Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
यूहन्ना 16:1 यूहन्ना 16:2 यूहन्ना 16:3 यूहन्ना 16:4 यूहन्ना 16:5 यूहन्ना 16:6 यूहन्ना 16:7 यूहन्ना 16:8 यूहन्ना 16:9 यूहन्ना 16:10 यूहन्ना 16:11 यूहन्ना 16:12 यूहन्ना 16:13 यूहन्ना 16:14 यूहन्ना 16:15 यूहन्ना 16:16 यूहन्ना 16:17 यूहन्ना 16:18 यूहन्ना 16:19 यूहन्ना 16:20 यूहन्ना 16:21 यूहन्ना 16:22 यूहन्ना 16:23 यूहन्ना 16:24 यूहन्ना 16:25 यूहन्ना 16:26 यूहन्ना 16:27 यूहन्ना 16:28 यूहन्ना 16:29 यूहन्ना 16:30 यूहन्ना 16:31 यूहन्ना 16:32 यूहन्ना 16:33



यूहन्ना 16:15 पर नजर: पिता का सब कुछ मेरा है
इस पद में यीशु पवित्र आत्मा के कार्य के बारे में स्पष्ट परिप्रेक्ष्य दे रहे हैं: पिता के परम शांतिपूर्ण योजना के भीतर जो कुछ है, वह सब उन्होंने पुत्र के साथ साझा किया है और पुत्र उसी का उद्घाटन, विवरण और मार्गदर्शन करेगा। यहां हमारी समझ तीन हिस्सों में बंधती है — कौन सा संदर्भ, कैसे सुसमाचार की सबक स्पष्ट होते हैं, और कैसे इसका हमारे विश्वास-जीवन पर प्रभाव पड़ता है।
पद का क्लासिक संदर्भ में समेकन
यूहन्ना 16 में यीशु अपने शिष्यों को चेतावनी, सहायता और.direction दे रहे हैं क्योंकि वे क्रूशिफ़्शन और पेन के समय से पहले होते हैं। 15वें अध्याय में वह प्रेम और एकता के रूप में उनसे संबद्ध रहते हैं; 16वें अध्याय में वे पवित्र आत्मा के आगमन के बारे में बताते हैं जो पिता के उद्देश्य को सिद्ध करेगा।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
पिता के साथ पुत्र की साझेदारी: एकीकृत दृष्टिकोण
पिता की सभी वस्तुएं पुत्र के पास हैं क्योंकि उन्हें उद्धार की योजना में प्रमुख स्थान प्राप्त है। यह एक कॉस्मिक इंटिमेसी है: पुत्र को जो कुछ देना है, वही आत्मा के द्वारा दिया जाएगा ताकि शिष्य सत्य की पहचान करें, दोषों को समझें और विश्वास में मढ़ें।
अनुप्रयोग: आज कैसे स्वीकृत करें
अन्य प्रमाण-उद्धरण से मेल-जोल
हम Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke की सार्वजनिक-डायरी टिप्पणियों से मिले संकेतों के छोटे अंश देखते हैं:
Henry से संक्षेप: “The Spirit shall take of the things that are of Christ, and show them unto you.”
Barnes से संक्षेप: “He shall glorify me: for he shall take of mine, and shall declare it unto you.”
Clarke से संक्षेप: “The Spirit’s office is to guide into truth, to convict of sin, and to manifest Christ’s present truths.”
क्रॉस-रेफरेंस और संक्षेप निष्कर्ष
1) योहन्ना 14:26 — आत्मा शिष्य को स्मरण कराएगा और सभी सत्य का मार्गदर्शन करेगा।
2) योहन्ना 15:26 — आत्मा मुझे से निकलेगा और तुम तक यह बात पहुँचाएगा—यही है “जो मेरे हैं” का क्रियात्मक परिणाम।
3) प्रेरितों के काम 1:8 — आत्मा की शक्ति से आप विश्व के सामने मसीह की गवाही देंगे।
संक्षेप निष्कर्ष
यूहन्ना 16:15 बताता है कि ईश्वर की दिव्य योजना तीनों व्यक्तियों के समन्वय में चलती है: पिता का उद्देश्य, पुत्र की प्राप्ति और आत्मा की पुष्टि। शिष्य स्वयं को इस त्रिमुखी कार्य के भीतर पाता है, क्योंकि पवित्र आत्मा वही चीजें उजागर करेगा जो पहले पिता और पुत्र के बीच हैं। इसका लक्ष्य है विश्वास में दृढ़ता, सत्य की समझ और परमेश्वर के सामन्य जीवन का अनुभव।
उद्धृत सार: यदि आप इस वचनों को अपने दैनिक जीवन से जोड़ना चाहें, तो आत्मा से मार्गदर्शन के लिए शांत-prayer और स्पष्ट पठन-पाठन के माध्यम से प्रभु की योजना को समझें। यह पाठ हमें याद दिलाता है कि एक ईश्वर की तीन रूपों में सक्रिय क्रिया हमारे बीच रहती है—ताकि हम यीशु के विषय में पूर्ण सत्य तक पहुँचें।