Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 4:1 न्यायियों 4:2 न्यायियों 4:3 न्यायियों 4:4 न्यायियों 4:5 न्यायियों 4:6 न्यायियों 4:7 न्यायियों 4:8 न्यायियों 4:9 न्यायियों 4:10 न्यायियों 4:11 न्यायियों 4:12 न्यायियों 4:13 न्यायियों 4:14 न्यायियों 4:15 न्यायियों 4:16 न्यायियों 4:17 न्यायियों 4:18 न्यायियों 4:19 न्यायियों 4:20 न्यायियों 4:21 न्यायियों 4:22 न्यायियों 4:23 न्यायियों 4:24



न्यायियों 4:23 के संदर्भ में छोटा परिचय
इस पुरानी कहानी में याबीन के राजा का अंतुष्ट कर के परमेश्वर ने इस्राएलियों की रक्षा और उनकी नियती में प्रेरणा भर दी। न्यायियों 4 अध्याय में डुवेल और बाले के साथ यह कहानी उभरकर आती है, जहाँ बादलों के बीच एक मुक्तिदाता-येहुवा के संकल्प से संघर्ष का कारण बनता है। Verse 23 में कहा गया है कि परमेश्वर ने उस दिन कनान के राजा याबीन को इस्राएलियों के सामने नीचा दिखाया; यह घटनाक्रम दिखाता है कि जीत परमेश्वर की सहायता से आती है, न कि मानव बल के बल पर।
केंद्रीय अर्थ
यह वाक्य बताता है कि प्रेरित-वर्णित विजय उस समय मिलती है जब परमेश्वर का काम चालू रहता है। याबीन की सेना का विनाश और राज्य की नींव का ढहना उसी ईश्वर-केन्द्रित योजना का भाग है जिसमें इस्राएल की आस्था और आशीर्वाद दिखते हैं। यह न्याय और कर्तव्य की कसौटी है: परमेश्वर के आदेश के पालन से ही विजय संभव है; न कि मानव-योजना से।
मुख्य थीम्स
Related passages
- भजन 18:47 में दर्शाया गया है कि परमेश्वर की शक्ति से दुश्मन पर विजय मिलती है। यह पूर्व-संदेश देता है कि Yahweh की सहायता से ही शत्रु पर विजय संभव है।
- यहहवा के चयनित मार्ग में सुरक्षा का अनुभव होते हैं; जैसे जाँच-समय में बच्चों और जातियों के लिए परमेश्वर द्वारा सुरक्षा का प्रावधान दिखता है।
व्यावहारिक विचार
हम भी अपने जीवन के कठिन संघर्षों में देखें कि परमेश्वर का मार्ग क्या है। चूँकि विजय उसके अनुसार है, हमें समस्या की जगह परमेश्वर की योजना पर केंद्रित रहना चाहिए। हर सफल प्रयास से पहले प्रार्थना, धैर्य और परिशुद्ध कदम उठाने चाहिए ताकि परिणाम उसी की महिमा को दर्शायें।
छोटे cross-refs और उनका व्यावहारिक स्पष्टीकरण
- भज 18:47: परमेश्वर की सहायता से विजय। यह दिखाता है कि मुझे भी इस्राएलियों की तरह प्रभु पर भरोसा बनाए रखना है ताकि भय से मुक्त हों।
- व्यवस्थाविवरण 20:4: यह बताता है कि युद्ध में प्रभु ही हमारे साथ हैं—यही सुरक्षा का मूल आधार है।
- भजन-शास्त्र 60:11-12: सफलता केवल परमेश्वर के भीतर है; वह हमें शक्ति देता है ताकि हमारे कदम टिके रहें।
संक्षिप्त सार
न्यायियों 4:23 बताता है कि परमेश्वर अपनी महिमा के लिए दुश्मनों को नीचा दिखाते हैं जब लोग उसकी आज्ञाओं पर चलते हैं। यह अध्याय इस्राएल के लिए एक स्मरणीय संदेश है कि विजय ईश्वर की सहायता और विश्वास से ही संभव है, न कि अपनी कुशलताओं से।
सार-संरचना में प्रयुक्त सूत्रधार विचार कई प्रचलित पवित्र-ग्रंथ टिप्पणीकारों के सार्वजनिक-डोमेन सिधांतों पर आधारित हैं, जिनमें Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के मिलते-जुलते आयाम शामिल हैं।