Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 13:1 न्यायियों 13:2 न्यायियों 13:3 न्यायियों 13:4 न्यायियों 13:5 न्यायियों 13:6 न्यायियों 13:7 न्यायियों 13:8 न्यायियों 13:9 न्यायियों 13:10 न्यायियों 13:11 न्यायियों 13:12 न्यायियों 13:13 न्यायियों 13:14 न्यायियों 13:15 न्यायियों 13:16 न्यायियों 13:17 न्यायियों 13:18 न्यायियों 13:19 न्यायियों 13:20 न्यायियों 13:21 न्यायियों 13:22 न्यायियों 13:23 न्यायियों 13:24 न्यायियों 13:25

न्यायियों 13:7 पर टिप्पणी—नाज़ीर संकल्प और परमेश्वर की योजना
इस वचन का सीधा आशय है कि गर्भवती अपने पुत्र के लिए एक दृढ़ नाज़ीरीय जीवन-व्रत स्वीकार कर ले, ताकि वह जन्म से मृत्यु तक परमेश्वर के लिए समर्पित रहे। यह संदेश स्पष्ट करता है कि बालक का जन्म किसी सामान्य व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि परमेश्वर की योजना के अनुसार एक विशेष उद्देश्य के साथ होता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह भाग शेखती व्याप्ति के समय की कथा से जुड़ा है, जब दानिएल (मिर्या) और उनकी पत्नी ने एक पवित्र आशीर्वाद के रूप में नाज़ीर बनाने का निर्णय लिया था। नाज़ीर की आचार-संहिता तंबाकू, मदिरा, अशुद्ध वस्त्र आदि से परहेज़ की मांग करती थी; यह एक बाहरी पहचान नहीं, बल्कि परमेश्वर के साथ एक गहरे प्रेम-संबंध की प्रतीकात्मक गरिमा है। न्यायियों 13 अध्याय में मैनोआ और उसकी पत्नी के घर में एक दिव्य संदेश आता है, और बच्चा जो जन्म लेगा, वह परमेश्वर के काम के लिए चुना गया है।
व्याख्यात्मक बिंदु
मुख्य उद्धरणों का संजोयित सार
यहां उद्धृत पंक्तियाँ बताते हैं कि प्रभु का संदेश एक असाधारण जन्म के साथ आता है और उसे पालन के लिए एक विशिष्ट नाज़ीरीय जीवन चाहिए।
संबद्ध पाठ—अन्वेषण
अन्य संदर्भ जो इस कथानक से संगत हैं, वे निर्णय, पवित्रता और प्रतिबद्धता के संकेत देते हैं:
टेकअवे—व्यावहारिक निष्कर्ष
1) परमेश्वर की बुलाहट कभी-कभी साधारण से दिखने वाले जीवन में गहरी पवित्रता और समर्पण मांगती है; 2) परिवार और समुदाय का समर्थन इस प्रकार के निर्णयों को फलदायी बनाता है; 3) संतोष और विश्वास के साथ जीवन-नियमों का पालन आंतरिक नज़र से निखार लाता है।
क्रॉस-रेफरेंस और संक्षेप स्पष्टीकरण
1) न्यायियों 13:5— छोड़े गए सामान्य जीवन से बाहर एक नाज़ीर जीवन का आरम्भ बताता है। यह दिखाता है कि बच्चों के लिए पवित्र उद्देश्य कैसे स्त्री-पुरुष के जीवन-निर्वाह में प्रकट होते हैं।
2) मरम्मतों 1:8— परमेश्वर की सहायता के समय मानव की बाँहें मजबूत होती हैं; नाज़ीर भी कठिन समय में आशीष की भूमिका निभाते हैं।
3) स्तोत्र 40:8— सत्य और प्रतिज्ञा का पालन करने का कथन, जो नाज़ीर की आचारसंहिता से मेल खाता है कि मनुष्य ईश्वर की इच्छा के अनुरूप चलना चाहता है।
नोट: इस पाठ के लिए मत्ती के हवाले (मत्ती 2:23) संकेत है कि उद्धारकर्ता की भूमिका के साथ जुड़ाव, जन्म-समय के उत्सव और नाज़ीर-जीवन की वैज्ञानिकता एक पूर्ण दिशा में चलता है—परमेश्वर की योजना के अनुरूप।
नोट/ उद्धरण प्रदर्शन: इस पंक्ति के भाव के भीतर मत्ती-हिंदी पुराने टिप्पणीकारों के संकलनों से सूक्ष्म सहायता मिलती है, परन्तु मूल पाठ की शुद्ध समझ पर केंद्रित रहें।