Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 15:1 न्यायियों 15:2 न्यायियों 15:3 न्यायियों 15:4 न्यायियों 15:5 न्यायियों 15:6 न्यायियों 15:7 न्यायियों 15:8 न्यायियों 15:9 न्यायियों 15:10 न्यायियों 15:11 न्यायियों 15:12 न्यायियों 15:13 न्यायियों 15:14 न्यायियों 15:15 न्यायियों 15:16 न्यायियों 15:17 न्यायियों 15:18 न्यायियों 15:19 न्यायियों 15:20



न्यायियों 15:9 का अर्थ
इस व verse का सीधा अर्थ है कि पलिश्तियों ने यहूदा देश पर चढ़ाई करके डारे टिकाए और लही में फैल गए। यह एक आक्रमणकारी हमला है जो परिस्थितियों को भयावह बनाता है और इजराइल के भीतर सुरक्षा और सामरिक धारणाओं को हिला देता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
न्यायियों के समय इस्राएल के विभिन्न गिरोहों के बीच शक्तियों का संतुलन अस्थिर था। न्यायियों 15-पन्नों में दाऊदी पुत्र मायके का चरित्र और दावीदों के पूर्व समय के संघर्ष उभरते हैं। इस खंड में हैरान कर देने वाला मोड़ यह है कि यहूदी निवासी पलिश्तियों से लगातार चुनौती का सामना कर रहे थे, परन्तु यह विशेष हमला यहूदा सीमा पर हुआ।
व्याख्यात्मक बिंदु
संदर्भ-आलोकन
1) कर्मशास्त्र के बहाने आक्रामक आक्रमण—यहूदा की बड़े दमन के समय पलिश्ती सामर्थ्य का प्रदर्शन।
2) दासत्व-काल की गलतफहमी से निपटने के लिए आस्था की स्थिरता।
3) सामुदायिक सुरक्षा के लिये साहस और एकता के नये आयामों की आवश्यकता।
कथा से सीख
क्रॉस-रेफरेंसेज़ और सरस सार
– वन-उद्धृत संदर्भ: मंडल के भीतर सीमाओं की रक्षा के लिए धैर्य और विश्वास की आवश्यकता को संकेतित करने वाले कुरआन-आधारित विचार।
– अन्य सम्बन्धी संकेत: प्रशासनिक संकट और युद्ध-योजना के समय धार्मिक आस्था का महत्व।
समाप्ति: व्यावहारिक निष्कर्ष
यह verse यह बताता है कि बाहरी आक्रमण केवल भौतिक दबाव नहीं है; यह आंतरिक धारणाओं और समुदाय की एकता पर भी प्रभाव डालता है। सही उत्तर एकता, विश्वास और समुदाय-रक्षा के सहयोग में निहित है।
सूक्ष्म उद्धरण (Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke):
— यदि उपलब्ध हो तो इन वक्तव्यों के छोटे-से पाठ, परन्तु पूर्ण उद्धरण नहीं।