न्यायियों 15:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब पलिश्ती पूछने लगे, “यह किसने किया है?” लोगों ने कहा, “उसके तिम्‍नाह के दामाद शिमशोन ने यह इसलिए किया, कि उसके ससुर ने उसकी पत्‍नी का उसके साथी से विवाह कर दिया।” तब पलिश्तियों ने जाकर उस पत्‍नी और उसके पिता दोनों को आग में जला दिया।

न्यायियों 15:6 पद-दर-पद बाइबल टीका

न्यायियों 15:6 का निष्कर्ष (HINIRV)

यह पद बताता है कि परमेश्वर के विरुद्ध नहीं, बल्कि मानवीय प्रतिक्रियाओं और बदले की आग से प्रकार-भर गया है। यहाँ समांतर कथा में दामाद शिमशोन ने अपने पिता के साथ जो किया, उसका परिणाम अत्यंत कठोर और कष्टदायक रहा। सतही दृष्टि से यह एक बदला-वाद का क्रिया-प्रतिकार है, पर गहराई से यह न्याय-सीखा देता है: असत्य और हिंसा से शांति नहीं मिलती; दुष्कर्म की प्रतिक्रिया भी दुष्कर्म ही बन जाती है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

कहानी न्यायियों के समय की है, जब इजराइल के भीतर कानून-व्यवस्था और नेतृत्व कमजोर पड़ रहा था, और हर जाति-समुदाय अपने हथियारों और चालों से अपना अस्तित्व बचाने में लगा था। शिमशोन का विवाह पलिश्तियों के क्षेत्र के भीतर हुआ था, और उनके ससुर ने उनकी पत्नी के साथ एक असंतोषजनक घटनाक्रम के कारण उसे दूसरे पुरुष से विवाह कर दिया। यह परिवारिक तनाव और सामाजिक तनाव, दोनों ने तीखे बदला-व्यवहार को जन्म दिया।

Interpretive observations

  • बलपूर्वक सत्यापन नहीं, बल्कि दमन की प्रतिक्रिया—राहेल की तरह, हिंसा से स्थायी समाधान नहीं निकलता।
  • घटना यह संकेत देती है कि राजनीतिक-युद्ध और परिवारिक शत्रुता क्लिष्ट होकर समुदाय के आचरण को भ्रष्ट करती है।
  • यहाँ एक नीयत-हीन बदला-वाद ने पूरे परिवार और समुदाय को त्रासदी में डाल दिया।

संकेत बातें (Themes)

अन्य प्रासंगिक बाइबिल वार्ता

उद्धरण-छोटे संदर्भ: जुदास-सम्बन्धित संघर्षों में प्रतिशोध के दुष्परिणाम देखे जाते हैं, जैसे कि न्याय के लिए भीतर से प्रेरित सामाजिक-आचरण की आवश्यकता।

संदर्भ-वाक्यों के छोटे सार— न्याय की स्थापना के लिए सत्य और संयम आवश्यक होते हैं; हिंसा से नहीं।

संकेतिक निष्कर्ष

यह घटना दिखाती है कि गलत दबाव और बदला-वाद व्यक्तिगत और सामुदायिक पीड़ा बढ़ाते हैं। परमेश्वर के अनुसार न्याय की दृष्टि प्रेम, संयम और सत्य पर आधारित होनी चाहिए, ताकि शांति कायम हो सके।

व्यावहारिक निष्कर्ष

महत्त्वपूर्ण उद्धरण-आधार

आदि-प्रसंग में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के प्राकृतिक तर्क-आधारित टिप्पणियाँ सार्वजनिक-डोमेन से उपलब्ध हैं; इनमें से कुछ सामान्य विचार यह संकेत देते हैं कि बदला-वाद से सत्य नहीं मिल सकता और न्याय को धैर्य और धर्मी मार्ग से आना चाहिए।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

न्यायियों 15:6 समानांतर पद और संबंधित वचन

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सातवें दिन उन्होंने शिमशोन की पत्‍नी से कहा, “अपने पति को फुसला कि वह हमें पहेली का अर्थ बताए, नहीं तो हम तुझे तेरे पिता के घर समेत आग में जलाएँगे। क्या तुम लोगों ने हमारा धन लेने के लिये हमें नेवता दिया है? क्या यही बात नहीं है?”

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तब एप्रैमी पुरुष इकट्ठे होकर सापोन को जाकर यिप्तह से कहने लगे, “जब तू अम्मोनियों से लड़ने को गया तब हमें संग चलने को क्यों नहीं बुलवाया? हम तेरा घर तुझ समेत जला देंगे*।”

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जो कुटिलता का बीज बोता है, वह अनर्थ ही काटेगा, और उसके रोष का सोंटा टूटेगा।

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