यूहन्ना 6:67 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब यीशु ने उन बारहों से कहा, “क्या तुम भी चले जाना चाहते हो?”

पिछला पद
« यूहन्ना 6:66
अगला पद
यूहन्ना 6:68 »

यूहन्ना 6:67 पद-दर-पद बाइबल टीका

यूहन्ना 6:67 का प्रसंग: क्या तुम भी चले जाना चाहते हो?

यह घटना कंपनी के बीच घटित होती है जब लाखों चेलों ने आकाश से उतरने वाले रोटी के चमत्कार के बाद यीशु से उत्साहित होकर उसे अपना शत्रुतापूर्ण नेता मानना शुरू किया। वे एक साथ यह मान लेते हैं कि यीशु जीवन की भूख मिटाने के लिए एक राजसी राजकुमार हैं। परंतु यीशु अपने लोगों के वास्तविक विश्वास और उनका उद्देश्य जानना चाहते हैं। इस समय यीशु उन बारहों से पूछते हैं, जिनमें से एक ने पहले उन्हें प्रेरित किया है—“क्या तुम भी चले जाना चाहते हो?” यह प्रश्न उन चेलों की आस्था की सटीकता को परखने का है।

क्यों यह प्रश्न जरूरी है: परमेश्वर की ओर विश्वास और पाठशाला

यह वाकयुद्ध स्पष्ट करता है कि ईश्वर के साथ जीवन का संबंध केवल चमत्कारों के कारण नहीं बन सकता। लोग जब भौतिक चंगाई या अनुभवों के कारण प्रभावित होते हैं, तो वह संबंध स्थायी नहीं होता। यीशु जानना चाहते थे कि उनके साथ रहने वाले लोग सत्यनिष्ठ हैं या नहीं। इस संदर्भ में God की ओर विश्वास एक निर्भरता, न कि केवल रसिक आशाओं का परिणाम है।

शब्दों और छवि की स्पष्ट व्याख्या

— “तुम भी चले जाना चाहते हो?” एक मुक्त-उद्धारकर्ता से पूछा गया चुनौतीपूर्ण प्रश्न है। यह रिश्ते की गहराई, निष्ठा और उपलब्धा की मांग है। כאן स्वर्गीय कृपा सीमाओं के भीतर चलने वाले लोगों के चयन को दर्शाती है: क्या तुम मेरी राह पर दृढ़ रहोगे, भले ही समझ न आए?

अन्य पाठ से संबंध (cross-references)

  • यूहन्ना 6:68-69: पेत्रुस की उत्तर-धारा—“हमको किस पर जाना है? तुम ही have eternal life के शब्द रखते हो।” यह बताता है कि विश्वास एक प्रवाह है जो यीशु के ठहराव पर टिका है।
  • यूहन्ना 15:5: “मैं वृक्ष हूँ, तुम खाते हो तो तुममे जीवन रहता है”—विश्वास-सम्बन्ध के जीवंत tenuary का संकेत देता है कि हमारी जीविका केवल चमत्कार नहीं, परंतु सम्बन्ध पर टिका है।
  • याकूब 1:6: विश्वास में डुलने पर, बिना विश्वास के आत्मा की स्थायित्व नहीं होती; यह संकेत देता है कि धारणाओं के साथ अभ्यास और समर्पण जरूरी है.

पवित्र दृढ़ विश्वास के लिए छोटा मार्गदर्शक

  1. विश्वास के लिए प्रेरणा: यीशु के साथ रिश्ता—न केवल उनके चमत्कारों के कारण।
  2. विश्वास और समर्पण: मुश्किल समय में भी ईश्वर की योजना पर विश्वास बनाये रखना।
  3. धैर्य और निर्देश: प्रभु के साथ रहने से जीवन में वास्तविक आशीष मिलती है, भिन्न-भिन्न परिदृश्यों में भी प्रभु का मार्ग स्पष्ट होता है।

