निर्गमन 6:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और मैंने उनके साथ अपनी वाचा दृढ़ की है, अर्थात् कनान देश जिसमें वे परदेशी होकर रहते थे, उसे उन्हें दे दूँ।

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निर्गमन 6:4 पद-दर-पद बाइबल टीका

निर्गमन 6:4 का पटल: ईश्वर की वाचा और वंशानुक्रम

यहाँ परमेश्वर ने अभी-अभी अपने लोगों को मिस्र की गुलामी से मुक्त कर नई आशाओं के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। यह वाचा और वसीयत का संबंध कनान देश से जुड़ता है, जिसे वे परदेशी होकर रहते हैं, पर परमेश्वर उसे उनका भाग बनाना चाहते हैं। यह पंक्ति दर्शाती है कि ईश्वर अपने चुने हुए लोगों से स्थिर, पवित्र और स्थाईं संबंध बनाते हैं, भले ही परिस्थितियाँ कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों।

ईश्वर का वादा और विश्वास

आपत्ति के समय में भी परमेश्वर अपने दायित्व को निभाते हैं: उन्होंने अब्राहम, इसहाक, याकूब से पाई गई वाचा को दृढ़ किया है—यह वादा उनके साथ, उनकी पीढ़ियों के साथ बना रहा कि उनके परिवार को एक भूभाग मिलेगा और वे ईश्वर के निवास में रहें। इस वाचा का मूल उद्देश्य यह है कि God keeps his promises even when the circumstances seem to delay fulfillment. The text emphasizes God’s faithfulness in securing a future for the patriarchs’ descendants, despite their present status as foreigners in a land not their own.

शब्दार्थ और चित्रण

- वाचा: एक स्थिर उद्देश्य, जिसे ईश्वर ने अपने लोगों के साथ बांधा है—सार यह है कि वह उनके साथ है, उनकी सुरक्षा करता है और उन्हें उनकी मोक्षगामी राह दिखाता है।

- कनान देश: एक आधिकृत चिह्न जो भविष्य के निवास, ईश्वर के मनोरथ और बुलाहट का प्रतीक है। यह धरती केवल भौतिक नहीं, बल्कि ईश्वर के समानान्तर अवसर और भागीदारी का संकेत है।

संस्तुत क्रॉस-रेफरेंसेस

• उत्पत्ति 12:7 — ईश्वर ने अविकल्पित वाचा से आरम्भ किया कि उनको एक ऐसी भूमि दी जाएगी। यह पक्का उपाय कनान देश की ओर संकेत करता है।

• गिनती 14:24 — परमेश्वर की वाचा के लिए एक विश्वसनीय प्रतिपादक: पिता-शीलता और विश्वास के साथ आगे बढ़ना।

• यूहन्ना 14:2-3 — पिता के घर में many rooms; God’s promises extend beyond present hardship to a future dwelling with him.

प्रायोगिक धारा: आज की प्रार्थना

- यह पंक्ति बताती है कि कठिन समय में भी ईश्वर अपनी योजना से बाहर नहीं निकलते; वे वादे पूरी तरह निभाते हैं।

- हमारे लिए यह संदेश है कि हमारा जीवन भी किसी "भूभाग" के लिए नहीं, बल्कि परमेश्वर के साथ एक स्थिर संबंध के लिए है—चुने गए लोक के रूप में हमें विश्वास में स्थिर रहना चाहिए और ईश्वर की पंक्ति में रहने की इच्छा बनाए रखनी चाहिए।

क्या सीखा जाए?

  • ईश्वर की वाचा एक सत्य और स्थिर आधार है; उसे निभाने की उनकी ज़िम्मेदारी नैतिक है।
  • कनान देश, चित्रात्मक रूप से, पूर्व-निर्णित भागीदारी और उद्धार की आशा का प्रतीक है।
  • हमारी स्थिति चाहे कैसी भी हो, ईश्वर के साथ संबंध स्थिर रखना ही विश्वासी जीवन की कुंजी है।

यह पंक्ति हमें यह याद दिलाती है कि ईश्वर अपने चुने हुए लोगों का भाग्य स्वयं संजोते हैं—उनकी आज़ादी, सुरक्षा और आशीर्वाद के लिए वह वाचा के अनुसार आगे बढ़ते हैं, भले प्रतिकूल हालात क्यों न हों।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

निर्गमन 6:4 समानांतर पद और संबंधित वचन

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उत्पत्ति 28:4 (HINIRV) »
वह तुझे और तेरे वंश को भी अब्राहम की सी आशीष दे, कि तू यह देश जिसमें तू परदेशी होकर रहता है, और जिसे परमेश्‍वर ने अब्राहम को दिया था, उसका अधिकारी हो जाए।”

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उत्पत्ति 15:18 (HINIRV) »
उसी दिन यहोवा ने अब्राम के साथ यह वाचा बाँधी, “मिस्र के महानद से लेकर फरात नामक बड़े नद तक जितना देश है,

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उत्पत्ति 17:7 (HINIRV) »
और मैं तेरे साथ, और तेरे पश्चात् पीढ़ी-पीढ़ी तक तेरे वंश के साथ भी इस आशय की युग-युग की वाचा बाँधता हूँ, कि मैं तेरा और तेरे पश्चात् तेरे वंश का भी परमेश्‍वर रहूँगा।

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