निर्गमन 6:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब यहोवा ने मूसा से कहा, “अब तू देखेगा कि मैं फ़िरौन से क्या करूँगा; जिससे वह उनको बरबस निकालेगा, वह तो उन्हें अपने देश से बरबस निकाल देगा।”

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निर्गमन 6:1 पद-दर-पद बाइबल टीका

निर्गमन 6:1 का संदर्भ और तुरंत प्रभाव

निर्गमन 6:1 में यहोवा मूसा से कहते हैं कि वह फ़िरौन के साथ जो घटेगा उसे देखने के लिए तैयार रहे। परमेश्वर बतलाते हैं कि वह किस प्रकार मिस्र के राजा के मनोभावों को बदलेंगे ताकि लोग अपने समय-परिचय के अनुसार देश से निर्गत हो जाएँ। यह वचन उभरकर दिखाता है कि परमेश्वर अपने कर्तव्य में पूर्ण नियंत्रण रखते हैं और उनका समय आने पर ही प्रमाणित होता है।

ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ से जो संकेत मिलते हैं

यह वचन यह स्पष्ट करते हैं कि परमेश्वर अपने लोगों के उद्धार के लिए दृढ़ और योजनाबद्ध काम करते हैं। उन्होंने मूसा से कहा कि अभी नहीं, बल्कि भविष्य में वे फ़िरौन के साथ दिव्य कार्रवाई दिखाएंगे—ताकि बारम्बार किया गया दायित्व पूरा हो और इस्राएल के लोग स्वतंत्र होकर अपने खेतों, अपने घरों, और अपने देश में लौट सकें। विश्वास का पाठ यह है कि परमेश्वर के वचन समय के साथ सत्य होते हैं और हमारे मौलिक विश्वास की परीक्षा उनके सत्कार से बढ़ती है।

महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्टता

  • ": परमेश्वर की शक्ति का प्रदर्शन—बुरे शासन के भीतर भी उद्धार संभव है।
  • ": एक महान बाहर निकलना, जो राजा के निर्णय से बंधा नहीं, बल्कि परमेश्वर के आदेश से संचालित है।
  • ": इतिहास के बड़े परिवर्तन की कल्पना—नया सामाजिक-आर्थिक क्रम और दासता से मुक्ति।

अन्य पारायण संदर्भ (Cross-references) और उनका संक्षेप

  • उत्पत्ति 50:20 — विश्वास की दृष्टि: विपत्तियाँ भी परमेश्वर की योजना का हिस्सा हो सकती हैं ताकि उद्धार सामने आए।
  • यशायाह 43:19 — नए रास्ते और परिवर्तन: परमेश्वर नए खेत बना देते हैं और पुराने बंधनों को तोड़ते हैं।
  • 1 कुरिन्थियों 10:11 — पुरातन घटनाओं के पाठ से सीख: वे हमारे लिए शिक्षा purposes हैं ताकि हम आगे बढ़ें।

आज के जीवन के लिए अनुप्रयोग

इस वचन से प्रेरणा मिलती है कि कठिन परिस्थितियों में भी परमेश्वर की योजना के अनुरूप आगे बढ़ना चाहिए। हमें तत्काल परिणाम की जगह चरित्र-निर्माण और विश्वास की वृद्धि पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि परमेश्वर समय पर अपने उद्धार को संपन्न करते हैं। यदि हम असुरक्षित या दबे हुए प्रतीत होते हैं, तो याद रखें: परमेश्वर का मार्ग और समय सर्वथा विश्वसनीय है।

उद्धरण से भावानुबंध

यह टेक्स्ट धर्मशास्त्रीय साहित्य में विशिष्ट उद्धार-योजनाओं के साथ एक गहराई वाला साक्षात्कार प्रस्तुत करता है, जिसमें प्रसिद्ध पारिभाषिक टिप्पणियाँ भी शामिल हैं।

संक्षिप्त समापन

निर्गमन 6:1 यह सुस्पष्ट करता है कि परमेश्वर अपने लोगों के उद्धार के लिए नियंत्रण में हैं और उनका समय नियत है। हमारे विश्वास को दृढ़ बनाते हुए, यह संकेत देता है कि संकट के बीच भी उद्धार का मार्ग संभव है जब परमेश्वर अपने अविचल आदेशों के अनुसार आगे बढ़ते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

निर्गमन 6:1 समानांतर पद और संबंधित वचन

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और जो गूँधा आटा वे मिस्र से साथ ले गए उसकी उन्होंने बिना ख़मीर दिए रोटियाँ बनाईं; क्योंकि वे मिस्र से ऐसे बरबस निकाले गए, कि उन्हें अवसर भी न मिला की मार्ग में खाने के लिये कुछ पका सके, इसी कारण वह गूँधा हुआ आटा बिना ख़मीर का था।

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और मिस्री जो कहते थे, 'हम तो सब मर मिटे हैं,' उन्होंने इस्राएली लोगों पर दबाव डालकर कहा, “देश से झटपट निकल जाओ।”

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निर्गमन 12:31 (HINIRV) »
तब फ़िरौन ने रात ही रात में मूसा और हारून को बुलवाकर कहा, “तुम इस्राएलियों समेत मेरी प्रजा के बीच से निकल जाओ; और अपने कहने के अनुसार जाकर यहोवा की उपासना करो।

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