ऐतिहासिक टिप्पणी से प्रेरणा

फिलहाल की वैचारिक परंपरा में Matthew Henry और Albert Barnes के टिप्पणी-स्वर उन बातों पर प्रकाश डालते हैं कि यह प्रश्न चेलों की गहनता और दृढ़ता की परीक्षा है—क्या वे उनके पास बने रहेंगे जब खान-पान और चमत्कार पीछे छूटे? Adam Clarke समझाते हैं कि यह प्रश्न वास्तविक अनुयायियों के चयन का निर्णायक क्षण है, क्योंकि दरअसल यीशु ही सत्य मार्ग हैं। इन विचारों में कोई शब्द-यांत्रिक उद्धरण नहीं दिया गया है, पर उनकी समन्वित समझ से यह स्पष्ट होता है कि निष्ठा और निर्भरता परमेश्वर के साथ जीवन का मूल है।

व्यावहारिक today: आज के पाठ

हमारे जीवन में यह प्रश्न हर समय प्रासंगिक है। क्या हम भौतिक सुखों या सामाजिक आवेग के पीछे नहीं, पर ईश्वर के साथ अपने रिश्ते की गहराई को चुनते हैं? कठिन समय में भी यीशु के साथ रहना, उनका अनुसरण करना और उनके शब्दों पर टिकना—यही वास्तविक जीवन का मार्ग है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यूहन्ना 6:67 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यूहन्ना 6:70 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यूहन्ना 6:70 (HINIRV) »
यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, “क्या मैंने तुम बारहों को नहीं चुन लिया? तो भी तुम में से एक व्यक्ति शैतान है।”

रूत 1:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
रूत 1:11 (HINIRV) »
नाओमी ने कहा, “हे मेरी बेटियों, लौट जाओ, तुम क्यों मेरे संग चलोगी? क्या मेरी कोख में और पुत्र हैं जो तुम्हारे पति हों?

लूका 14:25 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 14:25 (HINIRV) »
और जब बड़ी भीड़ उसके साथ जा रही थी, तो उसने पीछे फिरकर उनसे कहा।

यूहन्ना 6 (HINIRV) Verse Selection

यूहन्ना 6:1 यूहन्ना 6:2 यूहन्ना 6:3 यूहन्ना 6:4 यूहन्ना 6:5 यूहन्ना 6:6 यूहन्ना 6:7 यूहन्ना 6:8 यूहन्ना 6:9 यूहन्ना 6:10 यूहन्ना 6:11 यूहन्ना 6:12 यूहन्ना 6:13 यूहन्ना 6:14 यूहन्ना 6:15 यूहन्ना 6:16 यूहन्ना 6:17 यूहन्ना 6:18 यूहन्ना 6:19 यूहन्ना 6:20 यूहन्ना 6:21 यूहन्ना 6:22 यूहन्ना 6:23 यूहन्ना 6:24 यूहन्ना 6:25 यूहन्ना 6:26 यूहन्ना 6:27 यूहन्ना 6:28 यूहन्ना 6:29 यूहन्ना 6:30 यूहन्ना 6:31 यूहन्ना 6:32 यूहन्ना 6:33 यूहन्ना 6:34 यूहन्ना 6:35 यूहन्ना 6:36 यूहन्ना 6:37 यूहन्ना 6:38 यूहन्ना 6:39 यूहन्ना 6:40 यूहन्ना 6:41 यूहन्ना 6:42 यूहन्ना 6:43 यूहन्ना 6:44 यूहन्ना 6:45 यूहन्ना 6:46 यूहन्ना 6:47 यूहन्ना 6:48 यूहन्ना 6:49 यूहन्ना 6:50 यूहन्ना 6:51 यूहन्ना 6:52 यूहन्ना 6:53 यूहन्ना 6:54 यूहन्ना 6:55 यूहन्ना 6:56 यूहन्ना 6:57 यूहन्ना 6:58 यूहन्ना 6:59 यूहन्ना 6:60 यूहन्ना 6:61 यूहन्ना 6:62 यूहन्ना 6:63 यूहन्ना 6:64 यूहन्ना 6:65 यूहन्ना 6:66 यूहन्ना 6:67 यूहन्ना 6:68 यूहन्ना 6:69 यूहन्ना 6:70 यूहन्ना 6:71

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें