यूहन्ना 4:19— हम प्रेम को क्योंकि उसने पहले हम से प्रेम किया, और यह प्रेम यीशु के माध्यम से प्रकट हुआ।

व्यावहारिक निष्कर्ष

जो लोग यीशु पर विश्वास और प्रेम रखते हैं, वे परम पिता के प्रेम का अनुभव करें। जीवन के कठिन समय में भी यह प्रेम आश्वस्त करता है कि हम ईश्वर के साथ गहरे संबंध में हैं। अपने दैनिक अनुभवों में प्रेम को व्यवहार में लाएं—प्यार, विश्वास, और परस्पर विनम्रता के साथ एक दूसरे की सुरक्षा बनें।

कहावत के अनुसार, “पिता स्वयं प्रेम रखते हैं”—यह उद्घोषणा हमें सिखाती है कि प्रेम न केवल सूनाक्रिया है, बल्कि क्रिया-प्रधान है; हमारी स्थिति नहीं, बल्कि परमेश्वर की क्रिया है जो प्रेम से भरे रिश्तों को बनाती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यूहन्ना 16:27 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यूहन्ना 14:21 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यूहन्ना 14:21 (HINIRV) »
जिसके पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्हें मानता है, वही मुझसे प्रेम रखता है, और जो मुझसे प्रेम रखता है, उससे मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उससे प्रेम रखूँगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूँगा।”

यूहन्ना 14:23 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यूहन्ना 14:23 (HINIRV) »
यीशु ने उसको उत्तर दिया, “यदि कोई मुझसे प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उससे प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएँगे, और उसके साथ वास करेंगे।

यूहन्ना 8:42 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यूहन्ना 8:42 (HINIRV) »
यीशु ने उनसे कहा, “यदि परमेश्‍वर तुम्हारा पिता होता, तो तुम मुझसे प्रेम रखते; क्योंकि मैं परमेश्‍वर में से निकलकर आया हूँ; मैं आप से नहीं आया, परन्तु उसी ने मुझे भेजा।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें