गिनती 14:20 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यहोवा ने कहा, “तेरी विनती के अनुसार मैं क्षमा करता हूँ;

पिछला पद
« गिनती 14:19
अगला पद
गिनती 14:21 »

गिनती 14:20 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य interpretive बिंदु

गिनती 14:20 में परमेश्वर की दया और सम्पन्न क्षमा-भाव का उद्घाटन स्पष्ट रूप से दिखता है। इतिहास-विवेचन के अनुसार मोशे की विनती और प्रार्थना के आधार पर यहोवा ने इज़राइल के सामूहिक दंड को स्थगित कर दिया, ताकि पथभ्रष्ट लोग एक बार फिर अवसर पाएं। मुख्य संदेश यह है कि परमेश्वर की क्षमा और दया इतने गहरे और व्यापक हैं कि वे ציבור के लिए भी परिवर्तनकारी हो सकते हैं, परन्तु विश्वास और पाप से मुक्ति का समय भी निर्दिष्ट रहता है।

पाठ के साहित्यिक संदर्भ (लिटरेरी contextual)

यह पाठ यहूदी समुदाय के बीच उत्साह-नाप-तोल की स्थिति में आता है: एक असफलता-घटित निर्णय और उसके बाद की दया-याचना। यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर की योजना व्यक्तियों के साथ-साथ समूह के लिये भी होती है—वह एक बार फिर से विश्वस्त रूप से मार्गदर्शन जारी रखता है जब लोग अधर्म से लौटते हैं।

आस्था-तत्व और theological significance

1) क्षमा का रूप—यहोवा के वचनों में एक प्रतिक्रियात्मक-कार्य है; 2) नीति-निर्देशन—दया के समय में भी ईश्वर न्याय के मार्ग से नहीं हटा जाता; 3) आस्था का पाठ—मोशे की अंतरंग प्रार्थना से यह सिद्ध होता है कि समुदाय की अपराध-गांठ के बावजूद परमेश्वर की करुणा सक्रिय रहती है।

Cross-references (3 मिनी-सम्बन्ध) और संक्षिप्त स्पष्टीकरण

  • यहोशू 1:9 — परिवर्तनशील परिस्थिति के बीच परमेश्वर की स्थिरता और साहस। यह दिखाता है कि परमेश्वर की वाचा संघर्ष के समय भी पूरी रहती है।
  • रोमियों 11:22 — ईश्वर के करुणा और न्याय दोनों का संतुलन; कैसे निवृत्ति और फिर से वापसी संभव है।
  • नीतियों 3:12—13 — क्रोध के बाद भी करुणा का समय, और विश्वास के साथ पुनः स्थिर रहना।

संक्षिप्त व्याख्या: यह संदर्भ दर्शाते हैं कि परमेश्वर का दयालुता-स्वभाव समय-समय पर पुनर्विचार और सुधार के अवसर देता है, बशर्ते लोग भक्ति में लौटें।

प्रश्न-चिंतन के लिये

  1. क्या आप अपने जीवन में उन क्षणों की पहचान कर सकते हैं जब परमेश्वर की दया ने आप पर पहुँची? आप कैसे प्रतिक्रिया करते हैं?
  2. कैसे आप समुदाय के सामने विश्वास के साथ मार्गदर्शित हो सकते हैं जब गलतियाँ हो जाती हैं?
  3. क्या आप समझते हैं कि क्षमा के साथ न्याय भी संतुलित रहता है? इसका आपका व्यवहार पर क्या प्रभाव पड़ता है?

छोटा निष्कर्ष

गिनती 14:20 यह दर्शाता है कि परमेश्वर का क्षमा-प्रावधान मानवीय असफलताओं के बीच भी बना रहता है। यह एक प्रेरणा है कि विपत्ति के समय भी ईश्वर की करुणा सक्रिय रहती है, और विश्वासपूर्वक पुनःस्थापन की राह खुली रहती है।

केवल उद्धरण (केवल यदि आवश्यक हों)

Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से यदि स्पष्ट उद्धरण आवश्यक हो तो उनके प्रमुख विचार नीचे मापा गया है:

— Matthew Henry: “...”; “...”

— Albert Barnes: “...”; “...”

— Adam Clarke: “...”; “...”

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

गिनती 14:20 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 106:23 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 106:23 (HINIRV) »
इसलिए उसने कहा कि मैं इन्हें सत्यानाश कर डालता यदि मेरा चुना हुआ मूसा जोखिम के स्थान में उनके लिये खड़ा न होता ताकि मेरी जलजलाहट को ठण्डा करे कहीं ऐसा न हो कि मैं उन्हें नाश कर डालूँ।

मीका 7:18 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मीका 7:18 (HINIRV) »
तेरे समान ऐसा परमेश्‍वर कहाँ है जो अधर्म को क्षमा करे और अपने निज भाग के बचे हुओं के अपराध को ढाँप दे? वह अपने क्रोध को सदा बनाए नहीं रहता, क्योंकि वह करुणा से प्रीति रखता है।

याकूब 5:16 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
याकूब 5:16 (HINIRV) »
इसलिए तुम आपस में एक दूसरे के सामने अपने-अपने पापों को मान लो; और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिससे चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें