Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 15:1 न्यायियों 15:2 न्यायियों 15:3 न्यायियों 15:4 न्यायियों 15:5 न्यायियों 15:6 न्यायियों 15:7 न्यायियों 15:8 न्यायियों 15:9 न्यायियों 15:10 न्यायियों 15:11 न्यायियों 15:12 न्यायियों 15:13 न्यायियों 15:14 न्यायियों 15:15 न्यायियों 15:16 न्यायियों 15:17 न्यायियों 15:18 न्यायियों 15:19 न्यायियों 15:20


न्यायियों 15:5 का आध्यात्मिक अर्थ: नहीं उठेगा शमन पर शमन
यह पवित्र ग्रंथ का वह दृश्य है जिसमें दानिनों के पुत्र Shimshon (शल्मोन) ने पिल्लिश्तियों के खेतों में आग लगाई और लोमड़ियों को उनका विनाश करने के लिए छोड़ा। यह घटनाक्रम परमेश्वर के साथ सामंजस्य में, वाचा-न्यास के इतिहास की गहरी चेतना को दर्शाता है कि चुने हुए लोगों के शत्रु तात्कालिक संकटों के बीच भी कैसे नियत और चौकस रहते हैं। इस टिप्पणी में हम पाठ के साहित्यिक संदर्भ, theological संकेत, अन्य उद्धरणों के साथ संबंध, विचार-विमर्श के प्रश्न और एक निष्कर्ष पर जाएंगे।
पाठ का साहित्यिक संदर्भ और दृश्यावरण
judges 15 में शलोंशोन की वीरता और उसकी व्यक्तिगत पाप-प्रतिफलता दोनों एक साथ उभरती है। यहाँ खेत-खलिहान जलना एक व्यावहारिक परिणाम है: लोमड़ियों की आग एक प्रतीकशील करुणा-हीनता का परिणाम नहीं, बल्कि परमेश्वर की योजना के भीतर दुष्टों के साधनों पर चढ़ने की एक प्रत्यक्ष क्रिया है। यह घटना शाइलों के रक्त-चाप के बाद भी रक्षा, साहस और दाऊद-सम्बन्धी महानता के बीच एक द्वंद्व सन्निहित करती है।
केंद्रीय विचार
जो लचीला और दृढ़ विश्वास वाला व्यक्ति परमेश्वर की प्रेरणा में कदम उठाता है, उसे असह्य परिस्थितियों में भी मार्ग दिख सकता है। इस वाक्य में मार्मिक बात यह है कि शाल्मोन ने हिंसा के साधन से ही नहीं, बल्कि चालाकी और धार्मिक-राजनीतिक नीतियों से भी अपने लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया। यह याद दिलाता है कि परमेश्वर की योजना में मानवीय निर्णय और नैतिक दायित्व कैसे एक ही धागे में बंधे रहते हैं।
पूर्व-संदर्भ और थीमेटिक संबंध
विवेदक दृष्टिकोण (Theological Significance)
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर अपने लोकल लोगों की भलाई के लिए आवश्यक कदम उठाता है, कभी-कभी असामान्य तरीकों से भी। यह न्याय की धार को भी दर्शाता है—जहाँ दुश्मन की खेतें जल उठती हैं, वहीं भूख और कमी भी दूर होती है, जिससे शत्रु की हिंसा पर रोक लगे। यह कहानी हमें यह याद दिलाती है कि ईश्वर की योजना मानवीय नैतिक दायित्व के साथ योजना बनाती है, और इस योजना में वीरता के साथ बुद्धिमत्ता की भी आवश्यकता होती है।
क्रॉस-रेफरेंसेज़ (Cross-References) और उनसे जुड़ी संक्षिप्त व्याख्या
इन संदर्भों में एक सामान्य धारा है: परमेश्वर अपने लोगों की सुरक्षा के लिए असामान्य और कठोर उपाय देता है, जिससे शत्रु की योजनाएँ विफल हो जाती हैं और विश्वास बढ़ता है।
सोच-विचार के प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
न्यायियों 15:5 का दृश्य एक कठिन नैतिक स्मरण देता है कि ईश्वर की योजना में साहस, चालाकी और नैतिक प्रतिबद्धता का मिश्रण है। हम देखते हैं कि कैसे परमेश्वर अपने लोगों की सुरक्षा के लिए विवेकपूर्ण कदम उठवाते हैं, और कैसे दुष्टों की हर चाल पर उनके विनाश के साथ उद्धार के अवसर भी बनते हैं।
उद्धरण-नोट
इस पंक्ति पर उपलब्ध सार्वजनिक डोमेन टिप्पणीकारों में से Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के शुद्ध उद्धरण नीचे दिए गए नहीं हैं, क्योंकि यह नया पाठ-संयोजन उनके पूर्ण उद्धरणों को उद्धृत नहीं कर रहा है। यदि चाहें तो मैं उन हितों के संक्षिप्त, अनुक्रमित सार दे सकता हूँ।