यूहन्ना 16:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जब स्त्री जनने लगती है तो उसको शोक होता है, क्योंकि उसकी दुःख की घड़ी आ पहुँची, परन्तु जब वह बालक को जन्म दे चुकी तो इस आनन्द से कि जगत में एक मनुष्य उत्‍पन्‍न हुआ, उस संकट को फिर स्मरण नहीं करती। (यशा. 26:17, मीका 4:9)

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यूहन्ना 16:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

यूहन्ना 16:21 का संदर्भ और अर्थ

यूहन्ना 16 में यीशु अपने चेलों को भविष्य की कठिनाइयों और उनके दुख-समाचार से पहले मिलने वाले सुख-आनंद की संभावना के बारे में बताते हैं। खास बात यह है कि वह श्रद्धालु यीशु के क्रूस-यात्रा के समय आने वाले दर्द को प्रकट करते हैं, ताकि उनके विश्वास के पथ पर उसे गहराई से समझ सकें। उपरोक्त पद में स्त्री के जन्म के दर्द और बालक के जन्म से मिलने वाले आनन्द के साथ आत्म-लाभ का चित्रण है—जो इस दुख से उभरते हुए एक नई आशा देता है।

मुख्य अर्थ और संदेश

कथन में दुख एक अस्थायी अवस्था है, जो हर्ष के सामने टिक नहीं पाती। जैसे स्त्री जन्म के समय पीड़ा सहती है, पर जन्म के साथ उसका दर्द एक दिवसीय स्मृति बन जाता है, वैसे ही क्रूस के समय विश्व को मिले शोक के बाद क्षणिक पलों के भीतर गहरी खुशी उभरती है। यह प्राकृतिक चक्र है—गंभीर क्लेश के बाद भगवान के नियत स्रोत से उद्धार का उत्तर मिलता है।

कुंजी थीम

  • दुःख और आनंद का क्रम: अभी का कष्ट अंततः प्रभु की महिमा और उद्धार के साथ समाप्त होता है।
  • विश्वास में आशा: विश्वासियों को जन्म के जैसी नई जीवन-आशा दी जाती है, जो क्षणिक दुःख को पीछे छोड़ देती है।
  • योजनाबद्ध ईश्वर की योजना: पिता के नियोजन के अनुसार हर घटना एक परम उद्देश्य के लिए है।

प्रासंगिक क्रॉस-रेफरेंस

  • यशा 26:17—स्त्री के कष्ट का एक स्वरूप जो उद्धार के लक्ष्य की ओर संकेत करता है। यह दिखाता है कि ईश्वर के डिजाइन में वेदनाएं भी एक संदेश बन जाती हैं।
  • मीका 4:9—यही विचार कि क्लेशन के बीच भी उद्धार की आशा दी जाती है और संसार के इतिहास में परमेश्वर का हाथ काम करता है।
  • यूहन्ना 16:33—“दुनिया में तुम दुःख पाओगे, परन्तु वीरता के साथ मैं तुम्हारे साथ हूँ” जैसा संदेश जो इस पद के पीछे की समग्र प्रेरणा देता है।

व्यावहारिक चिंतन

जब जीवन में दुःख आये, तब हमें यह स्मरण रखना चाहिए कि यह समय स्थायी नहीं है। परमेश्वर के उद्धार-कर्म की उम्मीद में आस्थावान लोग धैर्य और विश्वास बनाये रखते हैं। कठिनाइयों के बीच ईश्वर की योजना का भरोसा, हमारी आंतरिक शांति और दूसरों के लिए संवेदनशीलता बढ़ाता है—जिनका व्यापक प्रभाव समाज और चर्च के जीवन में दिखता है।

एक संकलन और निष्कर्ष

यूहन्ना 16:21 एक प्रेरक दृश्य प्रस्तुत करता है जिसमें दुख के समय के भीतर भी जन्म-जैसी नई खुशी की संभावना रहती है। यह कुरुवाणी है कि कठिनाई के बाद आशा का प्रकाश फूटता है और यह विश्वासियों के लिए एक मजबूत स्मृति है कि प्रभु के साथ साहस और विश्वास रखने पर उसकी महिमा प्रकट होती है।

संक्षिप्त उद्धरण और स्रोत

यह विचारMatthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से समाहित सार्वजनिक-डोमेन टीका-आवधारणाओं के साथ समेकित किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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