लूका 14:29 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

कहीं ऐसा न हो, कि जब नींव डालकर तैयार न कर सके, तो सब देखनेवाले यह कहकर उसका उपहास करेंगे,

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लूका 14:29 पद-दर-पद बाइबल टीका

लूका 14:29 — संदर्भ और संकेत

यह वाक्यशास्त्र उस घटना के संदर्भ में है जब यीशु ने भोज में शामिल होने वाले लोगों के बारे में संगति और परिश्रम के महत्व को स्पष्ट किया। यह उद्धृत भाग नींव डालकर घर बनाने की कहानी का एक भाग है—ताकि कोई ठहराव और योजना के बिना अधूरा काम न कर बैठे। पाठक देखते हैं कि परमेश्वर की दृष्टि में स्थिरता, सावधानी और जिम्मेदारी कितनी अहम हैं।

ईश्वर और विश्वास का पाठ

यह पाठ हमें यह सिखाता है कि विश्वास के साथ साथ कार्य भी आवश्यक हैं। परमेश्वर वह नहीं जो केवल इसे स्वीकार करके रह जाए, बल्कि वह है जो सचमुच अपने वचन के अनुसार जीवन बनाता है। नींव डालना और ढाँचा खड़ा करना दर्शाता है कि हमारा आध्यात्मिक निर्माण किस प्रकार भरोसे, प्रार्थना और समुदायिक सहभागिता पर टिका है। यदि पहले से योजना नहीं बनेगी, तो प्रतिष्ठित अवसर भी अवसर-चूक बन सकता है।

महत्वपूर्ण शब्दार्थ और चित्र

  • नींव डालना — जीवन के लिए आधार रचना, परमेश्वर के वचन पर स्थिर शासन बनाना।
  • उपहास — असहाय आलोचना या तंज़; वे लोग जो स्पष्ट योजना और मेहनत को कमजोर समझते हैं।
  • देखनेवाले — समाज के मानक और आलोचनात्मक नजर; सही निर्माण तभी सामने आता है जब believers दृढ़ता से आगे बढ़ते हैं।

संबंधी पद और उनके संदेह-निर्माण

इसी विषय-परिवार के अन्य संदर्भ हमें यह बताते हैं कि ईश्वर की योजना में स्थायित्व कितना महत्त्वपूर्ण है:

  • वह पाठ जहां कहता है कि न तो गिरे और न विपक्षी झूठे प्रचार से डरें, बल्कि सत्य पर टिके रहें—यही आध्यात्मिक निर्माण की जीवंतता है।
  • अन्य उद्धरण जो यह दिखाते हैं कि प्रभु के मार्ग पर चलना और उसकी प्रेरणा को जीवन में मूर्त रूप देना परम आवश्यक है।

आज के समय में व्यावहारिक अनुप्रयोग

1) अपने जीवन की नींव पर पुनः विचार करें: कौन-सा आधार—आस्था का शुद्ध ज्ञान, प्रार्थना-जीवन, और समुदाय के साथ कर्म—आपके दैनिक निर्णयों को निर्देशित कर रहा है? 2) योजना बनाइए, लेकिन ईश्वर की इच्छा को पहले स्थान दें: किसी कार्य की सफलता में केवल मेहनत नहीं, बल्कि ईश्वर के मार्ग की पुष्टि भी आवश्यक है। 3) किसी भी बड़े प्रोजेक्ट से पहले समझ लें कि आलोचना से डरने की जगह सुधार के अवसर खोजे जाएँ।

Cross-references (संक्षेप)

• याकूब 1:6-8 — विश्वास में स्थिरता बनाए रखने के लिए दृढ़ निश्चय की आवश्यकता।
• मत्ती 7:24-27 — सही नींव पर constructed जीवन का उदाहरण; प्रवंचना के विरुद्ध स्थिर निर्माण।
• 1 कुरिन्थियों 3:10-11 — एक शिल्पकार के रूप में ईश्वर के काम की ठोस नींव: यीशु मसीह ही वह fundamento है।

निष्कर्ष: परमेश्वर के साथ जीवन-योजना में स्थिरता और समझदारी आवश्यक है। नींव बनाते समय दिया गया ध्यान भविष्य के सफल और टिकाऊ परिणामों की कुंजी है।

क्लिप-आउट से उद्धरण (उद्धरण के लिए संकेत)

नीचे के लेखक-उद्धरण जहाँ सुसंगत हो सकता है, उनके लिए लक्षित हैं: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke. यदि इन ग्रंथकारों के विशिष्ट and exact शब्द उपलब्ध हों, तो इन्हीं के संक्षिप्त पंक्तिशः उद्धरण जोड़े जा सकते हैं (पूर्ण पाठ उद्धृत नहीं किया गया है)।

यह पन्ना 700 शब्द के भीतर संक्षेप और संयोजन के रूप में प्रस्तुत है, ताकि पाठक तुरंत विषय समझ सके और अपने जीवन में उसे लागू कर सके।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

लूका 14:29 समानांतर पद और संबंधित वचन

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