Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 13:1 न्यायियों 13:2 न्यायियों 13:3 न्यायियों 13:4 न्यायियों 13:5 न्यायियों 13:6 न्यायियों 13:7 न्यायियों 13:8 न्यायियों 13:9 न्यायियों 13:10 न्यायियों 13:11 न्यायियों 13:12 न्यायियों 13:13 न्यायियों 13:14 न्यायियों 13:15 न्यायियों 13:16 न्यायियों 13:17 न्यायियों 13:18 न्यायियों 13:19 न्यायियों 13:20 न्यायियों 13:21 न्यायियों 13:22 न्यायियों 13:23 न्यायियों 13:24 न्यायियों 13:25



न्यायियों 13:5 का अर्थ स्पष्ट रूप से
कहावाही स्पष्ट है: यह शिशु पर अचरजजनक नियति नहीं, परमेश्वर की योजना से जुड़ा लक्ष्य है—तू गर्भवती होगी और एक पुत्र उत्पन्न होगा; वह नाज़ीर रहेगा और इस्राएल को पलिश्तियों के हाथ से छुड़ाने में उसकी वही भूमिका होगी।
प्रसंगिक पृष्ठभूमि
तथाकथित न्यायियों काल में इस्राएल बार-बार धर्म से विचलित हो गया था और पड़ोसी राष्ट्रों के दबाव में रहा। इस समय के सुपुत्र, मनोआ की पत्नी से यह सूचना दी जा रही है, जो देवदार के अनुसार एक नाज़ीर बनने वाले पुत्र के जन्म का संकेत है। नाज़ीरीयत का उद्देश्य आत्मसमर्पण, पवित्रता और सर्वस्व परमेश्वर के लिए समर्पण रखना है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
- गर्भधारण का संकेत: यह जन्मस्थली और उद्धार के लिए तैयार युवक की भूमिका को दर्शाता है। वह परमेश्वर की योजना में एक विशिष्ट सहाय्यक के रूप में उठेगा।
- नाज़ीर बनना: सिर पर छुरा न फिरे का विधान उसे पूरी तरह पवित्र और बाह्य-धार्मिक नियमों के अनुरूप बनाता है। यह संकेत करता है कि उसका जीवन परमेश्वर के विशेष उद्देश्य के लिए समर्पित होगा।
- पलिश्तियों के विरुद्ध उद्धार: उद्धार का यह लक्ष्य सामरिक ही नहीं, आध्यात्मिक भी है — याजकों और कर्मठता के साथ इस्राएली जनता को उनका चावित स्वतंत्रता मिलेगी।
विचार योग्य बिंदु
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में समझ समझाते हुए)
- संदर्भ 1: रोम 8:28—ईश्वर की योजना के अनुसार सब कुछ मिलकर उन्हें जिसे प्रेम करते हैं, भला बनाते हैं; यहाँ जन्म से पहले ही लक्ष्य निर्धारित होता है।
- संदर्भ 2: वैकल्पिक नाज़ीर नियम की अवधारणा: नाज़ीर ने जीवनभर पवित्रता के प्रतीक के रूप में अव्याहृत सेवा दी। यह उद्धार के एक प्रकार के प्रतीक के रूप में भी देखा जा सकता है।
- संदर्भ 3: जेशुआह से अलग, परन्तु परमेश्वर की सहायता द्वारा राष्ट्र के लिए एकउद्धारक का पदार्पण—यातना के बीच भी आशा का संदेश।
केंद्रीय संदेशों का संक्षेप
इस वचन से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर अपने लोगों के उद्धार के लिए समय-सारणी बनाते हैं, भले ही वह तरीका असामान्य प्रतीत हो। किसी की जन्म के साथ ही दिव्य कार्य शुरू हो जाता है, और नाज़ीर जीवन व पूरा समर्पण इस दिशा में एक मार्गदर्शक संकेत बन जाता है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
हम सीखते हैं कि परमेश्वर की_calling अक्सर हमारी सामान्य स्थितियों में दिखाई देती है। हमारा धैर्य, परमेश्वर के निर्देश के प्रति विनम्रतासे अनुग्रहपूर्ण उत्तर देना और उसके उद्देश्य में सहयोग देना शुद्ध जीवन का सार है।
उद्धृत टिप्पणीकारों का संक्षेप उपयोग
माथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क की सार्वजनिक-डायमयCommentary विचारों से बनी समन्वयक झलक इस पाठ की व्याख्या में आपसी समरूपता और सतही-न्याय से ऊपर उठकर एक सुसंगत निष्कर्ष देता है।
महत्वपूर्ण उद्धरण: किसी भी विशिष्ट उद्धरण के लिए नीचे दिया गया उल्लेख केवल उसी समय मान्य है जब पाठ्यपुस्तक से सटीक पाठ उपलब्ध हो:
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