Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 8:1 लूका 8:2 लूका 8:3 लूका 8:4 लूका 8:5 लूका 8:6 लूका 8:7 लूका 8:8 लूका 8:9 लूका 8:10 लूका 8:11 लूका 8:12 लूका 8:13 लूका 8:14 लूका 8:15 लूका 8:16 लूका 8:17 लूका 8:18 लूका 8:19 लूका 8:20 लूका 8:21 लूका 8:22 लूका 8:23 लूका 8:24 लूका 8:25 लूका 8:26 लूका 8:27 लूका 8:28 लूका 8:29 लूका 8:30 लूका 8:31 लूका 8:32 लूका 8:33 लूका 8:34 लूका 8:35 लूका 8:36 लूका 8:37 लूका 8:38 लूका 8:39 लूका 8:40 लूका 8:41 लूका 8:42 लूका 8:43 लूका 8:44 लूका 8:45 लूका 8:46 लूका 8:47 लूका 8:48 लूका 8:49 लूका 8:50 लूका 8:51 लूका 8:52 लूका 8:53 लूका 8:54 लूका 8:55 लूका 8:56



लूका 8:47 – स्त्री का विश्वास और यीशु के पास पहुँच
पद का तत्काल वर्तमान दृश्य: एक अनाम स्त्री ने यीशु के पास पहुंचकर, उसकी ताकत के कारण अस्पष्ट भय और सामाजिक टीका-टिप्पणी के बावजूद उसे छू लिया। वह जानती थी कि केवल स्पर्श से रोग दूर हो सकता है, और उसने चुपचाप किया, पर वह सबके सामने घोषित कर देती है कि उसने क्या किया और कब से उसे चंगी हो गई। इस घटना में यीशु आदि-शास्त्र से भरे समूह के बीच एक व्यक्तिगत चोट को चंगा करते दिखते हैं।
पाठ से जो सीख मिलती है
यह पाठ ईश्वर के विरुद्ध नहीं, बल्कि उनके पास आकर विश्वास दिखाने वाले के लिए एक नया जीवन दिखाता है। स्त्री का आभास है कि यीशु में शक्ति है और उस शक्ति से उसकी हर बीमारी मिट जाएगी। वह डर और आडंबर के बीच भी अपनी सच्ची श्रद्धा दिखाती है, और यीशु उसे आशीर्वादित करते हुए कहता है, “तुम्हारा विश्वास तुम्हे चंगी बनाता है; जाओ, तुम्हारी आस्था ने तुम्हें चंगी किया है।”
प्रमुख शब्द और चित्र की समझ
संबद्ध पाठ
यह घटना लोकेशनों में ज्यों-ज्यों बढ़ती है, वैसी ही धारा में बाजार की भीड़ और विश्वास के परीक्षण का चित्र मिलता है। संबंधित क्रॉस-रेफरेंसेज से आप देखेंगे कि यीशु के पास आकर विश्वास करने से चंगा होना एक सामान्य नियम बन जाता है (यूहन्ना 7:37–38; मत्ती 9:22) और व्यक्तिगत साक्ष्य समुदाय को प्रतिफलित करता है (मरकस 5:34; मत्ती 9:28–29)।
आज के जीवन में अनुप्रयोग
हम में से प्रत्येक के लिए यह प्रश्न है: क्या हम अपनी बीमारी, असुरक्षा या सामाजिक दबाव के कारण यीशु के पास पहुँचते हैं? इसका उत्तर विश्वास की सरल但 गहरी क्रिया में है—अपने डर के बावजूद उसे छूने की हिम्मत। यह घटना बताती है कि ईश्वर अपने लक्ष्य के अनुसार विश्वास के माध्यम से हमें चंगी करता है, चाहे परिस्थितियां कैसी भी क्यों न हों।
मौलिक विचार और पूर्व-दर्श
प्रकाशन-संकेत: जॉन कॉफिन और अन्य सार्वजनिक डोमेन टिप्पणीकारों के अनुसार: यह घटना विश्वसनीयता और स्पष्टता के साथ चंगा करती है—खुद का स्पर्श, अपने दुख की बात साझा करना, और प्रभु पर निर्भर रहना।
सूत्र-उद्धरण (संक्षेप)
मैथ्यू हेनरी, अलेक्ट बर्न्स, एडम क्लार्क के मौलिक विचारों से समाहित होते हुए, इस पाठ में यीशु के पास आकर विश्वास करने वाले की आत्म-स्थिति को उभारने की चर्चा मिलती है। उद्धरणों में उपयोग के लिए छोटे अंश उपलब्ध हो सकते हैं:
“तुम्हारे विश्वास ने तुम्हें चंगी किया है”—यह विचार पाठ के पूर्ण अर्थ को समेटे हुए है और कई टिप्पणीकारों की धारणा है कि विश्वास क्रिया से सत्यापन पाता है।
Cross-references की संक्षेप व्याख्या:
निष्कर्षत: यह पाठ एक जीवंत स्मरण देता है—ईश्वर पर निर्भर होकर हमारी कमजोरियाँ भी प्रकाश में आ सकती हैं, और व्यक्तिगत आस्था समाज में परिवर्तन का आरम्भ बन जाती है.