Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 14:1 न्यायियों 14:2 न्यायियों 14:3 न्यायियों 14:4 न्यायियों 14:5 न्यायियों 14:6 न्यायियों 14:7 न्यायियों 14:8 न्यायियों 14:9 न्यायियों 14:10 न्यायियों 14:11 न्यायियों 14:12 न्यायियों 14:13 न्यायियों 14:14 न्यायियों 14:15 न्यायियों 14:16 न्यायियों 14:17 न्यायियों 14:18 न्यायियों 14:19 न्यायियों 14:20



न्यायियों 14:1 का स्पष्ट अर्थ
इस पद का सीधा आशय है कि श Shimशोन ने तिम्नाह नामक पलिश्ती नगर में एक पलिश्ती महिला को देखा और उससे मिलने का निर्देश मिला। यहाँ पहले कदम में बताना है कि यह घटना शिमशोन की दृष्टि और जोखिम उठाने की प्रवृत्ति को उजागर करती है, जो आगे उसकी जीवनयात्रा के लिए निर्णायक मोड़ बनती है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
न्यायियों के समय इजरायल बारम्बार गिरहबद्धता से नीचे था और परलोकीय कुटुम्बी-राजाओं के बजाय न्यायप्रिय नेताओं की कमी थी। शिमशोन को नश्वर शक्ति दी गई थी, पर उसकी आध्यात्मिक discernment कमजोर रहा। तिम्नाह एक पलिश्ती समुदाय से है, जो उस समय इजरायली शहरों के लिए समस्याओं का कारण बना रहा था। यह मिलन एक नैतिक संकेत भी है कि शिमशोन की सरकार नियंत्रण से बाहर हो रही थी, और व्यक्तिगत इच्छा-शक्ति का दुरुपयोग क्यों असफलता का मार्ग बन सकता है।
मुख्य interpretive observations
छोटा थीमैटिक लिस्ट
अन्य प्रासंगिक पठन (Cross-references)
यहाँ तीन संदर्भ दिए जा रहे हैं जो इस अध्याय के थीम से मिलते-जुलते हैं:
इन संदर्भों से समझ आता है कि बाहरी आकर्षण से निपटना, आचार-व्यवहार की पवित्रता और प्रभु की योजना के अनुरूप निर्णय लेना कितना आवश्यक है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
इस पद से एक स्पष्ट पाठ यह है कि जीवन के निर्णयों में ईश्वर की आशीष के अनुरूप चलना चाहिए, न कि निजी आकर्षणों के वश में आकर मार्ग बदलना चाहिए। नियमों की पवित्र सीमा के भीतर जीवन जीना, और दूसरों के साथ संबंधों में परमेश्वर की इच्छाओं को प्रधान रखना बुद्धिमानी है।
उद्धरण नोट: इस पंक्ति के लिए मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के संकलनों से विशिष्ट वाक्यों का अनुपात नीचे दिया गया है, यदि उपलब्ध हों तो ध्यान से उद्धृत किए गए हैं:
इस हालिया प्रस्तुति में विशेष स्पष्ट उद्धरण नहीं दिए गए हैं; किन्तु समान विचारधारा के अनुसार उनके टिप्पणियों के स्वाभाविक सार का सम्मिश्रण किया गया है ताकि पाठक को ध्वनि तर्क और पवित्र कथा का एक संयुक्त आकलन मिल सके।