Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 14:1 न्यायियों 14:2 न्यायियों 14:3 न्यायियों 14:4 न्यायियों 14:5 न्यायियों 14:6 न्यायियों 14:7 न्यायियों 14:8 न्यायियों 14:9 न्यायियों 14:10 न्यायियों 14:11 न्यायियों 14:12 न्यायियों 14:13 न्यायियों 14:14 न्यायियों 14:15 न्यायियों 14:16 न्यायियों 14:17 न्यायियों 14:18 न्यायियों 14:19 न्यायियों 14:20


न्यायियों 14:16 का व्याख्यान: पहेली के पीछे दिलचस्प नीयत और समाज-जीवन
मुख्य बिंदु: शिमशोन की पत्नी की यह शिकायत एक सामने आई वास्तविकता है—रहस्य और परिवार-सम्बन्धों के बीच रिश्ते की tilling. पहेली का अर्थ बताने में उसने व्यक्तिगत भावनात्मक चोट का अनुभव किया, और शिमशोन के उत्तर में एक पुरानी मानव प्रवृत्ति झलकती है: ज्ञान के लिए सुरक्षा की आड़ और रिश्तों के दायरे में पारिवारिक कर्तव्य की कसौटी।
पाठ-परिप्रेक्ष्य: कथा-संदर्भ और साहित्यिक संरचना
यह आयत जुदाई और पहेली के खेल का एक भाग है जो दाउद, शिमशोन और उनके समय के बीच के सामाजिक-राजनीतिक संघर्ष का संकेत देता है। पहेली एक तरह से शिमशोन के बल और कुटुम्ब के बीच संतुलन, तथा मित्र-परिजन के भरोसे में कसौटी दिखाती है। शिमशोन का उत्तर इस बात को उजागर करता है कि पहेलियाँ केवल मज़ा-खेल नहीं, बल्कि व्यक्तिगत अधिकार और पारंपरिक मान्यताओं के साथ खेलना भी हो सकता है।
धार्मिक महत्व: ज्ञान, विश्वसनीयता और रिश्तों की जिम्मेदारी
इस verse में ज्ञान साझा करने का अधिकार और उसका स्रोत—परिवार के भीतर का भरोसा—का प्रश्न उभरता है। परमेश्वर की योजनाओं के बीच मानव-समझ और नैतिक उत्तरदायित्व भी सामने आते हैं: पहेली का अर्थ बताने से इनकार करना न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का संकेत है, बल्कि समुदाय के भीतर रिश्तों की वास्तविकता और नीतिगत सीमाओं को भी परिभाषित करता है।
कौर Cross-References (संक्षिप्त व्याख्या)
व्याख्या: यीशु-काल के संदर्भ नहीं हैं, पर ये सूत्र एक सामान्य बोध देते हैं—क्योंकि जीवन के गुप्त-अर्थ कभी-भी बिना प्रश्न के सीधे नहीं दिए जाते; पारिवारिक निष्ठा और सामुदायिक सुरक्षा के बीच संतुलन आवश्यक है।
महत्वपूर्ण प्रश्न-प्रतिचिंतन
संक्षिप्त निष्कर्ष
न्यायियों 14:16 में एक सरल वाक्य हमारे सामने एक बड़ा प्रश्न रखता है: गुप्त और स्पष्ट के बीच जीवन कैसे चलता है? पहेली का अर्थ बताने में शिमशोन का निर्णय स्पष्ट करता है कि किसी भी व्यक्तिगत या पारिवारिक मुद्दे के पार उसके भीतर एक नैतिक दायित्व है—सत्य कहने के अधिकार और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाये रखना चाहिए। हर समाज में रिश्तों की नाजुक डोर को समझना और उसका सम्मान करना आवश्यक है.
अनुवादक-उद्धरण संकेत
इस पाठ के व्याख्यान में हूबहू Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संक्षिप्त उद्धरण उपलब्ध हों तो उनके उल्लेख नीचे दिए गये हैं। ध्यान दें कि नीचे दिए उद्धरण केवल संदर्भ के रूप में हैं:
“उन्हें अपनी माता or पिता को भी नहीं बताया, फिर क्या मैं तुझको बता दूँ?” — यह कथन शिमशोन के ठोस, व्यावहारिक स्पष्टवाद और अनुशासनात्मक सोच का संकेत देता है।