Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 5:1 न्यायियों 5:2 न्यायियों 5:3 न्यायियों 5:4 न्यायियों 5:5 न्यायियों 5:6 न्यायियों 5:7 न्यायियों 5:8 न्यायियों 5:9 न्यायियों 5:10 न्यायियों 5:11 न्यायियों 5:12 न्यायियों 5:13 न्यायियों 5:14 न्यायियों 5:15 न्यायियों 5:16 न्यायियों 5:17 न्यायियों 5:18 न्यायियों 5:19 न्यायियों 5:20 न्यायियों 5:21 न्यायियों 5:22 न्यायियों 5:23 न्यायियों 5:24 न्यायियों 5:25 न्यायियों 5:26 न्यायियों 5:27 न्यायियों 5:28 न्यायियों 5:29 न्यायियों 5:30 न्यायियों 5:31



न्यायियों 5:1 परCOMMENTARY
मुख्य विचार: उस दिन जब दबोरा और अबीनोअम के पुत्र बाराक ने यह गीत गाया, तो स्थिति एक पवित्र स्मृति और सामर्थ्यपूर्ण धन्यवाद की आवाज बन गई। यह गीत प्रकट करता है कि ईश्वर ने इस्राइल को शत्रुओं पर विजय दी और उनके नेतृत्व की निष्ठा, एकता और विश्वास को मान दिलाया। यह पंक्ति साक्ष्य देती है कि परमेश्वर के काम में मनुष्य की सहभागिता कैसे प्रभावी बनती है—यही कारण है कि बाराक ने यह गीत गाया और गीत की परंपरा से यह घटना स्मरणीय बनी।
literary context (साहित्यिक संदर्भ)
यह पाठ न्यायियों पुस्तक की व्यापक कथा-रेखा में एक सामुदायिक उत्सव का संकेत है। न्यायियों 4–5 अध्यायों में बाराक और दबोरा की संयुक्त भूमिका है—सामर्थ्य, नेतृत्व, और परमेश्वर के आह्वान का संयुक्त उत्तर। 5:1 का उद्घोष एक प्रकार का विजयी उद्घोषणा है: युद्ध के बाद की पूजा, स्मरण और आभार। यह गीत-गीतिका शैली में है—यहां बाराक ने लेखक की वही भूमिका निभाई जो सामूहिक स्मृति के गीतों का लक्ष्य है: परमेश्वर के उद्धारकर्ता के काम का सार्वजनिक प्रमाण।
theological significance ( theological significance)
इस Verse की केन्द्रीय बात यह है कि धर्म-युद्ध में नैतिक नेतृत्व और भक्ति का संयुक्त प्रभाव दिखा। दबोरा की प्रेरणा, बाराक की धैर्यपूर्ण सहयोग और कड़वी सुरक्षा-उत्कर्ष के बीच, परमेश्वर की वादा-निष्ठा और संहिता-पालन की पुष्टि होती है। यह गीत यह भी संकेत करता है कि ईश्वर अपने चयनित साधनों के साथ कैसे काम करते हैं—न कि मनुष्यों की शक्तियों के अनुसार, बल्कि उनकी आज्ञाओं के अनुसार।
cross-references (सम्बन्धित बाइबल पाठ)
इन संदर्भों में: (1) आत्म-समर्पण और परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन कितना प्रभावी है; (2) प्रभु के वच्न के प्रभाव की पुष्टि; (3) नेताओं और संगठित समुदाय के बीच सहयोग की महत्ता स्पष्ट होती है।
practical reflections (जीवन पर प्रभाव)
Questions for reflection ( reflection prompts)
conclusion (संक्षेप)
न्यायियों 5:1 वह क्षण है जब वीरता और भक्ति एक साथ प्रकट होती है—जब लोग परमेश्वर के कारण जीत का गीत गाते हैं और स्मरण करते हैं कि यह विजय उनके कर्म से नहीं, बल्कि उनकी आज्ञाओं के पालन से है। बाराक और दबोरा ने एक साथ दिखाया कि परमेश्वर के उद्देश्यों के लिए प्रतिबद्ध नेतृत्व और समुदाय का संगठित योगदान कैसे उद्धार की कहानी बनाते हैं।
प्रारम्भिक उद्धरण: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के एक-एक छोटे उद्धरण यदि उपलब्ध हों, वे यहाँ नीचे उद्धृत किये जा सकते हैं।
उद्धरण संकेत: “...” — Matthew Henry; “...” — Albert Barnes; “...” — Adam Clarke.