Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 5:1 न्यायियों 5:2 न्यायियों 5:3 न्यायियों 5:4 न्यायियों 5:5 न्यायियों 5:6 न्यायियों 5:7 न्यायियों 5:8 न्यायियों 5:9 न्यायियों 5:10 न्यायियों 5:11 न्यायियों 5:12 न्यायियों 5:13 न्यायियों 5:14 न्यायियों 5:15 न्यायियों 5:16 न्यायियों 5:17 न्यायियों 5:18 न्यायियों 5:19 न्यायियों 5:20 न्यायियों 5:21 न्यायियों 5:22 न्यायियों 5:23 न्यायियों 5:24 न्यायियों 5:25 न्यायियों 5:26 न्यायियों 5:27 न्यायियों 5:28 न्यायियों 5:29 न्यायियों 5:30 न्यायियों 5:31



तत्कालीन संदर्भ
न्यायियों 5:16 भाग है दिफ्फ़न और भविष्यवक्ता देबोरा के गीत का — इस गायकत्व में इस्राएल के न्यायियों के समय के युद्ध और जनसमूह का स्मरण है। पूरा गीत यह बताता है कि कैसे विभिन्न कृत्रिम और नैसर्गिक नेता युद्ध में भाग लेने में विफल रहे या घृणा और बेपरवाहि दिखायी। पद 16 में प्रश्न एक व्यंग्यपूर्ण और निर्णायक टीका है: रूबेन के पास बैठने का संकेत और चरवाहों की सीटी का उल्लेख दोनों ही उस जन की निष्क्रियता और असंतोषजनक प्रयास का चित्र खींचते हैं।
यह पद ईश्वर और विश्वास के बारे में क्या बताता है
यहां ईश्वर की अपेक्षा स्पष्ट है: जब संकट आता है तो उसकी सेना—जनजातियाँ—चारित्र्य और साहस दिखाएँ। जो लोग अपने कर्तव्यों से विमुख हैं, वे युद्ध और उद्धार में योगदान नहीं दे पा रहे। इस तरह पद बता रहा है कि ईश्वर को न केवल बाह्य उपस्थिति चाहिए, बल्कि सक्रिय वचन और साहसिक भागीदारी भी चाहिए। विश्वास का अर्थ केवल नाममात्र विश्वास नहीं, बल्कि जीवन के कामों में लगाव और जिम्मेदारी उठाना है।
प्रमुख शब्द व प्रतीक
चरवाहों की सीटी: आमतौर पर चरवाहे जब अपने पशुओं को बुलाते या चेतावनी देना होता है तब सीटी बजाते हैं। यहां यह सीटी व्यंग्य के रूप में है—उनकी आवाज़ सुनने का काम तो कर रहे थे, परन्तु वह आवाज़ युद्ध की पुकार नहीं थी।
भेड़शाला में बैठना: आराम, निष्क्रियता और सुरक्षित स्थान पर ठहरना दर्शाता है। यह इशारा है कि कुछ लोगों ने संघर्ष के समय गंभीर पहल नहीं की।
रूबेन की नदियाँ: यह भौगोलिक संकेत है जो रूबेन जन की गतिविधि का स्थान बताता है। "बड़े-बड़े काम सोचे गए" वाक्यांश संभवतः उनके सिद्धान्तों या योजना की प्रशंसा जैसा प्रतीत होता है, पर वाक्य का संदर्भ समुचित कर्म के अभाव पर कटाक्ष करता है।
संबंधित शास्त्रावलियाँ
इतिहासकारों व टिप्पणीकारों की संक्षिप्त झलक
मैथ्यू हेनरी अपनी भाषा में कहता है (सटीक उद्धरण): "The tribe of Reuben is here reproached for their inactivity." अल्बर्ट बार्न्स ने भी टिप्पणी में निष्क्रियता और दायित्वहीनता पर ध्यान आकर्षित किया। एडम क्लार्क ने भू-राजनीतिक संदर्भ और रूबेन की स्थिति की व्याख्या की है। इन उद्धरणों का उद्देश्य पाठक को यह समझाना है कि धार्मिक निष्ठा को कर्मशील जीवन के साथ जोड़ना आवश्यक है।
आज के पाठक के लिए अनुप्रयोग
यह पद आज भी चुनौती देता है: क्या हम संकट के समय केवल देख रहे हैं, शिकायत कर रहे हैं, या सक्रिय रूप से न्याय और भलाई के लिये खड़े हो रहे हैं? चरवाहों की सीटी बजाना प्रतीक है—हमारे शब्द आवाज़ तो उठा सकते हैं, पर क्या वे कर्मों में परिणत होते हैं? जिक्र किया गया रोष और व्यंग्य हमें बुलाता है कि हर विश्वासी अपने स्थान पर जिम्मेदारी उठाए और सामाजिक-नैतिक कर्तव्यों को त्याग न करे।
संक्षेप में, न्यायियों 5:16 याद दिलाता है कि सच्चा धर्म कर्मों में निखरता है; नाम मात्र की उपस्थिति पर्याप्त नहीं है।