Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
निर्गमन 1 निर्गमन 2 निर्गमन 3 निर्गमन 4 निर्गमन 5 निर्गमन 6 निर्गमन 7 निर्गमन 8 निर्गमन 9 निर्गमन 10 निर्गमन 11 निर्गमन 12 निर्गमन 13 निर्गमन 14 निर्गमन 15 निर्गमन 16 निर्गमन 17 निर्गमन 18 निर्गमन 19 निर्गमन 20 निर्गमन 21 निर्गमन 22 निर्गमन 23 निर्गमन 24 निर्गमन 25 निर्गमन 26 निर्गमन 27 निर्गमन 28 निर्गमन 29 निर्गमन 30 निर्गमन 31 निर्गमन 32 निर्गमन 33 निर्गमन 34 निर्गमन 35 निर्गमन 36 निर्गमन 37 निर्गमन 38 निर्गमन 39 निर्गमन 40Verse
निर्गमन 15:1 निर्गमन 15:2 निर्गमन 15:3 निर्गमन 15:4 निर्गमन 15:5 निर्गमन 15:6 निर्गमन 15:7 निर्गमन 15:8 निर्गमन 15:9 निर्गमन 15:10 निर्गमन 15:11 निर्गमन 15:12 निर्गमन 15:13 निर्गमन 15:14 निर्गमन 15:15 निर्गमन 15:16 निर्गमन 15:17 निर्गमन 15:18 निर्गमन 15:19 निर्गमन 15:20 निर्गमन 15:21 निर्गमन 15:22 निर्गमन 15:23 निर्गमन 15:24 निर्गमन 15:25 निर्गमन 15:26 निर्गमन 15:27



निर्गमन 15:20—Immediate setting
इस पद में मिर्याम, जो हारून की बहन हैं, एक विशिष्ट दृश्य प्रस्तुत करती हैं: चमत्कारिक सुरक्षित पल से निकलकर मुक्तिस्थल के गीत-संगीत का एक दृश्य। इस पंक्ति में डफ उठाने वाली मिर्याम के नेतृत्व में सभी स्त्रियाँ डफ बजाती चलती हैं और वह लय के साथ नृत्य कर रहीं हैं। यह घटना उस समय की है जब इस्राएली लोग मिस्र की गुलामी से निकलकर खुले आकाश के नीचे राहत और जय का अनुभव कर रहे थे।
पाठ से क्या संकेत मिलता है—ईश्वर और विश्वास के बारे में
यह वाक्य ईश्वर की जय-जयकार का एक ठोस दृश्य है, जहाँ ईश्वर की महानता और उनके उद्धार की स्मृति एक समुदाय को एक साथ जोड़े रखती है। डफ और नृत्य के साथजो भाव दिखते हैं, वे यह दर्शाते हैं कि विश्वास भी मनुष्य की भौतिक अभिव्यक्तियों से जुड़ सकता है—उत्कृष्टता के क्षणों में हमारी स्मृति और प्रतिक्रियाएँ बाहरी रूप लेती हैं। यह गीत-गायन, प्रार्थना और समुदाय की एकता का प्रतीक बनता है।
मुख्य शब्द और imagery
अन्य समान संदर्भ और उनके अर्थ
यह घटनाक्रम यह दिखाता है कि liberation के क्षण समुदाय के साथ कैसे साझा होते हैं। शायद इस प्रकार के गीत-गायन पुराने नियम में विभिन्न अवसरों पर दोहराते हैं—यात्रा के प्रारम्भिक चरणों में भी और कटुता/कष्ट के बाद भी।
अनुशील पाठ से सम्बन्ध
1) व्यवस्थाओं के अंतर्गत उद्धार-यात्रा में गीत-गायन एक भूमिका निभाते हैं; 2) समुदाय के भीतर नेतृत्व की प्रेरक भूमिका; 3) ईश्वर की power को स्मरण कराते हुए मानवीयuitive expressions को अनुमति।
प्रासंगिक cross-references (संक्षेप में)
आज के जीवन में आवेदन
जब अनुभव करें कि मुश्किलें दूर हो रही हैं, तब भी यह जान लें कि उद्धार केवल व्यक्ति-विशेष के लिए नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के लिए है। परिवार, मित्र और समुदाय मिलकर यह स्मरण करें कि परमेश्वर ने कैसे असंभव को संभव किया। गीत-गायन और धन्यवाद के क्षणों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएँ; दुख-सुख, सब के बीच आस्था को साझा करें।
संक्षिप्त समेकन
इस पद की कार्रवाई एक खुशी-भरे उद्धार के स्मरण को दर्शाती है, जहाँ मिर्याम और स्त्रियाँ एक साथ डफ बजातीं और नृत्य करतीं—यह एकता, आस्था और परमेश्वर के काम की अभिव्यक्ति है।