Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 5:1 न्यायियों 5:2 न्यायियों 5:3 न्यायियों 5:4 न्यायियों 5:5 न्यायियों 5:6 न्यायियों 5:7 न्यायियों 5:8 न्यायियों 5:9 न्यायियों 5:10 न्यायियों 5:11 न्यायियों 5:12 न्यायियों 5:13 न्यायियों 5:14 न्यायियों 5:15 न्यायियों 5:16 न्यायियों 5:17 न्यायियों 5:18 न्यायियों 5:19 न्यायियों 5:20 न्यायियों 5:21 न्यायियों 5:22 न्यायियों 5:23 न्यायियों 5:24 न्यायियों 5:25 न्यायियों 5:26 न्यायियों 5:27 न्यायियों 5:28 न्यायियों 5:29 न्यायियों 5:30 न्यायियों 5:31



न्यायियों 5:31 पर टिप्पणी — इस्राइल में शांति का परिदृश्य
यह कविता नयी कराहों के साथ नहीं, बल्कि एक प्रार्थना-समाप्ति के रूप में है जो गाने में बही है: यहोवा के जयकार, शत्रुओं की परास्ति और उसके विश्वासयोग्यों की उज्ज्वला-शक्ति। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में जाले/तुतम के युद्ध के बाद यह statement आता है—युद्ध के समय होने वाली कठोरता के बाद देश में चालीस वर्ष तक शांति का विस्तार। यह कविता विराम देती है कि परमेश्वर के न्याय-कार्य के साथ-साथ उसकी दया-बंधन भी चलता है; जिनके साथ प्रेम है, वे उज्ज्वल सूर्य की तरह उभरते हैं।
मुख्य अर्थ
यह कर्मकांता दो भागों में है: (1) यहोवा को समर्पित, शत्रुओं के विनाश का 宣ग है; (2) शांति और संरक्षण का संदेश, जो विश्वासयोग्यों के लिए दीर्घकालिक স্বস্তि के रूप में आता है। “तेरे सब शत्रु ऐसे ही नाश हो जाएँ” एक दिव्य न्याय की प्रार्थना है; “परन्तु उसके प्रेमी लोग प्रताप के साथ उदय होते हुए सूर्य के समान तेजोमय हों” का आशय यह है कि धर्मी समाज में उजाला और प्रेरणा का विकस होता है।
कुंजी विचारधाराएं
अनुसंग प्रासंगिक मार्गदर्शक विचार
इस पद के साथ उल्लेखित अन्य संदर्भ स्वस्थ पाठ के लिए महत्व रखते हैं:
पठन से सीख
इन्वर्सन के अनुसार, भक्तजन के लिए यह विचार प्रेरणा देता है कि कठिन समय के बाद भी ईश्वर का भरोसा बना रहे। प्रार्थना में अन्तर—शत्रुओं का विनाश और धार्मिक समुदाय की उज्ज्वलता, दोनों एक साथ संभव हैं जब लोग सत्य के साथ चलते हैं।
संदर्भ-सम्बन्ध
इस संदेश की दिशा में यह तीन cross-references देखने योग्य हैं:
संक्षिप्त समापन
न्यायियों 5:31 एक ऐसे समय की स्मृति है जब ईश्वर के न्याय और प्रेम ने एक राष्ट्र को स्थायी शांति दी। यह उद्धारता की स्थापना के साथ--साथ विश्वासयोग्यों के लिए उत्तम जीवन की प्रेरणा भी है—शत्रु विनाश और समाज में उज्ज्वल प्रेम का संगम।
मुख्य उद्धरण (अख़बार-स्तर) — Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के निर्धारित पाठ से किसी शुद्ध पाठ के छोटे अंश नीचे व्यवस्थित रूप में दिए जा सकते हैं: “...”, “...”, “...”। प्रत्येक सत्र के भीतर इन उद्धरणों को संक्षेप में देखना पाठ के समृद्ध अर्थ को उजागर करता है, परन्तु पूर्ण टेक्स्ट उद्धृत नहीं किया गया है ताकि पाठ की आधिकारिक संरचना बनी रहे।
प्रायोगिक अनुप्रयोग: परिवार और समुदाय—यह दृश्य शांति के लिए प्रार्थना करें, और असुरक्षा के क्षणों में भी परमेश्वर की सुरक्षा पर विश्वास बनाए रखें।