Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 15:1 लूका 15:2 लूका 15:3 लूका 15:4 लूका 15:5 लूका 15:6 लूका 15:7 लूका 15:8 लूका 15:9 लूका 15:10 लूका 15:11 लूका 15:12 लूका 15:13 लूका 15:14 लूका 15:15 लूका 15:16 लूका 15:17 लूका 15:18 लूका 15:19 लूका 15:20 लूका 15:21 लूका 15:22 लूका 15:23 लूका 15:24 लूका 15:25 लूका 15:26 लूका 15:27 लूका 15:28 लूका 15:29 लूका 15:30 लूका 15:31 लूका 15:32
लूका 15:3 के संदर्भ में दृष्टान्त की बात
परिवर्तनशील अवसर और पालतू दया—यही है लूका 15:3 का पल। यीशु ने यह दृष्टान्त तब कहा जब फरीसियों और उद्धारक प्रार्थनिकों ने उसे कहा कि परलोक में भी लोगों के साथ नज़रों के सामने क्या होता है। यह वाकया बख़ूबी यह दिखाता है कि परमेश्वर का दयालु प्रेम किस प्रकार सक्रिय है, भले ही लोग उसका मूल्यांकन कैसे करें।
नीचे दिया पाठ: संदर्भ का दृढ़ आरम्भ
यही वाक्य “फिर उसने उनसे यह दृष्टान्त कहा” वह अपडेटेड संकेत देता है कि आगे की कथा एक विशेष प्रेरक कथा-शृंखला की शुरुआत है। लूका की गवाही में यह पंक्ति दर्शाती है कि यीशु अपने साथियों और श्रोताओं के साथ एक ऐसी सीख साझा कर रहे हैं जो हर वर्ग के लिए आकर्षक और चुनौतीपूर्ण है।
ईश्वर का चरित्र और विश्वास का प्रकाश
इस दृढ़ उद्घोषणा से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर का स्वभाव क्या है: वह प्रेरणा और करुणा से भरा है, दूसरों के उद्धार और फिरौती के लिए काम करता है। यीशु ने इस दृष्टान्त के जरिये यह दर्शाया कि परमेश्वर हर उस व्यक्ति के लिए खोज और उत्साह रखता है जो खोया हुआ है—यह आशा की कहानी है, न कि निषेध की।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों का स्पष्टीकरण
अन्य प्रचलित टिप्पणीकारों के विचार (संक्षेप)
मार्था मसीह-हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क ने इस प्रकार के दृष्टान्तों में परमेश्वर की दया और न्याय के संतुलन की व्याख्या को प्रमुखता दी है। उनका मानना है कि यीशु ने मानवीय अनुभवों को उद्धार के आध्यात्मिक Reality से जोड़ना चाहा ताकि श्रोताओं को अपने कर्तव्यों और प्रेम के बारे में सचेत किया जा सके।
क्रॉस-रेफरेंस और उनका संक्षिप्त अर्थ
यूहन्ना 3:16— परमेश्वर ने प्रेम के कारण संसार को दिया; लूका 19:10— मनुष्य के लिए खोज और उद्धार की मिशाल; मत्ती 18:12–14— यीशु का यह दर्शाता है कि खोए हुए की सुरक्षा और फिर से मिलने की खुशी कितनी बड़ी है।
आज के समय में अनुप्रयोग
हमारे जीवन में भी कई बार हम खोया-खोया, रास्ता भटकते हुए महसूस करते हैं। यह दृष्टान्त याद दिलाता है कि परमेश्वर की जान-पहचान से अधिक मूल्य हर व्यक्ति के लिए है और उसकी खोज में तत्पर है। व्यक्तिगत गलतियों के बाद भी, विश्वास में लौटना और समुदाय के साथ पुनः जुड़ना संभव है। यह प्रभु का आह्वान है कि हम भी दूसरों के लिए दयालु, क्षमाशील और स्वागत-सम्मान का व्यवहार रखें।
छोटा-सा सार
तत्कालीन श्रोताओं के लिए यीशु ने यह स्पष्ट किया कि परमेश्वर की दया सीमाहीन है, और वह हर व्यक्ति को दोबारा मूल्यवान समझता है—खोया हुआ जो लौटे वही असल में अपने स्वामित्व के साथ रब्बी बनता है।