न्यायियों 14:20 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और शिमशोन की पत्‍नी का उसके एक संगी के साथ जिससे उसने मित्र का सा बर्ताव किया था विवाह कर दिया गया।

न्यायियों 14:20 पद-दर-पद बाइबल टीका

न्यायियों 14:20 पर टिप्पणी — संदर्भ और अर्थ

यह Verse न्यायियों की कथा में दशकों के संघर्ष के बीच एक तीखा मोड़ दर्शाता है। शिमशोन ने दाऊद जैसी दूरी नहीं अपनाई, बल्कि अपने विवाह-संबंध का परिणाम स्वयं भुगता: उसकी पत्नी का विवाह उसके एक संगी के साथ कर दिया गया। यह घटना न्यायियों के समय के सामाजिक और व्यक्तिगत तनावों को उजागर करती है, जहाँ व्यक्तिगत प्रेम, फौजी आक्रमण, और जातीय-परिवारिक प्रतिशोध एक साथ उलझ जाते हैं।

केंद्रीय अर्थ

इस आयत में दिखता है कि शिमशोन की पत्नी का विवाह उसी व्यक्ति से कर दिया गया जिनके साथ उससे मित्रता या निकटता मानी जाती थी। यह घटना व्यक्तिगत भरोसे के टूटने के विपरीत सामाजिक राजनीति का भी संकेत है—कभी-कभी रिश्तों के समीकरण बाह्य ताकतों के दबाव से तय होते हैं। शिमशोन के लिए यह चोटपूर्ण अनुभव था, क्योंकि उसने अपने प्रतिद्वंद्वी के साथ हुए खेलों में जीत पाने के लिए विवाह-बंधन में आया था, और परिणामस्वरूप प्रियजन भी पीड़ित हुए।

मुख्य विषय

  • विश्वास और रिश्ते का परीक्षण: परिवारिक बंधन और मित्रता की जगह परियोग्यता कैसे बदल जाती है।
  • न्याय और वचन-त्याग: किस प्रकार वीरत्व और स्वाभिमान के बीच व्यक्तिगत रिश्तों की कीमत चुकानी पड़ती है।
  • शामियाने के प्रति प्रतिक्रिया: क्या आक्रोश, प्रायश्चित या क्षमा मार्ग को खोलते हैं—कथा का नैतिक संकेत।

कथ्य-संबंधित संकेत (cross-references)

यथा समांतर विचार: यहुश और दाऊद की कहानियों में रिश्तों के प्रभाव दिखते हैं; राजा-प्रजा के संबंध और व्यक्तिगत निर्णयों के परिणाम सामने आते हैं। साथ ही, पुराने नियम के भविष्य के न्याय-निर्णयों में भी भरोसे और दृढ़ता की महत्ता झलकती है।

संक्षेपित संदर्भ एवं विचार: न्यायियों 14 के वातावरण से जुड़ी अन्य घटनाएं बताते हैं कि कैसे मित्र-बंधनों और प्रतिशोध के बीच व्यक्ति और समुदाय दोनों प्रभावित होते हैं।

व्यावहारिक टिप्पणी

जीवन में भरोसे और रिश्तों की नाजुकता को समझना आवश्यक है—यह कहानी दर्शाती है कि गलत निर्णयों के परिणाम कैसे अपनों को चोट पहुँचा सकते हैं। कठिन समय में धैर्य, ईमानदारी और क्षमा मार्गदर्शन का काम करते हैं, ताकि समाज आपसी संबंधों को बनाए रख सके।

संक्षिप्त निष्कर्ष

न्यायियों 14:20 प्रेम, विश्वास और समुदाय पर पड़ते दबावों की एक कड़ी कहानी है। यह याद दिलाती है कि जीवन के कठिन मोड़ों पर भी नैतिकता और पारिवारिक मूल्यों को बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।

नोट्स/उद्धरण (public-domain टिप्पणीकारों से)

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न्यायियों 14:20 समानांतर पद और संबंधित वचन

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और उसके ससुर ने कहा, “मैं सचमुच यह जानता था कि तू उससे बैर ही रखता है, इसलिए मैंने उसका तेरे साथी से विवाह कर दिया*। क्या उसकी छोटी बहन उससे सुन्दर नहीं है? उसके बदले उसी से विवाह कर ले।”

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जिसकी दुल्हिन है, वही दूल्हा है: परन्तु दूल्हे का मित्र जो खड़ा हुआ उसकी सुनता है, दूल्हे के शब्द से बहुत हर्षित होता है; अब मेरा यह हर्ष पूरा हुआ है।

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तब पलिश्ती पूछने लगे, “यह किसने किया है?” लोगों ने कहा, “उसके तिम्‍नाह के दामाद शिमशोन ने यह इसलिए किया, कि उसके ससुर ने उसकी पत्‍नी का उसके साथी से विवाह कर दिया।” तब पलिश्तियों ने जाकर उस पत्‍नी और उसके पिता दोनों को आग में जला दिया।

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