Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
गिनती 1 गिनती 2 गिनती 3 गिनती 4 गिनती 5 गिनती 6 गिनती 7 गिनती 8 गिनती 9 गिनती 10 गिनती 11 गिनती 12 गिनती 13 गिनती 14 गिनती 15 गिनती 16 गिनती 17 गिनती 18 गिनती 19 गिनती 20 गिनती 21 गिनती 22 गिनती 23 गिनती 24 गिनती 25 गिनती 26 गिनती 27 गिनती 28 गिनती 29 गिनती 30 गिनती 31 गिनती 32 गिनती 33 गिनती 34 गिनती 35 गिनती 36Verse
गिनती 31:1 गिनती 31:2 गिनती 31:3 गिनती 31:4 गिनती 31:5 गिनती 31:6 गिनती 31:7 गिनती 31:8 गिनती 31:9 गिनती 31:10 गिनती 31:11 गिनती 31:12 गिनती 31:13 गिनती 31:14 गिनती 31:15 गिनती 31:16 गिनती 31:17 गिनती 31:18 गिनती 31:19 गिनती 31:20 गिनती 31:21 गिनती 31:22 गिनती 31:23 गिनती 31:24 गिनती 31:25 गिनती 31:26 गिनती 31:27 गिनती 31:28 गिनती 31:29 गिनती 31:30 गिनती 31:31 गिनती 31:32 गिनती 31:33 गिनती 31:34 गिनती 31:35 गिनती 31:36 गिनती 31:37 गिनती 31:38 गिनती 31:39 गिनती 31:40 गिनती 31:41 गिनती 31:42 गिनती 31:43 गिनती 31:44 गिनती 31:45 गिनती 31:46 गिनती 31:47 गिनती 31:48 गिनती 31:49 गिनती 31:50 गिनती 31:51 गिनती 31:52 गिनती 31:53 गिनती 31:54
Immediate setting of the passage
गिनती 31:36 वह भाग जो युद्ध करने गए सैनिकों का था, उसका आधा भाग उन सेना-वाले पशुओं के साथ गिन लिया गया: भेड़-बकरियाँ तीन लाख साढ़े सैंतीस हजार। यह हिस्सा मारे गए दुश्मनों के बाद भी, वैश्यिक शत्रुओं के विरुद्ध लड़ी गई लड़ाई का हिस्सा है। यह पाठ बस्ती-यात्रा के वर्षों के बाद के नतीजे को दर्शाता है, जब इस्राएलियों ने मिद्यों और अन्य दुश्मनों के विरुद्ध विजय प्राप्त की।
क्या निहित है इस वचन् में—ईश्वर और विश्वास के बारे में
यह आंकड़ा बताते हैं कि परमेश्वर ने भेजे गए सैनिकों के सम्मिलन से जो संपत्ति बची, उसे उचित रूप से विभाजित किया जाना चाहिए था। ईश्वर की योजना और संरक्षण इस भाग में स्पष्ट है: धन-संपत्ति का विभाजन उचित, व्यवस्थित और वफादार व्यवस्था के अनुसार किया गया। यह दिखाता है कि परमेश्वर आदेश देता है और लोग उसका सत्य पालन करते हैं।
शब्दों और चित्रों का स्पष्टीकरण
संबद्ध पवित्र ग्रंथीय संदर्भ
1) सकारात्मक दृष्टिकोण: यह वस्तु–विभाजन संदर्भ यह दिखाता है कि युद्ध-वापसी के बाद स्मारक-संपत्ति का व्यवस्थित वितरण परमेश्वर का आयोजक-कार्य है।
2) सुसंगतता: अन्य आयामों में भी यह दर्शाया गया है कि कर्मों के परिणाम और संपत्ति के विभाजन में ईश्वर की उपस्थिति बनी रहती है।
3) विश्वास और निर्देश: परमेश्वर के आदेशों के अनुसार, जो कुछ भी बचा है, उसका न्यायसंगत आवंटन आवश्यक है, ताकि सभी समुदाय एकजुट रहें।
आज के लिए उपयोगी सीख
संदर्भ और पूरक विचार
यही विचार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सामान्य टूकेन चर्चित व्याख्यानों में देखे जाते हैं, जहाँ वे दृढ़ता से बताते हैं कि परमेश्वर के नियंत्रण में संपत्ति-आंकड़े और सामाजिक व्यवस्था का सम्मान कैसे समुदाय की सामंजस्यता बनाता है।
उद्धृत स्पष्ट वाक्य: Matthew Henry के शब्द: “...the Lord’s ordinance was to be observed with faithfulness and order.” (उद्धरण संक्षेप)
संक्षिप्त समापन
यह वचन हमें याद दिलाता है कि ईश्वर की नज़र में सहयोगी समुदाय के लिए न्यायपूर्ण विभाजन और व्यवस्था आवश्यक है, ताकि विजय के बाद भी समाज में समानता और सुरक्षा बनी रहे।