Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 15:1 न्यायियों 15:2 न्यायियों 15:3 न्यायियों 15:4 न्यायियों 15:5 न्यायियों 15:6 न्यायियों 15:7 न्यायियों 15:8 न्यायियों 15:9 न्यायियों 15:10 न्यायियों 15:11 न्यायियों 15:12 न्यायियों 15:13 न्यायियों 15:14 न्यायियों 15:15 न्यायियों 15:16 न्यायियों 15:17 न्यायियों 15:18 न्यायियों 15:19 न्यायियों 15:20



स्थिति-बिंदु: न्यायियों 15:20
यह पद शिमशोन के जीवन के एक निर्णायक चरण का संकेत देता है: पलिश्तियों के कठिन समय में उसने इस्राएल का न्याय किया, और यह कार्य बीस वर्ष तक चला। यह वही समय है जब शिमशोन ने संसारिक शक्ति के बजाय परमेश्वर के उद्धार को दिखाने के लिए अपनी रक्षा-भूमिका निभाई।
इस पाठ से परमेश्वर या विश्वास का क्या खुलासा होता है
यह वाक्या ऐसे समय की याद दिलाता है जब परमेश्वर अपने चुने हुए लोगों को विपत्ति के बीच मार्गदर्शन देता है। शिमशोन, एक असामान्य नेता के रूप में, परमेश्वर की शक्ति के संकेतक बनते हैं और इस्राएल के प्रति परमेश्वर की दया तथा कृपा को दिखाते हैं। विश्वास का अर्थ यहाँ यह है कि परमेश्वर अपने लोगों को विपत्ति के बीच भी सुरक्षा प्रदान करता है, ताकि वे अपने दायित्वों को पूरा कर सकें और उन पर उसकी महिमा प्रकट हो सके।
महत्वपूर्ण शब्दों या चित्रों की स्पष्टता
“न्याय करता रहा” से आशय यह है कि शिमशोन निरन्तर और सक्षम şəkildə इस्राएल के अधिकार-स्थापना के लिए प्रयत्नशील रहा। यह आदर्श नेतृत्व का संकेत है—जो परमेश्वर के निर्देश और इस्राएल की भलाई के लिए समर्पित होता है, भले ही समय और परिस्थितियाँ कठिन हों।
संलग्न पाठ के संदर्भ
1) न्यायियों 14–16: शिमशोन के संघर्षों और दिव्य शक्ति के संकेत, जो न केवल निजी विजय बल्कि राष्ट्रीय उद्धार के रूपक बनते हैं।
2) न्यायियों 13–16 में दाऊदी-प्रेरित पाँचों Chapters में इस्राएल के leaders में परमेश्वर की आत्मा का हस्तक्षेप स्पष्ट है।
3) प्रेरितों के समय के साथ तुलना करने पर भी यह दिखता है कि कितना समय परमेश्वर अपने लोगों के पतन के बावजूद उनसे प्रेम दिखाते हैं और एक नई राहत प्रदान करते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संवादी सार)
आज के दिन लिए जा सकने वाले अनुप्रयोग
- कठिन समय में भी भरोसा रखें कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए उद्धार का मार्ग खोल सकता है।
- अपने नेतृत्व और दायित्वों को परमेश्वर के मार्गदर्शन के अनुरूप संरचित करें, ताकि समुदाय की सुरक्षा और कल्याण संभव हो।
- विश्वास में धैर्य बनाकर, परमेश्वर की शक्ति की उम्मीद रखें, विशेषकर जब परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण हों।
संक्षिप्त समेकित टिप्पणी
न्यायियों 15:20 एक स्मरण है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए समय-समय पर ऐसी चुनौतियाँ बनाते हैं जो उनके उद्धार के मार्ग को स्पष्ट करें। शिमशोन के नेतृत्व के दौरान इस्राएल के लिए बीस वर्ष का तात्कालिक लाभ यह दर्शाता है कि ईश्वर के आदेश के अनुरूप जीवन जीने पर ही नियत दिशा मिलती है।
महान उद्धरण (सम्बद्ध पांडित्य):
“और परमेश्वर ने अपने लोगों के लिए शक्ति दी, ताकि वे विपत्ति के बीच भी न्याय कर सकें।” (यादृच्छिक सन्दर्भ-उद्धरण; अक्षरशः पाठ नहीं)