Old Testament
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मलाकी 3:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
सारे दशमांश भण्डार में ले आओ कि मेरे भवन में भोजनवस्तु रहे; और सेनाओं का यहोवा यह कहता है, कि ऐसा करके मुझे परखो कि मैं आकाश के झरोखे तुम्हारे लिये खोलकर तुम्हारे ऊपर अपरम्पार आशीष की वर्षा करता हूँ कि नहीं।
मलाकी 3:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मलाकी 3:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 कुरिन्थियों 9:6 (HINIRV) »
परन्तु बात तो यह है, कि जो थोड़ा बोता है वह थोड़ा काटेगा भी; और जो बहुत बोता है, वह बहुत काटेगा। (नीति. 11:24, नीति. 22:9)

मत्ती 6:33 (HINIRV) »
इसलिए पहले तुम परमेश्वर के राज्य और धार्मिकता की खोज करो तो ये सब वस्तुएँ तुम्हें मिल जाएँगी। (लूका 12:31)

नीतिवचन 3:9 (HINIRV) »
अपनी सम्पत्ति के द्वारा और अपनी भूमि की सारी पहली उपज देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना;
मुख्य विचार
Malachi 3:10 का मूल संदेश यह है कि परमेश्वर के भण्डार में दशमांश (tithe) ला कर ही हम आत्मिक और पार्थिव आशीषों के द्वार खोलते हैं। परमेश्वर यह चाहता है कि हमारी विश्वासयोग्यता और सहयोग की উৎস से वह आकाश से आशीषों की वर्षा बरसाता रहे। इस वचन में भक्ति और व्यवहार दोनों का समन्वय है — यदि हम उसे अवसर दें, वह हमारे जीवन में अधिक-से-अधिक संपन्नता का मार्ग बनाता है।
पाठ-संदेश का साहित्यिक संदर्भ
यह पंक्ति माला-बंध के रिकॉर्ड में भविष्य-प्रेरित उद्घोषणा के रूप में आती है, जहाँ यशायाह-झंझावात के बजाय देवता अपने लोक के साथ सहज संबंध और आशीष के प्रभाव की गारंटी देते हैं। दशमांश लेकर भवन के काम को सक्षम बनाना, यानि देवालय और सेवाकर्म के लिए संसाधन जुटाना, समुदाय की सामाजिक-आर्थिक टिकाऊपन को दर्शाता है।
धार्मिक-आर्थिक आयाम और आध्यात्मिक महत्व
इस वचन में धन-संरक्षण और दान की भूमिका स्पष्ट है: परमेश्वर यह कहता है कि यदि तुम व्यवस्था के अनुसार योगदान करोगे, तो वह आकाश के झरोखे खोल कर आशीष की वर्षा कर देगा। यह केवल वित्तीय लाभ नहीं, बल्कि परमेश्वर की सहभागिता में विश्वास को बढ़ाने का आह्वान है।
पूर्व-आख्यान तुलना और उद्धरण
कुछ प्राचीन टिप्पणीकारों ने इसे परमेश्वर के चमत्कारिक आशीष के स्रोत के रूप में देखा। नीचे संक्षेप में उनके विचार मिलते हैं:
कथा-संदर्भ संगति
छात्रिय भागों में यह विषय अक्सर पुराने नियम के भेंट-चढ़ाने और मंदिर सेवा के साथ जुड़ा रहा है। दान-स्वीकृति की यह धारणा कि परमेश्वर, हमारे विश्वास-आचरण के प्रभाव से, आशीषों की वर्षा करता है, दशमांश-प्रथा के साथ गहरा संबंध प्रतीत होती है।
पठन-चिन्ता के प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह पद हमें बताता है कि परमेश्वर के भवन और सेवाओं के लिए कल्याणकारी योगदान कैसे विश्वसनीय आशीषों के मार्ग बनाते हैं। दशमांश एक ऐसा मार्ग है जो ईश्वर के साथ निर्भरता और समुदाय के साथ साझा करने की नींव रखता है। यदि हम विश्वासपूर्वक देंगे, तो परमेश्वर असीम आशीषों से हमें आच्छादन करेगा।
क्रॉस-रेफरेंस (संकेतित संक्षेप)
- मल 3:10 के साथ संबंध रखने वाले उल्लेखन: दान के फल, परमेश्वर की आशीष, और घर-कार्य की जिम्मेदारी।
- अन्य संदर्भ जिनसे यह विचार बनते हैं: पुरानी व्यवस्था में मंदिर-सेवा और दान-प्रथाएं; उद्धार के बाद की समुदाय-जीवन में भागीदारी।