Old Testament
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न्यायियों 15:19 का तत्कालीन संदर्भ और पाठक के लिए व्याख्या
यह verse शिमशोन के साहसिक संघर्ष के बीच आता है, जब वह दाऊद की नहीं, बल्कि आफत की लड़ाई में परमेश्वर की सहायता से जीवित रहा। हिम्पेक्टर पथ से निकलकर यह घटना लही की गड़्ढी में जीवनदायिनी जल के संदर्भ को उठाती है: परमेश्वर ने गड़्ढे को ओखली-सा बना दिया और उसमें से पानी निकला, जिससे शिमशोन ताजा दम हो गया। यह संकेत देता है कि परमेश्वर अपनी सृजनशक्ति के माध्यम से अपने दास को बिना किसी मानवीय साधन से पुनर्जीवित कर सकता है, और ऐसी पुनर्जीवन-क्रिया His divine द्वारा नियंत्रित मानी जाती है।
यह पाठ परमेश्वर की शक्ति एवं विश्वास के बारे में क्या बताता है
- परमेश्वर अपनी कृपा से अश्वासन-युक्त मार्ग में भी नई क्षमता प्रदान करते हैं, जब उनका उद्देश्य पूरा होना हो। शिमशोन के लिए यह भी संकेत है कि पीड़ा और संघर्ष के समय में भी परमेश्वर की योजना आगे बढ़ती है।
- यहाँ जल का पुनर्जन्म-तत्व है: मरम्मती जल से शारीरिक और आध्यात्मिक चयन दोनो जीवित रहते हैं, जैसे आत्मा की तृप्ति हेतु ईश्वर के स्रोतों की आवश्यकता होती है।
शब्दावलि और छवि‑समझ
- लही में ओखली-सा गड्ढा: यह एक सामान्य कुण्डी या जल-स्त्रोत के संकेत नहीं, बल्कि परमेश्वर द्वारा बनाए गए असामान्य जल-प्रवाह का चित्र है जो जीवन देता है।
- “ताजा दम”: यह शारीरिक शक्ति के पुनःप्राप्त होने का बोध कराता है—नया उत्साह और विजयी ऊर्जा।
सम्बन्धी पारायण और संदर्भ
1) निर्गमन 17:6 में जब ईश्वर बताता है कि चट्टान से जल निकल सकता है, तो यह विश्वास को जीवंत बनाता है—पानी सेजीवन।
2) यशायाह 58:11—ईश्वर नियमित रूप से मार्ग दिखाते हैं और सही समय पर जीवंत जल बनकर हमारा तौलिया नहीं छोड़ते।
3) यूहन् 4:14—यिसुशंकर में उद्धारकर्ता के रूप में जो जल जीवन देता है, उसकी मिसाल भी इस घटना से मिलती है कि परमेश्वर मानव-जीवन को नए सिरे से जोड़ते हैं।
आज के पाठ के लिए अनुप्रयोग
संक्षिप्त संयुक्त व्याख्या
न्यायियों 15:19 में परमेश्वर ने शिमशोन के जीवन को पुनर्जीवित किया, जैसे पानी द्वारा शारीरिक निर्जीवता से जीवंतता मिलती है। यह घटनाक्रम विश्वास को प्रोत्साहन देता है कि कठिन समय में भी परमेश्वर अपनी योजना में शक्ति प्रदान करते हैं। यह पाठ हमें याद दिलाता है कि हर जल-पात्र वह स्रोत है जो जीवन देता है—अगर हम उसे सही तरीके से खोजें और भरोसा रखें।