विलापगीत 5:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

सिय्योन में स्त्रियाँ, और यहूदा के नगरों में कुमारियाँ भ्रष्ट की गईं हैं।

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विलापगीत 5:11 पद-दर-पद बाइबल टीका

विलापगीत 5:11 पर समीक्षा

फलस्वरूप पाठ का तात्पर्य यह है कि यरूब या यरुशलेम के समय सामाजिक और नैतिक पतन ने नगरों के भीतर जीवन के अंशों को क्षुब्ध कर दिया। यह पंक्ति सिय्यूंन की स्त्रियों और यहूदा के नगरों में कुमारियों के भ्रष्ट हो जाने की संवेदना से आरम्भ होती है, जो सामूहिक आपत्ति, दैवीय आघात और दयनीय दशा को दर्शाती है। यह ग्लानि न केवल व्यक्तिगत पाप की प्रतिक्रिया है, बल्कि समूह के समुदाय-जीवन पर एक गहन चोट है।

Immediate setting (पाठ का निकट-संस्थान)

पद 11 विलापगीत के एकात्मक दृश्य में नगर-जीवन की तबाही का चित्र देता है। यह शोकगीत है जिसमें शासक, नागरिक और समाज के सदस्य एक साथ टूटते भावों के साथ डूबे हैं; स्त्रियों के आचरण में अस्थिरता और समाज-जीवन की संरचना टूटना, दोनों मिलकर एक व्यापक पतन की चेतावनी बनते हैं।

ईश्वर और विश्वास के बारे में संकेत

यह पुष्टि करता है कि परमेश्वर न्याय-परक हैं, और उद्धार की आशा के बिना भी स्थिति इतनी भयावह हो सकती है कि यहूदियों के हर गढ़ में दया और उद्धार की आवश्यकता स्पष्ट हो उठती है। विवेक के साथ, यह पाठ चेतावनी देती है कि पाप के परिणाम न केवल व्यक्तिगत, बल्कि सामुदायिक स्तर पर भी गहराते हैं।

महत्वपूर्ण शब्द और चित्र

“स्त्रियाँ भ्रष्ट की गईं” और “नगरों में कुमारियाँ”—यहाँ शब्द-चयन सामाजिक-आकृति, नैतिक सुरक्षा और परिवार-जीवन के क्षरण को चिह्नित करते हैं। भय, अविश्वास और न्याय-परेषण की मानसिक स्थिति दिखायी देती है। यह एक मृद-आहत समाज की तस्वीर है जहाँ स्त्रियाँ और युवा पीढ़ी भी सुरक्षित नहीं मानी जातीं।

संबंधित पारायण पाठ

- यिर्मयाह 6:12-14: समाज के पतन के कारण और उसका प्रभाव।

- लूक 21:34-36: आख़िरी दिन की निगरानी और पवित्रता के लिए जागृति।

- यिर्मयाह 9:2-3: सिय्योन की शोक-गाथा के समान दुख।

टिप्पणी: इन संदर्भों में पतन की तस्वीरें एक ही धागे से बंधी हैं—आत्मिक जागृति और दया की आवश्यकता।

आज के लिए व्यावहारिक अनुप्रयोग

  • समुदाय में सुरक्षा और नैतिकता के प्रति सतर्कता बनाए रखें; बच्चों और युवाओं के लिए उचित मार्गदर्शन अपेक्षित है।
  • trasparency और जवाबदेही मजबूत करें ताकि जड़ पाप की प्रवृत्ति का दमन हो सके।
  • 困難 समय में एक दूसरे को सहायता दें—यही समुदाय की रक्षा का मूल मंत्र है।

एकीकृत विवेचन — प्रमुख विचार

यह पद एक समाज के भीतर गहरी क्षति की ओर इशारा करता है: नीति-निर्णय और पारिवारिक संरचना की कमजोरी से उठती ध्वनि। निष्कासन, दया और पुनर्स्थापना के मार्गों को उजागर करते हुए, यह पाठ हमें चेतावनी देता है कि पाप के अंधेरे में भी ईश्वर की न्यायपूर्ण कार्रवाई और उद्धार की आशा दोनों बना रहती हैं।

महत्त्वपूर्ण उद्धरण (संदर्भित) – Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से प्रत्यक्ष शब्दावली के छोटे उद्धरण उपलब्ध हो सकें तो केवल संकुल रूप में: “..."

Cross-references explained briefly: - यिर्मयाह 6:12-14: नगर-ध्वनि और घर-आंगन में फैला पतन; उद्धार की आवश्यकता स्पष्ट होती है। - लूकस 21:34-36: चेतावनी और जागरूकता—आख़िरी समय के लिए आत्म-निरीक्षा आवश्यक। - यिर्मयाह 9:2-3: एक ही धागे का दुख—प्रधान विषय-पतन और दयाभाव की ज़रूरत।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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यशायाह 13:16 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 13:16 (HINIRV) »
उनके बाल-बच्चे उनके सामने पटक दिए जाएँगे; और उनके घर लूटे जाएँगे, और उनकी स्त्रियाँ भ्रष्ट की जाएँगी।

जकर्याह 14:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
जकर्याह 14:2 (HINIRV) »
क्योंकि मैं सब जातियों को यरूशलेम से लड़ने के लिये इकट्ठा करूँगा, और वह नगर ले लिया जाएगा। और घर लूटे जाएँगे और स्त्रियाँ भ्रष्ट की जाएँगी; नगर के आधे लोग बँधुवाई में जाएँगे, परन्तु प्रजा के शेष लोग नगर ही में रहने पाएँगे।

व्यवस्थाविवरण 28:30 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 28:30 (HINIRV) »
तू स्त्री से ब्याह की बात लगाएगा, परन्तु दूसरा पुरुष उसको भ्रष्ट करेगा; घर तू बनाएगा, परन्तु उसमें बसने न पाएगा; दाख की बारी तू लगाएगा, परन्तु उसके फल खाने न पाएगा।

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