Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मरकुस 2:1 मरकुस 2:2 मरकुस 2:3 मरकुस 2:4 मरकुस 2:5 मरकुस 2:6 मरकुस 2:7 मरकुस 2:8 मरकुस 2:9 मरकुस 2:10 मरकुस 2:11 मरकुस 2:12 मरकुस 2:13 मरकुस 2:14 मरकुस 2:15 मरकुस 2:16 मरकुस 2:17 मरकुस 2:18 मरकुस 2:19 मरकुस 2:20 मरकुस 2:21 मरकुस 2:22 मरकुस 2:23 मरकुस 2:24 मरकुस 2:25 मरकुस 2:26 मरकुस 2:27 मरकुस 2:28



मरकुस 2:2 पर टिप्पणी
पद का_Context): इस पाठ में ईसा मसीह एक घर में प्रचार कर रहे होते हैं, और इतनी भीड़ जमा हो जाती है कि द्वार तक जगह नहीं रहती। दर्शक खोजते हैं कि वह क्या कहेंगे और कैसे सुन पाएंगे। यह घटना परमेश्वर के राज्य के साथ मानवीय जिज्ञासा और आत्म-उद्धारण के लिए एक गवाही बनती है: लोग Jesus के वचनों के लिए बड़ा आह्वान दिखाते हैं, भले ही परिस्थितियाँ कठिन क्यों न हों।
केंद्र विचार
यह verse प्रचार-कार्य के प्रभाव का एक मार्मिक चित्रण है: प्रभु के वचन की शक्तिशाली आकर्षण और लोगों की आध्यात्मिक जरूरत दोनों एक साथ चलते हैं। भीड़ की सामर्थ्य और Jesus की शांति—दोनों पृष्ठ एक साथ उभरते हैं। यीशु ने अपने संदेश को व्यावहारिक रूप से व्यक्त किया, और उपस्थित लोग उसे सुनने के लिए किसी भी बाधा को पार करने को तैयार थे।
मुख्य विषय
अनुशंसा पाठ्य संदर्भ
यहाँ उपयुक्त क्रॉस-रेफरेंसेज हैं जिन्हें आप देखें बिना पूर्ण पद-आनंद पाएँगे:
इन संदर्भों में स्पष्ट है कि वचन की आवाज़ कैसे मानवीय जीवन में प्रवेश कर के स्थिति-परिस्थितियों पर विजय पाती है, और किस तरह लोग इसे ग्रहण करते हैं।
व्यावहारिक विचार
इस कथा से आज के पाठक को सीख मिलती है कि: चाहे पथ में कितनी भी बाधाएँ आयें, प्रभु के वचन का प्रभाव बना रहता है; एक समुदाय के रूप में इसका सामूहिक सुनना और सुनाए जाना आवश्यक है। यदि आप किसी ऐसी स्थिति में हों जहाँ श्रोता बहुत हों, तब भी ईश्वर के उपदेश को बाँटने का उत्साह न घटे।
संक्षिप्त समापन
मरकुस 2:2 दिखाता है कि प्रभु के वचन के लिए लोग कितने अग्रसर होते हैं और कैसे भीड़ के बीच भी इन वचनों का प्रकाश फैलता है। यह प्रचार का एक उज्ज्वल दृश्य है जो यह संदेश देता है कि परमेश्वर की रसोई में स्थान सबके लिए है; बस लोग सुनने का मन बनाएं।
याद रखिए: यह पाठ Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-domain विचारों के साथ समन्वित एक नया, हिंदी-स्वर में निर्मित commentary है—जहाँ आवश्यक जगहों पर उनके छोटे स्पष्ट उद्धरण (जहाँ उपलब्ध) संकेतित हैं।