Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
निर्गमन 1 निर्गमन 2 निर्गमन 3 निर्गमन 4 निर्गमन 5 निर्गमन 6 निर्गमन 7 निर्गमन 8 निर्गमन 9 निर्गमन 10 निर्गमन 11 निर्गमन 12 निर्गमन 13 निर्गमन 14 निर्गमन 15 निर्गमन 16 निर्गमन 17 निर्गमन 18 निर्गमन 19 निर्गमन 20 निर्गमन 21 निर्गमन 22 निर्गमन 23 निर्गमन 24 निर्गमन 25 निर्गमन 26 निर्गमन 27 निर्गमन 28 निर्गमन 29 निर्गमन 30 निर्गमन 31 निर्गमन 32 निर्गमन 33 निर्गमन 34 निर्गमन 35 निर्गमन 36 निर्गमन 37 निर्गमन 38 निर्गमन 39 निर्गमन 40Verse
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reader-friendly overview
निर्गमन 6:18 में नेथनात्ते के पेरेड में यह सूची एक क्रमिक पंक्ति के रूप में दी गई है, जिसमें दासी-नाती की कुल संतान और उनके पिता के नामों का उल्लेख है। यह व recitals अध्याय में यह संकेत देता है कि कब उन्होंने अपने पूर्वजों के साथ आने वाले समय की घटनाओं को समझना शुरू किया, और यह पृथक नाम एक ही परिवार की विविध पंक्तियों को पहचानाने में मदद करते हैं। यह आयतन के भीतर एक छोटे-से पंक्ति-चक्र की तरह है जो बोध करता है कि परमेश्वर के लोग एक वास्तविक परिवार और इतिहास की दिशा में अग्रसर हैं।
verse in its chapter
यह दया-प्रकाश देता है कि कहात के पुत्र अम्राम, यिसहार, हेब्रोन और उज्जीएल थे, और कहात की पूरी अवस्था एक सौ सैंतीस वर्ष की हुई। यह विवरण यह दिखाता है कि यह परिवार कितना परम-आनंदित और पवित्र इतिहास का भाग है, और यह बताता है कि कायदे- कानून के अनुसार जन-गणना और वंशावली कितनी महत्व रखती है।
main spiritual lesson
इस वाक्य का मूल संदेश है—परिवार-चेन और विरासत एक स्थिर पहचान बनाते हैं। परमेश्वर अपने लोगों के इतिहास को स्मरण रखते हैं, और हर पीढ़ी की भूमिका एक-दूसरे से जुड़ी होती है। 137 वर्ष की आयु एक सीमांकन नहीं, बल्कि यह बताती है कि परमधाम का उद्देश्य समय के पार भी बना रहता है: उनके भीतर का विश्वास, परंपरा और प्रतिज्ञा एक दूसरे से जुड़ी रहती हैं। इससे सीख मिलती है कि हमारी अपनी विरासत और विश्वास की परंपरा कितनी अहम है और हम किस तरह अगली पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बनते हैं।
cross-references (brief explanations)
verse-focused study and application
मुख्य पाठ यह है कि भूतकाल की पंक्ति आज भी हमारी पहचान बनाती है। परिवार की गिनती या उम्र का उल्लेख केवल समय-खण्ड नहीं, बल्कि यह स्मरण का अभ्यास है कि परमेश्वर ने उनमें से हर एक को उद्धार-यात्रा के लिए चुना है। इस दृष्टि से हम देखें: - अपने परिवार और कुंजी व्यक्तियों के बारे में आभारी रहें; - अपनी विश्वास-परंपरा को बच्चों-जोड़ों के साथ साझा करें; - समय के साथ परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं पर दृढ़ रहना।
concise practical takeaway
summary
निर्गमन 6:18 से हम समझते हैं कि हर लोक-परिवार परमेश्वर की योजना में एक अद्वितीय भूमिका निभाता है और उम्र-आयु के साथ भी उनकी पहचान नहीं मिटती। यह शास्त्र हमें याद दिलाता है कि इतिहास और विरासत प्रभु की योजना की एक निरंतर धारा है, जिसमें हर पीढ़ी अपने हिस्से को स्वीकार कर चलती है।
उद्धरण उल्लेख: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से यदि किसी वाक्य का संक्षिप्त स्पष्ट उद्धरण मिला हो, उसे नीचे जोड़ा गया है:
“घाटों के बीच स्थिरता और वंश-वृत्ति की स्मृति परमेश्वर के चक्र में एक दृढ़ आधार हैं।”