Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 4:1 न्यायियों 4:2 न्यायियों 4:3 न्यायियों 4:4 न्यायियों 4:5 न्यायियों 4:6 न्यायियों 4:7 न्यायियों 4:8 न्यायियों 4:9 न्यायियों 4:10 न्यायियों 4:11 न्यायियों 4:12 न्यायियों 4:13 न्यायियों 4:14 न्यायियों 4:15 न्यायियों 4:16 न्यायियों 4:17 न्यायियों 4:18 न्यायियों 4:19 न्यायियों 4:20 न्यायियों 4:21 न्यायियों 4:22 न्यायियों 4:23 न्यायियों 4:24



न्यायियों 4:17 पर सरल अर्थ
यह पद बताता है कि सीसरा—हाकोर के राजा—सीसरा की सेना के साथ एक योद्धा की कुल मर्यादा टूटती है और इस्राइल के स्थितिकाल में शत्रु का भागना हुआ। याएल की दयालुता और साहस ने स्थिति को मोड़ दिया, जिससे हेबेरनी के भीतर मेल-भावना बनी रही और हर बाद के संघर्ष पर प्रभाव पड़ा।
पार्श्वभूमि और संदर्भ
न्यायियों के समय इस्राइल के लोग बार-बार अस्थिर राजनीतिक परिस्थितियों से जूझ रहे थे। केनहाईपन, याबीन और हेबेर केनी के बीच मेल ने किसी एक पक्ष के पक्ष में अस्थिरता बनाए रखी। इसVerse में याएल—हेबेर केनी की पत्नी—सीसरा को अपने डरे में छिपाकर भागने में सफल होती है; उसका यह कदम उसे शत्रु के विरुद्ध एक चतुर और निर्णायक निर्णय देता है।
व्याख्यात्मक विचार
छोटे थिमेटिक बिंदु
अन्य सन्दर्भों से सम्बद्ध विचार
मेथ्यू हेनरी की टिप्पणी में यह दिखाया गया है कि when God's people are faithless, unexpected allies or strategies may emerge, yet ultimate deliverance depends on God's guiding hand. ऐल्बर्ट बार्न्स का दृष्टिकोण बताता है कि विदेशी राजा के साथ मेल दिखाने के पीछे राजनीतिक चालाकी हो सकती है, परन्तु यह भी एक चेतावनी है कि युद्ध के समय प्रियजनों की सुरक्षा सर्वोपरि है। एडम क्लार्क इस प्रकार के भाग-दौड़ भरे क्षणों को ईश्वर के नियंत्रण के रूप में समझाते हैं, जहां अस्थिर सामाजिक गतिशीलता भी ईश्वर की योजना के अंश बनकर सामने आती है।
धार्मिक संदर्भ और तर्कसंगत परख
इस कथा में एक प्रकार की चतुराई और सुरक्षा से जुड़ी घटना है जो आगे के न्याय-कथा के लिए संकेत बनती है। इसे समझने के लिए नीचे के क्रॉस-रेफरेंसेस विचार करें:
युक्तिपरक निष्कर्ष
याएल का साहस और योजना ने एक बड़े संकट को संभाल लिया। यह दिखाता है कि परमेश्वर के लोगों के लिए शांतिकाल में भी सूझबूझ और पवित्र समझ आवश्यक है। कठिनाई में भी भाग्य नहीं, बल्कि आस्था और विवेक ही निर्णायक रहते हैं।
संदर्भ-नोट: नीचे दी गई पंक्तियाँ अभिलेखित टिप्पणीकारों के विचारों का संक्षेप हैं — Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke — यदि किसी ठोस उद्धरण की आवश्यकता हो तो उन्हें यहाँ उद्धृत किया गया है।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप)
- न्यायियों 5:6-7 में उसी समय की यात्रा-स्थिति और सुरक्षा के उपायों का सार है।
- जश 1:12-15 में भी सुरक्षा के लिए चतुराई का महत्व दिखता है।
- 2 समू 18:9-12 में युद्ध की चालाकी और परिणामों का संतुलन सामने आता है।
उद्धरणों के लिए: यदि ठीक टेक्स्ट के शब्द मिलते हैं, तो मैं Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के छोटे-से उद्धरण ही दे सकता हूँ।