Old Testament
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लूका 15:25 के immediète सेटिंग और संदेश
परन्तु उसका जेठा पुत्र खेत में था। और जब वह आते हुए घर के निकट पहुँचा, तो उसने गाने-बजाने और नाचने का शब्द सुना। यह दृश्य दास्ता-घर में तब होता है जब पिता अपने दोनों पुत्रों के बीच प्रसन्नता मानता है, पर जेठे बेटे के बारे में कथा की अंतर्कथा का द्वार खुलता है। खेत में मेहनत करता हुआ बालक अपने पिता की खुले दिल से क्षमा और स्वागत की योजना का प्रत्यक्ष अनुभव नहीं कर पाता।
इस पाठ से ईश्वर या विश्वास के बारे में क्या स्पष्ट होता है
यह पंक्तियाँ भगवान के पक्ष की व्यापक दृष्टि देती हैं: पिता का स्वागत-स्वरूप, और पुत्रों के बीच विचलन के बावजूद प्रेम का अधिकार। इससे स्पष्ट होता है कि प्रभु के पास सभी के लिए योजना है—न केवल दूसरों के लिए, बल्कि जो स्वयं अपनी जगह से भटक गया है, उसे भी बुलाने और निर्बाध प्रेम से जोڑने की इच्छा है। आगे की कथा में पिता का पुत्र-स्वीकार, यह दर्शाता है कि विश्वास में आत्म-स्वीकृति और भाई-भाव शृंखला में सबसे महत्त्वपूर्ण है; अहंकार और ज्वाला-युक्त प्रतिस्पर्धा भी प्रेम के सामने समर्पित होती है।
मुख्य शब्दों व छवियों की व्याख्या
संयुक्त बाइबल संदर्भ (cross-references) और उनका संक्षिप्त तर्क
1) रोम 8:28 — सभी चीजें मिलकर परमेश्वर की योजना के अनुसार भलाई के लिए काम करती हैं; यह कथा यह संकेत देती है कि परिवार और चित्त की दशा में भी ईश्वर की योजना सुरक्षित है।
2) गलती 15:7 — जो हानि से लौटता है, उसी पर खुशी; यह निष्ठा के साथ भगवान के मेहमान-स्वागत को दर्शाता है।
3) मत्ती 18:12-14 — एक ही चरवाहा अपने एक खोए हुए पर लौटता है; परमेश्वर की खोज और अपनत्व का चित्रण करता है कि प्रेम संपूर्ण है और हर एक सदस्य की मूल्यवान जगह है।
आज के समय के लिए अनुप्रयोग
हम प्रत्येक दिन अपने व्यवहार में ऐसे अवसर देखते हैं जहाँ प्रेम, दया और स्वागत का ढंग चुनौतीपूर्ण होता है। पिता के निर्णय की तरह, हम भी उन लोगों के साथ कैसे व्यवहार करें जो हमारे बीच कहीं फंसे बैठे हों—खुद के अहंकार को पीछे छोड़कर। परिवार में बंटवारे के समय, माफी और पुनर्संस्थापन को प्राथमिकता दें। कंपन्न और उत्साह के साथ मिल बैठना, खोए हुए साथी को बुलाने और सभी के लिए स्थान बनाने की प्रेरणा देता है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (public-domain टिप्पणीकारों से)
मार्थर हेनरी (Matthew Henry) और अॅल्बर्ट बार्न्स (Albert Barnes) तथा अडाम क्लार्क (Adam Clarke) की बिलकुल प्रचलित व्याख्या में से कुछ विचार इस प्रकार मिलते हैं: पिता की स्वागत-भावना और पुत्रों के दृष्टिकोण के विरोध के बीच प्रेम ही वास्तविक धर्म है; उत्तर-आरोहण की सफलता में क्षमा की भूमिका प्रमुख है।
नोट: यदि उपयुक्त हो, तो उपरोक्त comentarist के छोटे-छोटे कथन और उद्धरण इस पन्ने में संक्षेप में जोड़े जा सकते हैं—परन्तु पूर्ण पाठ को नहीं दोहराने चाहिए।