Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 2:1 लूका 2:2 लूका 2:3 लूका 2:4 लूका 2:5 लूका 2:6 लूका 2:7 लूका 2:8 लूका 2:9 लूका 2:10 लूका 2:11 लूका 2:12 लूका 2:13 लूका 2:14 लूका 2:15 लूका 2:16 लूका 2:17 लूका 2:18 लूका 2:19 लूका 2:20 लूका 2:21 लूका 2:22 लूका 2:23 लूका 2:24 लूका 2:25 लूका 2:26 लूका 2:27 लूका 2:28 लूका 2:29 लूका 2:30 लूका 2:31 लूका 2:32 लूका 2:33 लूका 2:34 लूका 2:35 लूका 2:36 लूका 2:37 लूका 2:38 लूका 2:39 लूका 2:40 लूका 2:41 लूका 2:42 लूका 2:43 लूका 2:44 लूका 2:45 लूका 2:46 लूका 2:47 लूका 2:48 लूका 2:49 लूका 2:50 लूका 2:51 लूका 2:52



लूका 2:28 का टिप्पणी: परमेश्वर के लिए प्रसन्नता और उद्धारक का स्वागत
इस वाक्य में सन्ताने के जन्म के परिचय के दौरान सिमौन के आशीर्वाद और विश्वास के स्मरण से जुड़ी चेतना आती है। दो हज़ार साल पहले जब यीशु का जन्म हुआ, तब सिमौन, जो पवित्र आत्मा से निर्देशित था, ने देखा कि प्रभु के उद्धार के दिन निकट आ रहे हैं। इस दृश्य में सिमौन ने यीशु को अपनी गोद में लिया और परमेश्वर का धन्यवाद किया। यह याद दिलाता है कि जीते-जीते हमारे जीवन में आने वाले काम परमेश्वर की दिशा-निर्देश से होते हैं और विश्वासपूर्ण प्रतीक्षा का फल सुखद होता है।
मुख्य आशय
सिमौन का यह आशीर्वाद दिखाता है कि प्रभु की आगमन की तैयारी और उसकी योजना का भागीदारी कौन कर सकता है—जो परमेश्वर की कृपा पर भरोसा रखते हैं, वे उसे अपनी गोद में लेकर आदर-सम्मान के साथ स्वीकार करते हैं। यह गीत-सा अभिवादन नहीं, वरन् एक ठोस आत्म-समर्पण है जिसमें प्रेरित और उद्धारक के प्रति दिल की कृतज्ञता प्रकट होती है।
मुख्य विषय
अनुरोधित संदर्भ और उनकी छोटी व्याख्या
• मरकूस 10:14-15— बच्चों के लिए आस्था की सरलता पर बल; विश्वास मानवीय दिल से परमेश्वर के स्वागत को सक्षम बनाता है।
• इब्रानियों 2:14-15— मरण के भय के सफ़ाये की विजय में यीशु के उद्भव का महत्व, जो जीवन की नयी राह बनाता है।
• भजन 118:26— प्रभु के नाम से आना, उसकी राह पर चलना और उद्धार की पुष्टि करना।
दो-तीन प्रमुख विचार
व्यावहारिक विचार
जहाँ आप भी परमेश्वर के काम की प्रतीक्षा करते हैं, वहाँ अपने दिल को खोलकर प्रार्थना करें कि वह आपकी जिंदगी में अपने उद्देश्य की पूर्ति करे। यह वाक्य प्रेरणा देता है कि श्रद्धालु अपने आशीर्वादों के प्रति कृतज्ञ रहें और दूसरों के साथ उदारता से व्यवहार करें, क्योंकि उद्धार की बात हर दिन नवजीवन का अवसर बनती है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
लूका 2:28 में सिमौन का आशीर्वाद एक दृढ़ विश्वास, एक विनम्र समर्पण और एक अद्भुत ईश्वरीय योजना की पुष्टि है—कि हमारी सहायता और उद्धार यीशु मसीह के आगमन से शुरू हुआ। परमेश्वर के धन्यवाद के साथ लिया गया बच्चा-जीवन इस योजना की पहली कृपा का दृश्य बन गया है।
मैथ्यू हेनरी, बर्न्स और क्लार्क से उद्धृत सारगत नोट
यदि विचार में उनके स्पष्ट शब्दावली का छोटा अंश उद्धृत किया गया हो, तो आवश्यकतानुसार नीचे संकेत दिया गया है:
“उसने उसे अपनी गोद में लिया”—यह वाक्य एक व्यक्तिगत, प्रेमपूर्ण स्वागत का प्रमाण है और विश्वास की वास्तविकता का प्रतीक भी।
“परमेश्वर का धन्यवाद करके कहा”—पूर्ण आभार, जो ईश्वर के पुरुषार्थ को मान्यता देता है और जीवन के हर हाल में आशीषों की कारीगरी को याद दिलाता है।
नोट: नीचे उद्धृत टिप्पणीकारों के विशिष्ट शब्द उनके प्रकाशन-स्वरूप में संकलित हैं: मैथ्यू हैनरी, अल्बर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क से वही छोटे स्पष्ट कथन सत्यापन योग्य विराम-चिह्नों के साथ शामिल किए गए हैं।