न्यायियों 4:24 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और इस्राएली कनान के राजा याबीन पर प्रबल होते गए, यहाँ तक कि उन्होंने कनान के राजा याबीन को नष्ट कर डाला।।

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न्यायियों 4:24 पद-दर-पद बाइबल टीका

न्यायियों 4:24 — स्पष्ट अर्थ

यह वचन कहता है कि इस्राएली कुल कनान के राजा याबीन पर प्रबल हो गए और अंततः उसे नष्ट कर डाला गया। सरल शब्दों में, याबीन की सत्ता का अंत इस्राएलियों द्वारा एक निर्णायक विजय से हुआ था, जिससे उनके दमन-चक्र का अंत और क़ायदे-तबाही का उत्तराधिकारी हुआ।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

न्यायियों की किताब इस्राएलियों के_frequency के समय की द्वंद्व-यातनाओं को दर्शाती है जब वे आक्रमणकारियों और पड़ोसी देशों से बार-बार जूझते रहे। क़ायन के राजा याबीन, जो कि केनान के क्षेत्र में प्रमुख सत्ता थे, बारह जातियों के बीच संघर्षों में एक महत्त्वपूर्ण प्रतिद्वंद्वी थे। इस पंक्ति के पीछे का तात्पर्य यह है कि तभी उत्तर-युद्ध की दिशा मोड़ती है जब इस्राएली परमेश्वर के निर्देश और साहस के साथ उठ खड़े होते हैं और प्रभु द्वारा समर्थित होते हैं।

व्याख्यात्मक अवलोकन

- संघर्ष का केंद्र प्रभु की सहायता पर है। कार्रवाई किसे मिलती है: देश के प्रभावशाली राजा के विरुद्ध एक निर्णायक विजय।

- इस्राएली विजय का कारण केवल सैन्य कौशल नहीं, बल्कि परमेश्वर की कार्य-योजना में उनका भागीदारी है।

- परिणामस्वरूप क्षेत्रीय सत्ता में अस्थिरता आती है, जो आगे के वर्षों में इस्राएल के लिए सावधानियों और आशीषों दोनों का कारण बनती है।

典कार्यात्मक पंक्ति (Thematic brief)

  • विश्वास और समर्पण से किया गया संघर्ष, परमेश्वर के उद्देश्य को पूरा करता है।
  • दृष्टि स्पष्ट हो: दुष्ट शक्तियों के विरुद्ध धैर्य और मिलकर की गई प्रार्थना और कार्य।
  • निर्णयात्मक विजय से समाज में स्थिरता और मान-प्रतिष्ठा बढ़ती है, परन्तु यह चेतावनी भी देती है कि सफलता के साथ निम्न-जोखिम ओढ़ना नहीं चाहिए।

अन्य संदर्भों से सम्बद्ध विचार

- प्रत्यक्ष संघर्ष की ओर संकेत देने वाले पुराने टिप्पणीकारों के विचार क्रम में, मॉरिस-हेनरी आदि की दृष्टि से वे बताते हैं कि परमेश्वर के द्वारा निर्धारित क्रम के अनुसार ही युद्ध होते हैं और इस्राएल के लिए यह एक आदेशित न्याय था।

- अन्य उद्धरणों में यह दिखता है कि परमेश्वर की सहायता के बिना विजय असंभव है, तथा ईमानदार प्रार्थना-आह्वान से ही शक्ति मिलती है।

क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त अर्थ के साथ)

1) जश 5:20-21: युद्ध के समय परमेश्वर की सहायता और भय का माहौल—व्यापक संदर्भ में विजय का स्रोत।

2) 2 शम 5:19: निर्बलों के लिए देव-निर्देशन से जीत की संभवना; प्रभु के आह्वान से शक्तियाँ बदल जाती हैं।

3) नहे 4:14: दुश्मनों के विरुद्ध दृढ़ प्रतिज्ञा और आध्यात्मिक जागरूकता का महत्व।

संक्षिप्त निष्कर्ष और व्यावहारिक take-away

इस वचन से प्रेरणा मिलती है कि विफलताओं और विरोध के बावजूद परमेश्वर पर पूर्ण निर्भरता रखना चाहिए। हमारी सफलता अधीन है: धर्मी उद्देश्य, मिलकर किया गया प्रयास, और परमेश्वर की योजना के अनुरूप एकजुट भाव। कठिन समय में प्रार्थना, धैर्य और साहस के साथ खड़े रहने से अधिनायक बनती हैं और अंततः उद्धार मिलता है।

नोट्स

यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संदेशों से छोटे उद्धरण चाहते हैं, तो उनके सार्वजनिक-डोमेन विचार इन्हीं दिशा-निर्देशों के भीतर संक्षेप में समाहित किए गए हैं—परन्तु पूरे पाठ के समान नहीं। कुछ प्रमुख पंक्तियाँ शामिल हैं:

“God’s work requires men to stand up and be counted.” (उद्धरण सामान्य सार के रूप में; विशिष्ट पंक्तियाँ सार्वजनिक-डोमेन पाठ से उद्धृत नहीं हैं।)

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

न्यायियों 4:24 समानांतर पद और संबंधित वचन

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उस दिन मैं एली के विरुद्ध वह सब कुछ पूरा करूँगा जो मैंने उसके घराने के विषय में कहा, उसे आरम्भ से अन्त तक पूरा करूँगा।

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