मरकुस 2:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यीशु ने यह सुनकर, उनसे कहा, “भले चंगों को वैद्य की आवश्यकता नहीं, परन्तु बीमारों को है: मैं धर्मियों को नहीं, परन्तु पापियों को बुलाने आया हूँ*।”

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मरकुस 2:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

मरकुस 2:17 —Immediate setting

पद 2:17 में यीशु तब बोलते हैं जब वे मलाकखोरी, पापियों के साथ भोजन कर रहे थे और धार्मिक नेताओं ने यह कहा कि क्यों वे चॉंगी लोगों के साथ चलते हैं। यीशु कहते हैं, भले चंगों को वैद्य की आवश्यकता नहीं, परन्तु बीमारों को है: मैं धर्मियों को नहीं, परन्तु पापियों को बुलाने आया हूँ। इस वक्त वह अपने मिशन के उद्देश्य को स्पष्ट करते हैं: ईश्वर का उद्धार प्रेम उन लोगाओं के लिए है जो आवश्यकतानुसार इलाज नहीं पाते, बल्कि आत्मिक रोग से पीड़ित हैं।

ईश्वर और विश्वास के बारे में इस पाठ से क्या संकेत मिलता है

यह पाठ दिखाता है कि ईश्वर का दयालु उदारता-भाव नियमों से परे है। यीशु का आह्वान “बीमारों” के लिए है—यानी वे सभी जो पाप, दुर्बलता या अस्वीकृति के कारण आत्म-निर्भर नहीं बन पाते। ईश्वर के राज्य के लिए आह्वान धर्मभीरुओं के बजाय पापियों के लिए है, ताकि वे चंगाई और新 जीवन प्राप्त करें। यह भी स्पष्ट करता है कि विश्वास का मुख्य कर्म आस्था है जो उद्धार की ओर ले जाता है, न कि बाहरी रीति-रिवाज या सामाजिक स्थिति।

महत्वपूर्ण शब्द और चित्र

“बीमारों” से आशय वह आध्यात्मिक रोग है जो व्यक्ति को परमेश्वर के वचन-आयाम से काट देता है—आत्मग्लानि, पाप की बाधा, चोरी और मृत्यु के डर। “धर्मियों” से आशय उन धार्मिक नेताओं से है जो नियमों के भीतर अपने मंच बना लेते हैं और दया को पीछे छोड़ देते हैं। यीशु का संदेश—उद्धार उनपर नहीं जो कानून का दावा करते हैं, बल्कि उन पर है जो क्षमा के लिए निर्भर रहते हैं।

अनुसंग पाठ (cross-references)

  • लूका 5:31-32 — यीशु बतलाते हैं कि वे स्वास्थ्य के लिए नहीं बल्कि पापियों के लिए आए हैं, ताकि वे पश्चात्ताप करें और चंगाई पाएँ।
  • मत्ती 9:12-13 — यीशु स्वयं स्पष्ट करते हैं कि “जो स्वस्थ हैं, उनका चिकित्सक को आवश्यकता नहीं” और यह कि उद्धार उन लोगों के लिए है जो पाप से घिरे हैं; भला मैं पापियों को बुलाने नहीं आया हूँ, परन्तु उनके लिए हूं जो पश्चात्ताप करते हैं।
  • यूहन्ना 3:17 — परमेश्वर ने दुनिया को उद्धार देने को भेजा, ताकि संसार के लोगों को बन सके; यह प्रेरित करता है कि उद्धारता की दिशा दया और सत्य की है, शास्त्रीय रीति-रिवाजों की योग्यता से नहीं।

इन संदर्भों में एक समान ध्वनि है: परमेश्वर का लक्ष्य रुके हुए या सक्षम नहीं ठहरने वाले लोगों के लिए उद्धार है—जो आत्मिक रोग से ग्रस्त हैं, उन्हें चंगाई मिलती है जब वे विश्वास के द्वारा ईश्वर की कृपा को स्वीकारते हैं।

आज के जीवन में अनुप्रयोग

  • विश्वास का केंद्र: धार्मिकता की बाहरीता से नहीं, बल्कि ईश्वर के अनुग्रह से पूर्वक व्यक्ति आत्म-आत्म-परख और पश्चात्ताप की ओर लौटे।
  • सहानुभूति और साथी-सेवा: समाज के किन्हीं वर्गों से अलग-अलग, पापियों और दुर्बल लोगों के साथ प्रेम और मसीह की दया दिखाने में Churches और समुदायों को सक्रिय होना चाहिए।
  • नयी जीवन की आशा: चंगाई केवल शारीरिक नहीं हो सकती; यह आत्मिक पुनर्जनन्म, आचार-व्यवहार में परिवर्तन और परमेश्वर के राज्य के साथ सहभागी बनने का आह्वान है।

संक्षेप निष्कर्ष

मरकुस 2:17 में यीशु स्पष्ट करते हैं कि उनका मिशन पापियों के लिए है—उद्धार का रास्ता पक्षपाती नियमों के भीतर नहीं, बल्कि दया और पश्चात्ताप के साथ खुलता है। यह पाठ हमें यह याद दिलाता है कि परमेश्वर का प्रेम क्रोध-रहित है, और जोंतु-भरे उद्धार के लिए वे ही आगे आते हैं जो अपने रोगी-हृदय को स्वीकार करते हैं।

उद्धरण संदर्भ: यह सार नवीनतम हिन्दी प्राथमिक अनुवाद HINIRV के अनुरूप है; नीचे उल्लेखित प्रसिद्ध हस्तलिखित टिप्पणीकारों के अनुमानित शब्द यदि मिले तो उद्धृत किए गए हैं:

“धर्मियों को नहीं, परन्तु पापियों को बुलाने आया हूँ” — Matthew Henry/Albert Barnes/Adam Clarke का पूर्ण उद्धरण पाठ उपलब्ध नहीं है, पर उनके विचारों के अनुरूप यह पाठ उद्धार की दया को केंद्रित करता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मरकुस 2:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

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मत्ती 9:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 9:12 (HINIRV) »
यह सुनकर यीशु ने उनसे कहा, “वैद्य भले-चंगों को नहीं परन्तु बीमारों के लिए आवश्यक है।

लूका 15:7 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 15:7 (HINIRV) »
मैं तुम से कहता हूँ; कि इसी रीति से एक मन फिरानेवाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा, जितना कि निन्यानवे ऐसे धर्मियों के विषय नहीं होता, जिन्हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं।

लूका 5:31 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 5:31 (HINIRV) »
यीशु ने उनको उत्तर दिया, “वैद्य भले चंगों के लिये नहीं, परन्तु बीमारों के लिये अवश्य है।

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